इजराइल और सऊदी के बीच बसा छोटा सा देश, भारत के लिए क्यों अहम है PM Modi का Jordan दौरा?

By अभिनय आकाश | Dec 15, 2025

ना तेल का खेल ना हथियारों का सौदा भारत के लिए क्यों अहम है इजराइल और सऊदी के बीच बसा छोटा सा जॉर्डधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा पर रवाना हो चुके हैं। पीएम मोदी की यात्रा चार दिनों की होगी। वो सबसे पहले जॉर्डन पहुंचेंगे। जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह द्वितीय से वन टू वन मीटिंग करेंगे। भारत जॉर्डन संबंधों के 75 साल पूरे होने के मौके पर ये यात्रा काफी अहम मानी जा रही है। जॉर्डन के बाद मोदी अफ्रीकी देश इथोपिया का दौरा करेंगे। पीएम इथोपिया में 16 और 17 दिसंबर को रहेंगे। यह उनकी पहली इथोपिया यात्रा होगी। वहां से पीएम मोदी ओमान के दौरे पर जाएंगे।

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प्रधानमंत्री मोदी की जॉर्डन यात्रा

प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा की शुरुआत जॉर्डन की यात्रा से करेंगे। यह जॉर्डन की उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। वे किंग अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन के निमंत्रण पर 15-16 दिसंबर को इस पश्चिमी एशियाई देश में रहेंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, भारतीय प्रधानमंत्री किंग अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात करेंगे और भारत और जॉर्डन के बीच संबंधों के समग्र पहलुओं का आकलन करेंगे तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे। आतंकवाद-विरोधी उपायों, ऊर्जा साझेदारी और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक बदलाव के बीच उभरते आर्थिक अवसरों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और जॉर्डन अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और किंग अब्दुल्ला के भारत-जॉर्डन व्यापार सम्मेलन को संबोधित करने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने कहा भारत और जॉर्डन के बीच मजबूत आर्थिक संबंध भी हैं, भारत जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार का मूल्य 2.8 अरब डॉलर है। हाल ही में जॉर्डन ने भारत के साथ संपर्क मजबूत किया है। रॉयल जॉर्डन ने हाल ही में अम्मान और मुंबई के बीच सीधी उड़ानें शुरू की हैं और नई दिल्ली तक अपनी सेवाएं बढ़ाने की योजना बना रही है। जॉर्डन भारतीय पर्यटकों को आगमन पर ही पर्यटक वीजा प्रदान करता है।

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भारत का चौथा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर

जॉर्डन, इजराइल और सऊदी के बीच बसा एक छोटा सा देश है जिसके पास ना तेल है और ना ही हथियारों से इसका लेना देना है। लेकिन भारत का चौथा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। जॉर्डन मिडिल ईस्ट का ऐसा देश है जो इजराइल और अमेरिका का साथ देता है। ईरान इजराइल टेंशन हो या गाजा युद्ध जॉर्डन की नीतियां अमेरिका इजराइल समर्थित ही रही हैं। जॉर्डन भारतीय पर्यटकों को टूरिस्ट वीजा ऑन अराइवल देता है और अब ई वीजा भी उपलब्ध है। लगभग 17,500 भारतीय जॉर्डन में रहते हैं जो टेक्सटाइल, निर्माण, स्वास्थ्य और आईटी सेक्टर्स में काम करते हैं। दोनों देशों के बीच पर्यटन, निवेश, खाद्य व्यापार और प्रौद्योगिकी में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारत और जॉर्डन के बीच से संबंध हमेशा से दोस्ताना और भरोसे पर आधारित रहे हैं। दोनों देशों ने 1947 में पहला औपचारिक समझौता किया और 1950 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित किए। हाल के वर्षों में उच्च स्तरीय यात्राओं ने रिश्तों को और मजबूत किया है।

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डिजिटल हेल्थ मिशन पर अहम चर्चा

2018 में किंग अब्दुल्ला द्वितीय भारत यात्रा पर आए थे। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोबाल और कई मंत्री भी जॉर्डन जाते रहे हैं। अप्रैल 2025 में दोनों देशों के बीच चौथे दौर की फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन भी हुई। भारत जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2023 से लेकर 2024 में दोनों देशों का व्यापार 2.875 अरब अमेरिकी डॉलर यानी कि 25858 करोड़ का रहा है। भारत ने जॉर्डन को ₹1465 मिलियन यानी कि 13 करोड़ का निर्यात किया था। भारत मुख्यत इलेक्ट्रिकल उपकरण, अनाज, केमिकल, पेट्रोलियम और ऑटो पार्ट्स भेजता है। जॉर्डन से उर्वरक, फास्फेट और फास्फेरिक एसिड आयात किए जाते हैं। दोनों देशों की कंपनियों के बीच बड़े निवेश भी हैं। फास्फेट और टेक्सटाइल क्षेत्रों में 1.5 अरब डॉलर का महत्वपूर्ण भारतीय निवेश है। वहीं इफको जेपीएमसी का 860 मिलियन डॉलर वाला ज़िफको प्रोजेक्ट फॉरेस्फेरिक एसिड उत्पादन में अहम है। 15 से अधिक भारतीय मूल की गवर्नमेंट कंपनियां भी जॉर्डन में काम करती हैं। 2025 में हेल्थ पर जॉइंट वर्किंग ग्रुप की बैठक में मेडिसिन रेगुलेशन, मेडिसिन डिवाइस और डिजिटल हेल्थ मिशन पर अहम चर्चा हुई।

आईटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित

कोविड-19 के दौरान दोनों देशों ने आपसी मदद की। भारत ने जॉर्डन को 5 मिलियन डॉलर की दवाइयां और वैक्सीन भी भेजी। शिक्षा दोनों देशों के लोगों को जोड़ने का बड़ा माध्यम है। 2500 से अधिक जॉर्डेनियन भारतीय विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्र हैं। हर साल लगभग 500 छात्र भारत में पढ़ते हैं। भारत ने जॉर्डन में आईटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया है। जहां साइबर सिक्योरिटी, मशीन लर्निंग और बिग डाटा में ट्रेनिंग दी जाती है। बॉलीवुड फिल्में जॉर्डन में बहुत लोकप्रिय हैं। कई हिंदी फिल्मों की शूटिंग जॉर्डन में हुई है। ज़ेरश फेस्टिवल जैसे बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारत की प्रस्तुतियां नियमित रूप से शामिल होती हैं। योग दिवस 2025 में जॉर्डन की राजकुमारी बस्मा बिंत अली ने हिस्सा लिया था। यहां भारतीय समुदाय अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और त्यौहार मनाता है। यानी दोनों के देश दोनों देशों में अच्छी खासी पकड़ है और अच्छी खासी पकड़ का मतलब अच्छे खासे रुशते हैं। अब दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जाने वाले हैं। क्यों यह जॉर्डन का दौरा पीएम मोदी के लिए जरूरी है। 

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