By अभिनय आकाश | May 30, 2022
देश की ग्रैंड ओल्ड पार्टी ने राज्यसभा के लिए 10 उम्मीदवारों का ऐलान किया तो उसे भरोसा था कि सियासत के सातों सुर साध लिए गए हैं। लेकिन ऐसा हो न सका। राज्यसभा के लिए टिकट का ऐलान हुआ तो कांग्रेस में बखेड़ा खड़ा हो गया। पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आवाज उठाई और फिर बात बढ़ती चली गई। पवन खेड़ा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई। पवन खेड़ा ने बाद में डैमेज कंट्रोल के लिए परिवार के परिवार के प्रति वफादारी साबित करने की कोशिश की। लेकिन तब तक बात दूर तक निकल चुकी थी।
2024 का लोकसभा चुनाव सिर पर है। माना जा रहा है कि उससे पहले उठी ये असंतोष की आवाज कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। कांग्रेस के कुछ नेता अपनी नाराजगी भले ही जाहिर कर रहे हों पर लिस्ट देखकर पहली नजर में ही ये साफ प्रतीत होता है कि पार्टी के टॉप लीडरशिप ने अपने वफादारों को मौका दिया है। खासकर, ऐसे चेहरों को जो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के करीबी माने जाते हैं। वैसे ये तो काफी समय से चर्चा में है कि पार्टी की तरफ से सारे बड़े फैसले में राहुल औऱ प्रियंका की पसंद को ही तरजीह दी जाती है। इसे इस बात से भी समझ सकते हैं कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान में चुनाव होने हैं लेकिन दोनों ही राज्यों में पार्टी हाइकमान की तरफ से स्थानीय नेताओं की परवाह किए बगैर अपने भरोसेमंद और वफादारों को ही तवज्यों देना जरूरी समझा।