भाजपा में क्यों शामिल हुए जितिन प्रसाद? हर एक सवाल का दिया जवाब

By अंकित सिंह | Jun 10, 2021

कई सालों तक कांग्रेस में रहने के बाद आखिरकार वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद भाजपा में शामिल हो गए। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि कांग्रेस से अचानक उन्होंने भाजपा में जाना बेहतर क्यों समझा? इसी को लेकर जितिन प्रसाद से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मेरा कांग्रेस से तीन पीढ़ी पुराना नाता है। इसलिए यह फैसला आसान नहीं था। बहुत सोच-विचार कर, लोगों से बातचीत की और अपने ज़मीर की आवाज़ सुनकर ये किया। मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि आज के परिप्रेक्ष्य में बीजेपी और पीएम मोदी का नेतृत्व सबसे सक्षम है। यह पार्टी आने वाली पीढ़ी के लिए भी उपयोगी साबित होगी।  

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वरिष्ठ नेताओं की आलोचना पर जितिन ने कहा कि मैं यूपी की स्थिति और लोगों और कांग्रेस के बीच संबंध को जानता हूं। मैंने सब कुछ सोचने के बाद यह फैसला किया। इससे पहले भाजपा में शामिल होने वक्त जितिन ने कहा था कि आज से मेरे राजनीतिक जीवन का एक नया अध्याय शुरु हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि बाकी दल तो व्यक्ति विशेष और क्षेत्र विशेष के होकर रह गए हैं। आज देश हित के लिए कोई दल और नेता सबसे उपयुक्त है और वह मजबूती के साथ खड़ा है तो वह भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी नि:स्वार्थ भाव से भारत की सेवा कर रहे हैं और सभी चुनौतियों का डट कर मुकाबला कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वह जिस नये भारत का निर्माण कर रहे हैं उसमें मुझे भी छोटा सा योगदान आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए करने को मिलेगा। यह विचार करके मैं आज इस निर्णय (भाजपा में शामिल होने के) पर पहुंचा हूं।’’ 

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जितिन प्रसाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे जितेंद्र प्रसाद के पुत्र हैं जिन्होंने पार्टी में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं। उन्होंने सोनिया गांधी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ा था। जितिन प्रसाद ने 2004 में शाहजहांपुर से पहली बार लोकसभा का चुनाव जीता था और उन्हें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में इस्पात राज्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने 2009 में धौरहरा सीट से जीत दर्ज की। फिर उन्होंने संप्रग सरकार में पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस, सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के बड़े ब्राह्मण चेहरे के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने वाले जितिन प्रसाद को 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

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