By अभिनय आकाश | Nov 08, 2025
न्यूयॉर्क वैसे भी कोई साधारण शहर नहीं है, फिर भी ज़ोहरान ममदानी की जीत न्यूयॉर्क के मानकों के हिसाब से भी असाधारण है। महज 34 साल के भारतीय/दक्षिण एशियाई/युगांडाई मूल के मुस्लिम व्यक्ति ममदानी और उनके विचारों को दुनिया भर में प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। इन विचारों में से एक है उनका फ़िलिस्तीन समर्थक और ज़ायोनिज़्म विरोधी रुख़, यही वजह है कि उनकी जीत ने इज़राइल और उसके यहूदी नागरिकों के एक बड़े हिस्से में भी हलचल मचा दी है।
अमेरिका की मुख्यधारा की राजनीति लंबे समय से कट्टर रूप से इज़राइल समर्थक रही है, तब भी जब संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक दृष्टिकोण तेल अवीव की नीतियों और युद्धों की आलोचना करते रहे हैं। ममदानी का चुनाव अब तक के रुख़ में आए बदलाव का सबसे मज़बूत उदाहरण माना जा रहा है। एक तरह से, यह अमेरिकी जनता, ख़ासकर युवा डेमोक्रेटिक मतदाताओं के बीच इज़राइल के प्रति समर्थन में आई नरमी को दर्शाता है, जबकि रिपब्लिकन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ममदानी के ख़िलाफ़ लगातार बयानबाज़ी कर रहे हैं।