By अंकित सिंह | Sep 20, 2023
लोकसभा में आज महिला आरक्षण विधेयक पर गहन चर्चा जारी है। नए संसद भवन में प्रवेश करने के बाद विशेष सत्र के दूसरे दिन लोकसभा में ऐतिहासिक बिल पेश किया गया। महिला आरक्षण बिल पर चर्चा की शुरूआत में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं की गरिमा के साथ-साथ अवसरों की समानता को भी बढ़ाएगा। महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलेगा। इसके चार महत्वपूर्ण खंड हैं। इसके बाद लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह मेरी जिंदगी का मार्मिक क्षण है, पहली बार स्थानीय निकायों में स्त्री की भागीदारी तय करने वाला संविधान संशोधन मेरे जीवन साथी राजीव गांधी ही लेकर आए थे। उन्होंने इसका श्रेय लेने की भी कोशिश की।
समझा जाता है कि विपक्ष महिलाओं को अधिकार देने से जुड़े विधेयक पर चर्चा में सत्ता पक्ष के प्रथम वक्ता के रूप में किसी महिला सदस्य को मौका नहीं दिये जाने पर आपत्ति जता रहे थे। गृह मंत्री शाह ने इस पर कहा कि महिलाओं के बारे में चिंता करने का अधिकार सभी को है। उन्होंने सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी का नाम लेते हुए कहा, ‘‘क्या महिलाओं की चिंता केवल महिलाएं ही करेंगी। पुरुष उनकी चिंता नहीं कर सकते हैं। आप किस प्रकार के समाज की रचना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि महिलाओं की चिंता, महिलाओं का हित, महिलाओं के बारे में आगे बढ़कर भाइयों को सोचना चाहिए और यही इस देश की परंपरा है। दुबे ने कहा, ‘‘कांग्रेस या उसके समर्थक दल किस तरह लोकतंत्र का गला घोंटते हैं, मैं इसका उदाहरण हूं।’’ उन्होंने कहा कि महिलाओं के कारण ही यहां पुरुष भी हैं।