By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 10, 2026
अक्सर बदलते मौसम में ठंडी और तेज हवाएं शुरु हो जाती हैं। फरवरी के महीने में चलने वाली हवाओं से शरीर में जकड़न, जलन और दर्द को बढ़ा देती हैं। असल में बदलता मौसम हड्डियों और जोड़ों पर असर डालता है, लेकिन यह समय मिड लाइफ यानी 40 से 65 साल की महिलाओं के लिए हड्डियों की सेहत के लिहाज से खराब होता है। आमतौर पर इस उम्र में हार्मोनल बदलाव के कारण मेनोपॉज के आसपास, बोन डेंसिटी को तेजी से प्रभावित करते हैं, जिससे अकड़न, जलन, कमजोरी और चलने-फिरने में काफी दिक्कत होती है। ऐसे में इन लक्षणों को महिलाएं बढ़ती उम्र का हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर देती है। यही समय है कि जब थोड़ी-सी जागरुकता और सही देखभाल की जरुरत होती है जिससे हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत बनाया जा सके। क्या आपको सुबह उठते ही शरीर में अकड़न, पैरों या कमर में जलन, घुटनों में दर्द या थकान महसूस हो सकती है, यह संकेत आपकी हड्डियों को भी एक्स्ट्रा केयर करने का है। आइए आपको बताते हैं ये 4 आसान तरीके, जिससे आप अपनी हड्डियों को मजबूत कर सकती हैं।
हड्डियां कमजोर होने का मुख्य कारण
हार्मोनल बदलाव के कारण हड्डियों में असर पड़ता है। मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन तेजी से कम होता है, जो हड्डियों में कैल्शियम बनाए रखने के लिए जरुरी है। इसके घटने से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।
विटामिन डी की कमी
सर्दियों के दौरान धूप कम होती है, जिससे शरीर कैल्शियम को सही ढंग से अवशोषित नहीं कर पाता है।
फिजिकल एक्टिविटी की कम
ठंड के मौसम में फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है। सर्दियों में कम चलने-फिरने से हड्डियों पर जरुरी प्रेशर नहीं पड़ता है, जिससे बोन लॉस प्रोसेस तेज हो जाता है।
साइलेंट डिजीज
ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण अक्सर तब तक सामने नहीं आते जब तक कि कोई फ्रैक्चर न हो जाए।
हड्डियों को मजबूत करने के उपाय
यदि आप चाहती हैं कि आपकी हड्डियां बढ़ती उम्र के साथ मजबूत बनीं रहे, तो आज से ही कुछ जरुरी आदतों को अपनाएं। अगर आप अपनी लाइफस्टाइल को जरा-सा भी बदलेंगी तो आपकी हड्डियों की सेहत मजबूत बनीं रहेगी।
धूप में बैठें
सुबह के समय रोजाना कम से कम 15-20 मिनट तक धूप जरुर लें। धूप से मिलने वाली विटामिन डी शरीर में कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित करता है, जिससे हड्डियां अंदर से मजबूत बनती हैं।
एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाएं
अगर आप लंबे समय से एक ही जगह पर बैठे रहते हैं, तो यह आपकी हड्डियों को कमजोर कर देता है। हफ्ते में कम से कम 2-3 दिन वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज, जैसे वॉकिंग, स्क्वाट्स, सीढ़ियां चढ़ना या योगासन जरुर करें। ये एक्सरसाइज हड्डियों पर हल्का प्रेशर जरुर डालती हैं, जिससे बोन डेंसिटी बेहतरीन होती है।
कैल्शियम से भरपूर डाइट
हड्डियों के लिए सबसे जरुरी है कैल्शियम। अपनी डाइट में तिल, दूध, दही,हरी पत्तेदार सब्जियां,पनीर, गुड़ और बादाम को जरुर खाएं। इसके अतिरिक्त मैग्नीशियम और प्रोटीन भी हड्डियों की मजबूती के लिए सबसे जरुरी मानी जाती है और रोजाना संतुलित आहार का सेवन करें।
रेगुलर चेकअप कराएं
45 वर्ष की उम्र के बाद बोन डेंसिटी टेस्ट कराना एक समझदारी भरा कदम माना जाता है। यह जांच हड्डियों की मजबूती का आकलन करने में मदद करती है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं को शुरुआती चरण में पहचान लेती है। समय पर सही इलाज और सावधानियां अपनाकर हड्डियों को कमजोर होने से बचाया जा सकता है।