By अभिनय आकाश | Jun 23, 2026
पाकिस्तान के अशांत प्रांत यानी कि बलूचिस्तान से एक बड़ी और विवादास्पद खबर सामने आई है। बलोच अधिकारियों की मुखर आवाज और बलचिस्तान की शेरनी के नाम से चर्चित एक्टिविस्ट मेहरंग बलोच को एंटी टेररिज्म कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुना दी है। यह फैसला जुलाई 2024 में ग्वादर में आयोजित बलोच सभा और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक सुरक्षा अधिकारियों की मौत से जुड़े मामले सामने आए। अदालत ने बलूच कमेटी बीवाईसी के नेता सिगुतुल्लाह शाह को भी दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। हालांकि इस फैसले ने पाकिस्तान ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और बलूच समुदाय के बीच भी तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। अब बीवाईसी और मेहरंग के समर्थकों का यह आरोप है कि यह मुकदमा राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित था और इसका मकसद बलूच आंदोलन को कुचलना है। संगठन का यह कहना है कि अदालत ने कमजोर और संदिग्ध सबूतों के आधार पर यह फैसला दिया है और दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इसे कानून के शासन और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का हिस्सा बता रही है।
सबसे पहले बात करते हैं पाकिस्तान के कुल भूभाग की तो लगभग 44% हिस्सा बलस्तान में इसका है और ऐसे में अरब सागर से जुड़ा सबसे रणनीतिक प्रांत और ग्वादर पोर्ट पाकिस्तान का भविष्य का व्यापारिक हब रहा है। बता दें कि ईरान और अफगानिस्तान से अंतरराष्ट्रीय जो सीमाएं हैं जो यहां का पूरा एरिया है वो लगता है और ऐसे में चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी कि सेपेक का ये सबसे बड़ा केंद्र रहा है और दूसरी तरफ ऊर्जा और खनिज संसाधनों का ये सबसे बड़ा भंडार रहा है और यही वजह है कि बार-बार यहां पर अपने इस्तेमालों के लिए पाकिस्तान कई बार ऐसे कदम उठा लेता है जिसे लेकर कई सवाल पाकिस्तान की नीति को लेकर उठते रहे हैं। पाकिस्तान की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था का रणनीति आधार रहा है और इसलिए बता दें कि पाकिस्तान की नजर उस हिस्से पर रहती है और देखिए 44% हिस्सा बलिस्तान में लगता है और यहां पर जो नेचुरल खनिज है यह बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है जिसे लेकर अलग-अलग तरीके से पाकिस्तान यहां पर कदम उठाते रहता है और वहां पर लोगों पर जुल्म ढा रहा है।
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