By मिताली जैन | Aug 18, 2026
पकौड़े खाना आखिर किसको अच्छा नहीं लगता। अक्सर लोग मेहमानों के आने पर या फिर शाम की चाय के साथ गरमा-गरम पकौड़े खाना काफी पसंद करते हैं। पकौड़े खाने में तो बेहद ही टेस्टी लगते हैं, लेकिन इनके साथ एक समस्या यह होती है कि वे बहुत अधिक ऑयली बन जाते हैं।
पकौड़े के बैटर को लेकर की जाने वाली यह सबसे आम गलती है। जब बेसन में जरूरत से ज्यादा पानी डाल दिया जाता है, तो बैटर सब्जी की सतह पर एक मजबूत परत बनाने के बजाय पतली कोटिंग करता है। ऐसे में तलते समय यह कोटिंग जल्दी सिकुड़ सकती है और उसकी संरचना में छोटे-छोटे खाली स्थान बन सकते हैं। यही जगह बाद में तेल को पकड़ने लगती है। बैटर हमेशा इतना गाढ़ा हो कि सब्जी को डुबोने पर उसके चारों तरफ एक समान परत चढ़े, लेकिन इतना भी गाढ़ा न हो कि बेसन की मोटी, आटे जैसी परत बन जाए।
कुछ लोग पतले बैटर से परेशान होकर उसमें बार-बार बेसन डालते जाते हैं और यह गलती भी तेल सोखती जाती है। दरअसल, ऐसा करने से बैटर इतना भारी हो जाता है कि पकौड़े की बाहरी परत मोटी बनने लगती है। मोटी परत के अंदर मौजूद नमी को बाहर निकलने में ज्यादा समय लगता है। अगर पकौड़ा सही तरीके से नहीं पकता, तो बाहर से तैयार दिखने के बावजूद अंदर नमी रह सकती है।
यह एक छोटी-सी गलती नजर आती है, लेकिन सब्जी वाले पकौड़ों में इससे बड़ा फर्क पड़ सकता है। दरअसल, नमक सब्जियों से पानी बाहर खींचता है। अगर प्याज या दूसरी नमीयुक्त सब्जियों को नमक डालकर काफी देर तक छोड़ दिया जाए, तो वे अतिरिक्त पानी छोड़ सकती हैं और आपका बैटर धीरे-धीरे पतला हो सकता है। इसलिए, आप यह तरीका आजमाएं। बेसन की मात्रा शुरुआत में जरूरत से बहुत ज्यादा न रखें, बल्कि प्याज के नमी छोड़ने के बाद बैटर की वास्तविक कंसिस्टेंसी देखकर जरूरत के अनुसार बेसन एडजस्ट करें।
- मिताली जैन