By अंकित सिंह | Jan 19, 2026
कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने सोमवार को केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भारत के विकास में तमिलनाडु राज्य की अहम भूमिका होने के बावजूद, सरकार उसे महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में नजरअंदाज कर रही है। टैगोर ने कहा कि सरकार ने मदुरै और कोयंबटूर मेट्रो परियोजनाओं के साथ-साथ होसुर हवाई अड्डे की परियोजना को भी अनदेखा किया है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा कि तमिलनाडु देश के विकास में अहम भूमिका निभाने के बावजूद, इन परियोजनाओं समेत अपने हक के विकास कार्यों से वंचित है।
टैगोर ने आगे लिखा कि मदुरै मेट्रो नहीं... कोयंबटूर मेट्रो नहीं... अब तो होसुर हवाई अड्डा भी नहीं... तमिलनाडु की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को एक-एक करके नकारा जा रहा है। यह अलग रवैया क्यों? जीडीपी, निर्यात, लघु एवं मध्यम उद्यम और रोजगार - तमिलनाडु भारत के विकास में अहम भूमिका निभाता है। फिर भी, क्या इसे केंद्र सरकार की योजनाओं में नजरअंदाज किया जा रहा है? उन्होंने मदुरै और कोयंबटूर को देश के दक्षिणी क्षेत्र के प्रमुख विकास केंद्र बताते हुए होसुर को उद्योग, रसद और रोजगार की रीढ़ बताया। केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए टैगोर ने जोर दिया कि इन परियोजनाओं को अस्वीकार करना लाखों लोगों के लिए अवसरों की पहुंच में बाधा है।
उन्होंने कहा कि मदुरै, कोयंबटूर - दक्षिण भारत के प्रमुख विकास केंद्र। होसुर - उद्योग, रसद और रोजगार की रीढ़। इन परियोजनाओं को अस्वीकार करना लाखों लोगों के लिए अवसरों को अस्वीकार करना है। टैगोर ने राजनीतिक सहयोग और संघवाद के रुख पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या यह केवल भाषणों तक ही सीमित है और इसका कोई कार्य योजना बनाने का इरादा नहीं है? उन्होंने कहा कि राजनीतिक सहयोग के बिना विकास? क्या संघवाद सिर्फ भाषणों के लिए है, कार्यों के लिए नहीं?
कांग्रेस सांसद ने स्थिति को भेदभावपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में राज्य की उपेक्षा के गंभीर परिणामों की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु ने कोई एहसान नहीं मांगा है। वह सिर्फ अपना उचित हिस्सा मांग रहा है। लोकतंत्र में विकास में पक्षपात अस्वीकार्य है। यह भेदभाव क्यों, श्री मोदी? तमिलनाडु को लगातार हाशिए पर क्यों रखा जा रहा है? जनता देख रही है। वे 2026 में भी आपको ‘ना’ कहेंगे।”