नुपूर शर्मा मामले में दो जजों की टिप्पणियों पर हंगामा क्यों बरपा है?

By डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Jul 04, 2022

नुपुर शर्मा के मामले में भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के दो जजों ने बहस के दौरान जो टिप्पणियां की हैं, उन्हें लेकर देश में काफी बहस छिड़ गई है। अनेक लोग उनकी टिप्पणियों पर सख्त नाराजी जाहिर कर रहे हैं। वे पूछ रहे हैं कि उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के लिए नुपुर को जिम्मेदार ठहराने वाले जजों से कोई पूछे कि उनकी नुपुर-विरोधी टिप्पणियों के कारण यदि नुपुर या किसी अन्य व्यक्ति की हत्या हो जाए तो क्या इन सम्मानीय जजों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?

इसे भी पढ़ें: गुजरात दंगों से लेकर नूपुर शर्मा मामले तक: अदालतों की मौखिक टिप्पणियों का कानूनी तौर पर क्या मतलब है?

इन जजों का यह प्रश्न भी ध्यान देने लायक है कि पत्रकार तो वैसी टिप्पणी कर सकता है लेकिन किसी पार्टी-प्रवक्ता को उत्तेजित होकर वैसी टिप्पणी करनी चाहिए क्या? हमारे राजनीतिक नेता और उनके प्रवक्ता खास तौर से टीवी चैनलों पर काफी निरंकुश टिप्पणियां कर देते हैं। उनको उसका करारा जवाब विरोधी लोग दिए बिना मानते नहीं हैं। टीवी मालिक तो यही चाहते हैं। यदि तू-तू मैं-मैं जमकर चले तो उनकी दर्शक-संख्या बढ़ेगी लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि इससे देश का कितना नुकसान हो सकता है। ऐसी बहसों को रोकने के लिए टीवी चैनलों पर भी अंकुश लगाया जाना जरूरी है। बेहतर तो यही हो कि इस तरह के विवादास्पद मुद्दों पर जो भी बहस हो, उसे पहले से रेकार्ड और संपादित करके ही जारी किया जाए। वरना जो कुछ उदयपुर और अमरावती में हुआ है, वह बड़े पैमाने पर भी हो सकता है। स्वतंत्र भारत के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन ने अपने दिल का दर्द कल अमेरिका के भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए सार्वजनिक कर ही दिया। उन्होंने कहा कि सत्तारुढ़ और विपक्षी नेता, दोनों ही चाहते हैं कि न्यायपालिका उनकी तरफ झुके लेकिन उसका धर्म उसके निष्पक्ष रहने से ही सुरक्षित रह सकता है। बहुत दुख की बात है कि हमारे प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता अपनी-अपनी रोटियां सेंकने से अब भी बाज नहीं आ रहे हैं। क्या उन्हें इस बात का ज़रा भी अंदाज नहीं है कि उनकी कारगुजारियों के चलते यह धर्म-निरपेक्ष भारत धर्मयुद्ध का स्थल बन सकता है? 

-डॉ. वेदप्रताप वैदिक

प्रमुख खबरें

Allahabad High Court ने हमीरपुर में स्कूल सड़क के लिए Forest NOC देने का आदेश दिया

Raipur Police के खिलाफ ईसाई संगठन का मोर्चा, दुर्व्यवहार के आरोप में कार्रवाई की मांग

JPNIC Lucknow के संचालन और रखरखाव को UP Cabinet की मंजूरी, 30 साल की लीज पर दिया

Kurukshetra Murder: महिला ने तीन चाकुओं से की पति की हत्या, जांच जारी