हमेशा विवादों में ही रहना क्यों पसंद है तृणमूल की सांसद महुआ मोइत्रा को

By अनुराग गुप्ता | Feb 15, 2021

पश्चिम बंगाल के कृष्णनगर से सांसद महुआ मोइत्रा को आज हर कोई जानता है। पहली बार साल 2019 में लोकसभा पहुंचीं महुआ मोइत्रा अपने पहले भाषण से ही सुर्खियों में छा गईं थीं। उनका भाषण बहुत चर्चित हुआ था और विवादों में भी आया था। उन्होंने राहत इंदौरी के शेर के साथ अपना अंग्रेजी भाषा में दिया गया भाषण समाप्त किया था।
जो आज साहब-ए-मसनद हैं, वो कल नहीं होंगे
किराएदार हैं, जाती मकान थोड़े न है
सब ही का खून शामिल है यहां की मिट्टी में
किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़े ही है

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कैसा रहा प्रारंभिक जीवन ?

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती गई महुआ मोइत्रा ने ठीक वैसे-वैसे अमेरिका से लेकर इंग्लैंड तक की कई बड़ी कंपनियों में अहम पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं और फिर साल 2008 में स्वदेश लौटीं। 

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राजनीतिक जीवन

साल 2008 में हिन्दुस्तान लौटने के बाद महुआ मोइत्रा ने कांग्रेस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। उन्होंने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की टीम में काम किया है लेकिन फिर उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की तरफ अपना रुख कर लिया।

तृणमूल में जल्द ही उन्हें प्रवक्ता का पद मिल गया और साल 2009 में ही उन्होंने टीवी डिबेट में पार्टी का पक्ष रखना शुरू कर दिया था। तेज-तर्रार और अक्रामक रवैये की वजह से तृणमूल में उनकी काफी अच्छी पकड़ हो गई और वह धीरे-धीरे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी लोगों में भी शामिल हो गईं। 

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विवादों से है पुराना रिश्ता

एक्टिव पॉलिटिक्स में आने के बाद महुआ मोइत्रा का विवादों के साथ रिश्ता कायम रहा। कभी अपने भाषणों की वजह से तो कभी पुलिस पर हाथ उठाने के आरोपों की वजह से सुर्खियों में बनी रहती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले साल असम में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच में महुआ मोइत्रा पर एक पुलिसकर्मी पर हाथ उठाने का आरोप लगा था। हालांकि इसके बाद वह कई मामलों को लेकर विवादों में रही हैं। जिसमें हाल फिलहाल का पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पर टिप्पणी का भी मामला है।

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