Noida में क्यों हिंसक हुआ कर्मचारियों का प्रोटेस्ट, आंदोलन या साज़िश?

By अभिनय आकाश | Apr 13, 2026

पिछले तीन-चार दिन से हम देख रहे हैं कि श्रमिक हड़ताल कर रही हैं। प्रोटेस्ट कर रही हैं। उनकी मांग है कि उनका वेतन बढ़ाया जाए। उनकी मांग है कि ओवरटाइ का उनको पैसा दिया जाए। उनकी मांग है कि उनको वीकली ऑफ दिया जाए और सम्मानित तरीके से उनको काम करने दिया जाए। उनका शोषण ना हो। उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। 13 अप्रैल को सुबह-सुबह यानी अगर आज सुबह का मैं जिक्र करूं तो देखते ही देखते नोएडा के अलग-अलग क्षेत्रों में ये जो साइलेंट प्रोटेस्ट चल रहा था, यह अचानक से उग्र हो गया। कितना उग्र हो गया? गाड़ियां जला दी गई। जो तस्वीरें सामने आई है उसको देखने के बाद अंदाजा लगाया जा सकता है। जोर-जोर से नारे लगाए जा रहे हैं। यह प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र हो गया। जो लोग अपने ऑफिसों के लिए निकले थे वो अपने ऑफिस नहीं जा पाए। पुलिस बल वहां पर तैनात कर दिया गया और स्थिति को कुछ ऐसा दिखाने की कोशिश की गई कि सब कुछ आउट ऑफ कंट्रोल है।

प्रशासन ने की शांति की अपील

इससे पहले 12 अप्रैल को गौतम बुद्ध नगर की डीएम मेधा रूपम ने नोएडा प्राधिकरण में एक मीटिंग ली थी जिसमें प्रमुख सचिव श्रम और यूपी के जो लेबर कमिश्नर हैं वह भी इसमें वर्चुअली शामिल हुए थे। इस मीटिंग में जो कर्मचारी हैं उनके हितों की सुरक्षा, ओवरटाइ का दुगना भुगतान, बोनस, वीकली ऑफ और वर्क बेस, सेफ्टी और सिक्योरिटी को लेकर बातचीत की गई थी। इसके बाद कर्मचारियों से अपील करते हुए डीएम मेधा रूपम ने एक वीडियो भी पोस्ट किया था। आपको सुनवाते हैं। सभी श्रमिक भाई बहनों से यह मेरी अपील है कि आप सब शांति पूर्वक अपने अपने कार्यस्थल पर जाएं और कार्य करें। साथ में आपसे यह भी अपील है कि जिले का सौहार्द बनाए रखें व कानून व्यवस्था भी बनाए रखें। इसके साथ-साथ आपसे यह भी अपील है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से प्रभावित नहीं हो। हालांकि प्रशासन के आश्वासन के बाद भी नोएडा में कर्मचारियों की मांगे अब भी बरकरार हैं। अभी भी कोई समाधान नहीं निकला है। जिसकी वजह से सोमवार को यह जो प्रोटेस्ट है वो हिंसक हो गया और आगजनी जगह-जगह की गई है। इससे पहले हरियाणा के गुरुग्राम में भी आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों के जो कर्मचारी हैं प्राइवेट कंपनी उनके कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी। बाद में हरियाणा सरकार की तरफ से मिनिमम वेतन या जो कि मिनिमम वेजेस होते हैं उनकी दरों में करीब 35% का इजाफा करने की बात कही गई थी जो कि 1 अप्रैल से एप्लीकेबल होगा। इसके तहत अनस्किल्ड वर्कर का वेतन ₹11,275 से बढ़ाकर ₹15,220 किया गया। सेमी स्किल्ड वर्कर का वेतन ₹12,430 से बढ़ाकर ₹16,780, स्किल्ड वर्कर का वेतन ₹13,704 से बढ़ाकर ₹18,500 और हाईली स्किल्ड वर्कर का वेतन ₹14,389 से बढ़ाकर ₹19,425 करने की बात कही। यही मांग नोएडा में भी जो कर्मचारी हैं, वह कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Noida में उग्र प्रदर्शन पर बोले CM Yogi, 'श्रमिकों को उनका अधिकार मिलना चाहिए मगर अराजकता बर्दाश्त नहीं होगी'

श्रमिकों का वेतन को लेकर योगी का ऐलान

औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समय पर और सम्मानजनक पैसे देने के निर्देश दिए हैं। शनिवार देर शाम आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के बीच उभर रहे असंतोष और हालिया प्रदर्शनों का संज्ञान लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अगले 24 घंटे के भीतर औद्योगिक संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और इकाई प्रबंधन से सीधा संवाद स्थापित करें और समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से प्राथमिकता पर सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी जनपदों में श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए । उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित, सम्मानजनक और मानवीय कार्य वातावरणमिलना चाहिए। उनके अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विश्रामगृह, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक औद्योगिक इकाई की अनिवार्य जिम्मेदारी है।  योगी जी ने यहां तक कहा है कि भाई सारे कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी और ये कहा था कि आप अपने यहां वर्क आवर कम कीजिए। लेबर लॉस का पालन कीजिए। यह सब हुआ है। उसके बाद ये प्रोटेस्ट शुरू हुआ।  

नोएडा आंदोलन पर क्या बोले अखिलेश

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मेरठ के सेंट्रल मार्केट में हो रही तोड़फोड़ के साथ आंदोलन और नोएडा में श्रमिकों की हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ पूंजीपतियों का पोषण कर रही है और श्रमिकों, छोटे व्यापारियों का शोषण कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का 'भ्रष्टाचार का पेट सुरसा के मुंह जैसा है' और जो व्यापारी आज भाजपा के साथ खड़े हैं, वे भी जल्द ही इनकी गलत नीतियों का शिकार बनेंगे। अखिलेश यादव ने 1857 की क्रांति का जिक्र करते हुए कहा कि मेरठ एक बार फिर इतिहास दोहराएगा। कहा कि 1857 के बाद अब मेरठ से एक और स्वतंत्रता आंदोलन जन्मेगा, जो आज के साम्राज्यवादी सत्ताधारी गिरोह के खिलाफ होगा। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले काले कानूनों से खेती-किसानी खत्म करने की कोशिश की और अब मल्टीनेशनल कंपनियों के इशारे पर भारत का परंपरागत व्यापार खत्म कर रही है ताकि अर्थव्यवस्था पर चंद खरबपतियों का कब्जा हो जाए। 

प्रमुख खबरें

Neck Pain Warning: गर्दन दर्द को न करें नजरअंदाज, Spinal Infection और Tumor का हो सकता है संकेत

Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद Jantar Mantar का आंदोलन खत्म, क्या बोले Abhijeet Dipke?

Pakistan Army पर अंधा भरोसा न करे America, विशेषज्ञ ने Hybrid System पर दी बड़ी चेतावनी

Spain Fire Crisis: 70 हजार लोगों ने छोड़ा घर, Madrid में धुएं का गुबार, प्रशासन ने जारी किया Emergency Alert