By अंकित सिंह | Feb 26, 2022
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। उत्तर प्रदेश में 7 चरणों में विधानसभा के चुनाव होने हैं जिनमें से अब तक चार चरण के चुनाव हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश की 4 बार मुख्यमंत्री रहने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती इस चुनाव में उतनी सक्रिय नजर नहीं आ रही है जितनी वह पहले हुआ करती थीं। इसको लेकर विपक्ष लगातार मायावती पर कई सवाल उठा रहा है। दावा किया जा रहा है कि मायावती चुनाव के बाद भाजपा से गठबंधन कर सकती हैं। इस बात की संभावना तब और बढ़ गई जब अमित शाह ने बीएसपी की तारीफ कर दी। इसके बाद से विपक्ष भी बीएसपी को भाजपा की बी टीम बताने लगा। इसी कड़ी में बसपा सुप्रीमो मायावती का भी जवाब सामने आ गया है।
विरोधी दलों की दाल नहीं गल पा रही: मायावती
बसपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बढ़ती महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दे लोगों के दिल-दिमाग पर हावी हैं और इसलिए विरोधी दलों की दाल नहीं गल पा रही है। मायावती ने ट्वीट किया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान बढ़ती महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, द्वेषपूर्ण राजनीति, लचर कानून-व्यवस्था, रोजगार के अभाव में पलायन की मजबूरी व लावारिस पशु आदि ज्वलंत मुद्दे लोगों के दिल-दिमाग पर हावी होने से विरोधी पार्टियों की दाल यहां सही से गल नहीं पा रही है। शुभ संकेत। मायावती ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि बसपा जनहित व कल्याण के इन्ही मुद्दों पर यह चुनाव लड़ रही है, ताकि सही नीयत व नीति से काम करके राज्य में 2007 से 2012 की तरह अच्छे दिन लाए जा सकें। उन्होंने दावा किया कि लोगों को बसपा पर ही भरोसा है।