By अभिनय आकाश | Jan 21, 2025
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ले ली है। लेकिन जिस वक्त डोनाल्ड ट्रंप शपथ ले रहे थे, ठीक उसी वक्त सब की नजर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर पर गई। जयशंकर की तस्वीर ने सभी को हैरान कर दिया है। जो लोग भारत में बैठकर भारत को ही कोसते रहते हैं। वो जयशंकर की तस्वीर को देखकर रो रहे हैं। कुछ कट्टरपंथी लोग मजे लेते हुए कह रहे थे कि डोनाल्ड ट्रंप के शपथग्रहण समारोह में पीएम मोदी क्यों नहीं गए। ये तो आपको पता चल ही जाएंगे। लेकिन जयशंकर की मौजूदगी से वामपंथी गैंग को तगड़ा झटका लगा है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को सबसे एक्सक्लूसिव सीट दी। एस जयशंकर को पहली पंक्ति में बिठाया गया वो भी उस सीट पर जो बिल्कुल डोनाल्ड ट्रंप के सामने थी। इससे बड़ा वीआईपी ट्रीटमेंट शायद किसी देश को नहीं मिला। सबसे हैरान करने वाली बात है कि अमेरिका के ट्रीटी पार्टनर देश भी तीसरी और चौथी पंक्ति में बैठे थे।
नाइजीरिया के राष्ट्रपति पद की शपथ के वक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गए थे। मालदीव में जब मोहम्मद मुइज्जू ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली तो वहां केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू गए थे। ईरान में जब पेजेस्कियान ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली तो वहां नितिन गडकरी गए थे। 2024 में इंडोनेशिया और मैक्सिको के लिए विदेश राज्य मंत्री पवित्र मर्गेटा को भेजा गया था। ऐसे में पीएम मोदी का ना जाना भी एक पॉलिसी का हिस्सा ही है। कई लोग सवाल कर रहे हैं कि फिर डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग को न्यौता क्यों भेजा। इसका जवाब अमेरिका और चीन के लगातार बिगड़ते रिश्तों में है। अमेरिका और चीन में जो ट्रेड वॉर चल रही है उसे शांत करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप शी जिनपिंग से मिलना चाहते थे। लेकिन जिनपिंग ने आने से ही मना कर दिया।