केंद्र सरकार और ट्विटर विवाद: संसदीय समिति के सामने पेश हुए ट्विटर के 2 प्रतिनिधि

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 19, 2021

नयी दिल्ली।  ट्विटर ने शुक्रवार को कहा कि वह नागरिकों के ऑनलाइन अधिकारों की सुरक्षा के लिये सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के साथ काम करने के लिए तैयार है। वहीं समिति ने साफ तौर पर सोशल नेटवर्किंग मंच से कहा कि देश का कानून सर्वोच्च है न कि कंपनी की नीतियां। केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच नये आईटी नियम को लेकर जारी विवाद के बीच कंपनी की सार्वजनिक नीति प्रबंधक शगुफ्ता कामरान और वकील आयुषी कपूर शुक्रवार को संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए। बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने ट्विटर इंडिया के अधिकारियों की इस टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया कि वे अपनी (कंपनी की) नीति से बंधे हैं। समिति ने स्पष्ट रूप से उनसे कहा कि देश का कानून सर्वोच्च है।

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नये आईटी नियम 26 मई से प्रभाव में आ गये और ट्विटर ने अतिरिक्त समय बीत जाने के बाद भी कानून के तहत जरूरी अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की है। कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली आईटी पर संसद की समिति ने मंच के दुरूपयोग और नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण के दुरूपयोग को लेकर ट्विटर के अधिकारियों को तलब किया था। सूत्रों के अनुसार समिति के सदस्यों ने ट्विटर से कुछ कड़े सवाल पूछे लेकिन उनके जवाब स्पष्ट नहीं थे। सूत्रों ने कहा कि समिति सदस्यों ने ट्विटर इंडिया के अधिकारियों की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई कि उसकी नीति देश के कानून के समान है। समिति ने स्पष्ट रूप से कहा कि देश का कानून सर्वोच्च है, कंपनी की नीति नहीं।

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