वेदांता-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर परियोजना गुजरात जाने से महाराष्ट्र की राजनीति गर्माई, शिंदे दिल्ली आकर मोदी से मिलेंगे

By नीरज कुमार दुबे | Sep 15, 2022

भारतीय समूह ‘वेदांता’ और ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी ‘फॉक्सकॉन’ का सेमीकंडक्टर संयंत्र गुजरात में चले जाने से महाराष्ट्र की राजनीति गर्मा गयी है। महाराष्ट्र के विपक्षी दल शिंदे-फडणवीस सरकार पर निशाना साध रहे हैं और कह रहे हैं कि एक बड़ी परियोजना को राज्य से बाहर जाने दिया गया। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दावा किया है कि राज्य की पूर्ववर्ती महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार ने इस परियोजना को लेकर सहयोग नहीं किया। शिंदे ने कहा कि वह परियोजना के गुजरात चले जाने पर आरोप-प्रत्यारोप के खेल में नहीं पड़ना चाहते। उन्होंने विपक्ष को आत्मनिरीक्षण करने की भी सलाह दी। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि पूर्ववर्ती एमवीए सरकार ने परियोजना को लेकर सहयोग नहीं किया और कंपनी को नहीं पता था कि सरकार बदल जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार डेढ़ महीने पहले ही सत्ता में आई है। मैं इस घटनाक्रम को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के खेल में नहीं पड़ना चाहता। हालांकि, मुझे लगता है कि विपक्ष को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।’’ शिंदे ने यह भी कहा कि वेदांता समूह ने कहा है कि वह महाराष्ट्र में आईफोन और टीवी विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगा। यही नहीं, इस प्रकार की भी खबरें हैं कि शिंदे ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से फोन पर बात की। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने भरोसा दिया है कि महाराष्ट्र के लिए इससे भी बड़ी परियोजना दी जायेगी।

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इस बीच, राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती महा विकास आघाड़ी सरकार इस नुकसान के लिए जिम्मेदार है, क्योंकि तत्कालीन सरकार ने परियोजना की पेशकश पर सात महीने तक कोई तेजी नहीं दिखाई, जबकि नयी सरकार ने जुलाई में 38,831 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि को मंजूरी दी थी। मंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए गुजरात सरकार और वेदांता-फॉक्सकॉन के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रधनमंत्री से बात की थी। सामंत ने आरोप लगाया, ‘‘एमवीए सरकार की देरी और मूर्खता के कारण परियोजना गुजरात चली गई।’’ सामंत ने कहा कि शिंदे और फडणवीस के नेतृत्व में राज्य का एक प्रतिनिधिमंडल अगले 8 से 15 दिनों के भीतर प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा और राज्य के लिए एक (ऐसी ही) परियोजना प्राप्त करने का प्रयास करेगा।

उधर, जहां तक इस मुद्दे पर हो रही राजनीति की बात है तो आपको बता दें कि शिवसेना नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा है कि पूर्ववर्ती एमवीए सरकार द्वारा परियोजना को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने संभावित निवेशकों का विश्वास खो दिया है। वहीं कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है कि अगर भविष्य में मुंबई गुजरात चली जाए तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा। पटोले ने कहा, ‘‘यह परियोजना गुजरात चली गई क्योंकि महाराष्ट्र में भाजपा के नेताओं की अधिक दिलचस्पी दिल्ली में अपने आकाओं को खुश करने में है। वे चाहते हैं कि उन्हें गुजरात के नेताओं का आशीर्वाद मिलता रहे।'' 

बहरहाल, हम आपको बता दें कि वेदांता और फॉक्सकॉन 1.54 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ गुजरात में देश का पहला सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करेगी। सेमीकंडक्टर या माइक्रोचिप का इस्तेमाल कई डिजिटल उपभोक्ता उत्पादों में होता है। इसका इस्तेमाल कारों से लेकर मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड तक के उत्पादन में किया जाता है।

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