By रेनू तिवारी | Jun 12, 2026
FIFA वर्ल्ड कप 2026 का आगाज हो चुका है, लेकिन पहले ही मुकाबले में पूरी दुनिया की निगाहें गोल करने वाले खिलाड़ियों से ज्यादा मैच के रेफरी पर टिक गईं। एस्टाडियो एज़्टेका (Estadio Azteca) स्टेडियम में मेजबान मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हरा तो दिया, लेकिन इस ओपनिंग मैच में असली सुर्खियां बटोरीं ब्राजील के रेफरी विल्टन सम्पायो (Wilton Sampaio) ने। सम्पायो ने इस हाई-वोल्टेज मैच में एक या दो नहीं, बल्कि पूरे तीन रेड कार्ड दिखाकर फुटबॉल जगत में तहलका मचा दिया है।
हालांकि जूलियन क्विनोन्स और राउल जिमेनेज़ ने गोल करके मैक्सिको को घरेलू मैदान पर जीत दिलाई, लेकिन मैच के दौरान लिए गए कई अनुशासनात्मक फैसलों ने इस मुकाबले को हाल के समय के सबसे हंगामेदार वर्ल्ड कप ओपनिंग मैचों में से एक बना दिया, जिससे सबका ध्यान रेफरी पर चला गया।
मैच में नाटकीय मोड़ आने से पहले ही सम्पायो का नाम ऑनलाइन चर्चा में आ गया था। दर्शकों का ध्यान उनके खास कम्युनिकेशन हेडसेट पर गया; सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस उपकरण की तुलना गेमिंग एक्सेसरीज़ और साइंस-फिक्शन किरदारों से की। शाम के समय ऑनलाइन प्रतिक्रियाएं और तेज़ हो गईं क्योंकि रेफरी बार-बार अहम पलों में शामिल रहे।
हाफटाइम के ठीक बाद मैच में तनाव बढ़ गया जब दक्षिण अफ्रीका के स्फेफेलो सिथोले को बाहर भेज दिया गया। VAR रिव्यू में यह पता चलने के बाद कि थेम्बा ज़वाने ने रॉबर्टो अल्वाराडो के चेहरे पर मारा था, दूसरा रेड कार्ड दिखाया गया। हालांकि सम्पायो घटना के बहुत करीब थे, लेकिन उन्होंने शुरू में फाउल का इशारा भी नहीं किया था, लेकिन VAR के दखल और रिव्यू के बाद 'बाफाना बाफाना' (दक्षिण अफ्रीका की टीम) के खिलाड़ियों की संख्या घटकर नौ रह गई।
बाद में स्टॉपेज टाइम में मैक्सिको के सीज़र मोंटेस को भी बाहर भेज दिया गया क्योंकि उन्होंने खुलिसो मुदाऊ को गिरा दिया था; इस तरह मैच खत्म होने पर दक्षिण अफ्रीका के पास नौ और मैक्सिको के पास 10 खिलाड़ी बचे थे।
सम्पायो की जीवनी
सम्पायो के लिए, यह इवेंट उनके करियर का एक और अहम असाइनमेंट था, जिसमें कई बड़े घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट शामिल रहे हैं। 2013 में FIFA बैज पाने वाले इस ब्राज़ीलियाई रेफरी ने कोपा अमेरिका टूर्नामेंट, कोपा लिबर्टाडोरेस मैच, FIFA क्लब वर्ल्ड कप मैच और दो पिछले FIFA वर्ल्ड कप में रेफरी की भूमिका निभाई है। अनुशासन को लेकर उनका सख्त रवैया लंबे समय से उनके रेफरी के तौर पर काम करने के तरीके का हिस्सा रहा है। मेक्सिको सिटी में भी यह बात साफ दिखी, जहाँ एक नए वर्ल्ड कप की शुरुआत वाले मैच में कार्ड, विवाद और रेफरी की ही चर्चा ज़्यादा रही।
साथ ही, 1998 में साउथ अफ्रीका बनाम डेनमार्क मैच के बाद यह दूसरा मौका था जब वर्ल्ड कप के ओपनिंग मैच में तीन रेड कार्ड दिखाए गए।
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