By अभिनय आकाश | Sep 10, 2026
भारत में आयोजित हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारियां अपने जोरों शोरों पर हैं। जहां भारत की मेजबानी में कई सारे वर्ल्ड लीडर्स भारत आ रहे हैं। जिनमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन भी शामिल है। लेकिन व्लादमीर पुतिन के भारत आने से ठीक पहले रूस के तीन विशालकाय सैन्य विमानों ने भारत की धरती पर लैंडिंग की है। खास बात यह रही कि इन रूसी विमानों ने दिल्ली की जगह ग्रेटर नोएडा में बने नए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग की है और यह इस नए एयरपोर्ट के इतिहास की पहली विदेशी लैंडिंग भी बन गई है। 8 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे रूसी वायुसेना से जुड़े हुए तीन बड़े सैन्य विमानों ने एक के बाद एक इस नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। इनमें रूस का बहुचर्चित और ताकतवर सैन्य परिवहन विमान IL76 यानी कि एलजन 76 भी शामिल था।
पुतिन की सुरक्षा का प्रोटोकॉल हमेशा से ही दुनिया में सबसे सख्त नेताओं में से एक माना जाता है और यही वजह है कि उनके आने के कुछ दिन पहले ही उनकी एडवांस टीम हर बारीकी का जायजा लेने भारत आई है और अपना सारा साजो सामान भी इन तीन विमानों में भरकर भारत पहुंची है। रूस के इन तीन सैन्य विमानों की नोएडा एयरपोर्ट पर लैंडिंग सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं है बल्कि भारत और रूस के बीच गहरे रणनीतिक तालमेल का सबूत भी है। साथ ही में नए जेवर एयरपोर्ट की क्षमता का भी यह बड़ा परीक्षण है। इतने बड़े आयोजन के बीच अगर उसका इस्तेमाल किया जा रहा है तो यह दिखाता है कि नोएडा के ये जो बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है बड़े-बड़े आयोजनों के लिए विकल्प बन सकता है। अब सबकी नजर टिकी है 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर और इसमें भी कि आखिर रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन के भारत आने पर भारत और रूस के संबंधों में क्या कुछ नया देखने को मिलता है?