By अंकित सिंह | Dec 02, 2022
देश में इस वक्त समान नागरिक संहिता की मांग लगातार उठ रही है। इसे हिंदू संगठनों की ओर से उठाया जा रहा है। इन सब के बीच भाजपा शासित राज्यों में इसको लेकर कमेटी गठित करने के बात भी सामने आ रही है। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले इसको लेकर भाजपा ने बड़ा चुनावी ऐलान किया था। राज्य में मिली जीत के बाद भाजपा ने कमेटी भी गठित कर दी है। गुजरात चुनाव से पहले भाजपा की ओर से बड़ा दांव खेला गया और यूसीसी को लेकर कमेटी गठित कर दी गई। हिमाचल में भी यूसीसी को लेकर एक कमेटी गठित करने की बात कही गई है। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ऐलान कर दिया है कि मध्यप्रदेश में वह समान नागरिक संहिता को लेकर एक कमेटी बना रहे हैं। इसका मतलब साफ है कि धीरे-धीरे भाजपा शासित राज्य अपने यहां समान नागरिक संहिता को लेकर कमेटी बनाने की ओर बढ़ रहे हैं।
इससे पहले ही भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में साफ तौर पर कह दिया है कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने को लेकर पूरी तरीके से प्रतिबद्ध है। गृह मंत्री ने कहा था कि न सिर्फ भाजपा ने, बल्कि संविधान सभा ने भी संसद और राज्यों को उचित समय आने पर यूसीसी लागू करने की सलाह दी थी, क्योंकि किसी भी धर्मनिरपेक्ष देश में कानून, धर्म के आधार पर नहीं होने चाहिए। यदि राष्ट्र और राज्य धर्मनिरपेक्ष हैं तो कानून धर्म पर आधारित कैसे हो सकते हैं? हर धर्म के व्यक्ति के लिए संसद या राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित एक ही कानून होना चाहिए।