क्या कांग्रेस और NCP के सहयोग से सरकार बनाएगी शिवसेना? संजय राउत ने कही ये बड़ी बात

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 10, 2019

मुंबई। शिवसेना के नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि यदि महाराष्ट्र में कोई और सरकार गठित नहीं कर पाता है तो उनकी पार्टी अपनी अगली रणनीतिक की घोषणा करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य की दुश्मन नहीं है। सभी दलों में कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं।

इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र के राज्यपाल ने सरकार बनाने के लिये भाजपा को किया आमंत्रित

ठाकरे के निवास के बाहर यहां शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए लगाए पोस्टरों के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा, ‘‘उद्धव ठाकरे शिवसेना के नेता हैं और वह सही समय पर उचित फैसला करेंगे। उन्होंने पहले ही कह दिया है कि वह शिवसेना के किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाएंगे।’’इससे पहले उन्होंने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में राज्य में सरकार गठन पर गतिरोध की पृष्ठभूमि में जर्मन तानाशाह अडोल्फ हिटलर का जिक्र किया और महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस पर निशाना साधते हुए उन पर डर की राजनीति खेलने का आरोप किया। राउत ने फड़णवीस का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘जब राजनीतिक सहयोग हासिल करने की कोशिश और धमकाने के तरीके काम नहीं करते तो यह स्वीकार करने का समय होता है कि हिटलर मर चुका है और गुलामी के गहराते बादल छंट गए हैं।’’ उन्होंने अपने लेख में कहा कि फड़णवीस को दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद मिला था, इसके बावजूद वह इस पद पर नहीं बैठ पाए। राउत ने कहा, ‘‘वह शपथ इसलिए नहीं ले पाए क्योंकि भाजपा प्रमुख अमित शाह राज्य की गतिविधियों से दूर हैं।’’ 

इसे भी पढ़ें: शिवसेना ने सहयोगी दल पर साधा निशाना, कहा- भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश क्यों नहीं कर रही

उन्होंने कहा कि परिणाम घोषित होने के 15 दिन बाद भी फड़णवीस मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण नहीं कर पाए।  राउत ने कहा, ‘‘भाजपा का सबसे बड़ा सहयोगी दल शिवसेना निवर्तमान मुख्यमंत्री से बात करने को तैयार नहीं है, यह (भाजपा की) सबसे बड़ी हार है। इस बार शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री का चयन करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार और कांग्रेस के कई नेताओं ने अपनी पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी से कहा है कि उनकी प्राथमिकता यह है कि राज्य में कोई ‘‘गैर भाजपाई’’ मुख्यमंत्री बने। उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत हासिल की। राज्य में 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत हासिल करने के लिए 145 सीटों पर जीत की आवश्यकता होती है।

प्रमुख खबरें

अब पुतिन के तारनहार बनें पूर्व CJI चंद्रचूड़, सुलझाएंगे यूक्रेन संग विवाद, रूस ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

क्यों तुर्किए से खाने वाले डब्बे में छिप कर भागना पड़ा, ट्रंप ने खुद कर दिया दुनिया का सबसे विस्फोटक खुलासा

लीबिया तक घुस गई ईरान की आग, तेल में कैसे हुए धामके पर धमाके?

Delhi H1N1 Surge: राजधानी में स्वाइन फ्लू के 1,349 मामले, Delhi Hospitals ने कसी कमर