By अभिनय आकाश | Aug 12, 2026
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बुधवार को बेरूत में अमेरिकी जनरल जोसेफ क्लियरफील्ड से मुलाकात की। इस दौरान 26 जून को वाशिंगटन में लेबनान, इज़राइल और अमेरिका के बीच हुए फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने के कदमों पर चर्चा हुई।
लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि बैठक के दौरान, उन्होंने वाशिंगटन में लेबनान-अमेरिका-इज़राइल बातचीत के बाद हुए फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने के लिए ज़रूरी प्रक्रियाओं पर चर्चा की। यह चर्चा पिछले हफ़्ते इज़राइल में जनरल क्लूफ़ील्ड की बातचीत को ध्यान में रखकर की गई थी। अमेरिका, इज़राइल और लेबनान ने 26 जून को वाशिंगटन में त्रिपक्षीय फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। बयान में कहा गया कि यह समझौता लेबनान की संप्रभुता बहाल करने, हिज़्बुल्लाह को निहत्था करने और उसके आतंकवादी ढांचे को खत्म करने के लिए एक स्पष्ट और व्यवस्थित प्रक्रिया तय करता है। साथ ही, यह इज़राइल को अपने नागरिकों के लिए खतरा खत्म होने के बाद अपनी सीमाओं पर लौटने में सक्षम बनाता है।
इसमें यह भी कहा गया कि इस समझौते से लेबनान के लिए एक 'त्रिपक्षीय सैन्य समन्वय समूह' (MCG4L) बनेगा, जिसे अमेरिका का सहयोग मिलेगा और इससे दोनों पक्षों को इस फ्रेमवर्क को लागू करने में मदद मिलेगी। इसमें आगे कहा गया कि हम इस फ्रेमवर्क को लागू करने और इज़राइल, लेबनान और पूरे मध्य पूर्व के लिए एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य बनाने के लिए अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
इस बीच, लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने 31 जुलाई को दक्षिणी लेबनान में इज़राइली सेना की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मौजूदा युद्धविराम समझौतों का सीधा उल्लंघन तथा यूनेस्को साइटों के लिए खतरा बताया। एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री सलाम ने चेतावनी दी कि बढ़ते हमलों से दक्षिण में आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो रहा है और साथ ही ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण धरोहर स्थलों को भी नुकसान पहुँच रहा है।