By अंकित सिंह | Nov 08, 2024
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के धुले में चुनावी रैली को संबोधित किया और इंडिया गुट पर हमला बोला। पीएम ने कहा कि महाराष्ट्र बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए पर भरोसा करता है और आगामी राज्य चुनावों में उनके गठबंधन के लिए वोट करेगा। इसके साथ ही मोदी ने लोगों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सोचिए, अलग-अलग जातियों में टूटने से आप कितने कमजोर हो जाएंगे। इसलिए मैं कहता हूं - एक हैं तो सेफ हैं। हमें एकजुट रहकर कांग्रेस के खतरनाक खेल को नाकाम करना है और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ते रहना है।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर नरेंद्र मोदी योगी आदित्यनाथ के नारे को बार-बार क्यों दोहरा रहे हैं? क्या मोदी कोई बड़ा संकेत देने की कोशिश कर रहे हैं? राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो कहीं ना कहीं लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा अब पूरी तरीके से हार्डकोर हिंदुत्व रास्ते पर एक बार फिर से चलने की कोशिश में है। यही कारण है कि तमाम प्रयासों के बावजूद भी योगी आदित्यनाथ को पार्टी में प्रमुखता दी जा रही है। नरेंद्र मोदी भी उनकी बातों पर अमल कर रहे हैं। साथ ही साथ योगी आदित्यनाथ ने जो यह दोनों नारा दिया है, वह पूरी तरीके से हिंदुओं को एकजुट करने की कवायत में फिट साबित हो रहा है और विपक्ष के जातिगत जनगणना वाले दांव के खिलाफ उपयोगी साबित हो सकता है।
योगी आदित्यनाथ का बटेंगे तो कटेंगे वाला नारा हरियाणा में जबरदस्त तरीके से हिट हुआ। हरियाणा में तमाम अटकलों के बावजूद भी परिणाम जो आए, वह भाजपा के पक्ष में रहे। भाजपा ने जबरदस्त जीत हासिल की। भाजपा ने बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाई। यही कारण है कि नरेंद्र मोदी योगी आदित्यनाथ के इन नारों को बार-बार दोहरा रहे हैं। उन्हें पता है कि योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता है और अगर वह हिंदू वोटों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं तो इसमें भाजपा को फायदा होगा। यही कारण है कि नरेंद्र मोदी भी उन्हीं नारों को दोहरा रहे हैं जो योगी आदित्यनाथ लगातार अपनी चुनावी सभा में कह रहे हैं।