By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 05, 2021
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर गैंगस्टर से विधायक बने मुख्तार अंसारी को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से जवाब मांगा है। शुक्रवार को जारी एक बयान में सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा दोहरापन कांग्रेस का चरित्र है और वह हर घटना को अपने चश्मे से देखती है। राजनीतिक लाभ के लिए वह किसी का भी समर्थन कर सकती है, यहां तक कि देश और समाज के दुश्मनों का भी। दुर्दांत अपराधी मुख्तार अंसारी के मामले में कांग्रेस शासित पंजाब सरकार का रवैया इसका सबूत है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में शायद ही कोई ऐसा उदाहरण मिले जिसमें किसी राजनीतिक दल की एक माफिया के प्रति इस कदर सहानुभूति उमड़ी हो कि उसकी पैरोकारी में वह सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच जाए।
उन्होंने कहा कि मुख्तार के बहाने उनकी (कांग्रेस) नजर वर्ग विशेष के वोट पर है पर उनके ये मंसूबे पूरे नहीं होंगे। योगी सरकार अलग तरह की सरकार है और वह अपराधियों और माफिया को सत्ता के संरक्षण के रूप में खाद-पानी नहीं देती बल्कि उनका मान मर्दन करती है और करती रहेगी। उल्लेखनीय है कि अभी हाल में गाजीपुर के मोहम्मदाबाद से भारतीय जनता पार्टी की विधायक अलका राय ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि राजस्थान और पंजाब में उनकी पार्टी की सरकारें गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी और उनके बेटे अब्बास अंसारी को राज्य अतिथि का दर्जा दे रही हैं।
विधायक अलका राय ने प्रियंका को 30 जनवरी को लिखे पत्र में कहा था, ‘‘आपसे मुझे शोक के साथ कहना पड़ रहा है कि आपके नेतृत्व में पंजाब और राजस्थान की सरकार मेरे पति के हत्यारे कुख्यात अपराधी मुख्तार अंसारी और उसके बेटे अब्बास अंसारी को राज्य अतिथि का दर्जा दे रखा है। इसका प्रमाण अखबार में छपी तस्वीरें है जिससे स्पष्ट है कि सरकारी संरक्षण में राजस्थान सरकार ने मुख्तार के बेटे अब्बास की धूमधाम से शादी करायी। प्रियंका गांधी को लिखे पत्र में उन्होंने आगे कहा कि ये तस्वीरें देखकर मुझे और मेरे परिवार को कष्ट हुआ। इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उप्र की अदालतों में वांछित अपराधी मुख्तार अंसारी को लाने के लिये 32 बार अपने वाहन भेज चुके है लेकिन आप और आपकी पंजाब सरकार मुख्तार को बचाने में लगी है। अलका राय गाजीपुर जिले के मुहम्मदाबाद क्षेत्र के विधायक रहे कृष्णानंद राय की पत्नी हैं, जिनकी 2005 में गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी। अंसारी और सात अन्य लोग इस मामले में सबूत न मिलने पर बरी हो गये थे। वर्तमान में मऊ से बहुजन समाज पार्टी के विधायक मुख्तार अंसारी फिलहाल फिरौती के एक मामले में पंजाब की रोपड़ जेल में बंद है।
उधर, बहुजन समाज पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने पिछले दिनों कहा था कि योगी सरकार बसपा विधायक मुख्तार अंसारी के विरूद्ध राजनीतिक एजेंडे के तहत प्रतिशोध वश कार्रवाई कर रही है। अफजाल अंसारी विधायक मुख्तार अंसारी के बड़े भाई हैं। अफजाल अंसारी ने आरोप लगाया था कि योगी सरकार मुख्तार अंसारी की हत्या की साजिश के तहत उसे पंजाब से उत्तर प्रदेश पेशी के बहाने लाना चाहती है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष नवंबर माह में मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अपने पति की हत्या की आशंका जताते हुए हस्तक्षेप की मांग की थी। अफशां ने अपने पत्र में अपने परिवार के देश की आजादी की लड़ाई में दिये गये योगदान काजिक्र किया था।