By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 25, 2021
बलिया (उप्र)। मुस्लिम महिलाओं को बुर्के से मुक्ति दिलाए जाने के बयान के एक दिन बाद उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल ने बृहस्पतिवार को कहा कि महिलाओं को कोई भी वस्त्र पहनने की आजादी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रूढ़िवाद व परम्परा के नाम पर महिलाओं पर कुछ भी थोपा नहीं जाना चाहिए,समाज के प्रबुद्ध लोगों व धर्म गुरुओं को 21 वी सदी के साथ समाज को आगे बढ़ाने का अवसर देना चाहिए। संसदीय कार्य राज्य मंत्री शुक्ल ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बुर्का से आजादी दिलाने के अपने बयान पर सफाई दी।
मंत्री ने कहा, ‘‘ ऐसी सोच लोकतंत्र के हित में नहीं है।’’ दो दिन पहले मस्जिदो में लगे लाउडस्पीकर की ध्वनि नियंत्रित किये जाने के बयान के बारे में शुक्ल ने कहा कि उच्चतम न्यायालय व उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह गीदड़-भभकी से विचलित होने वाले नहीं हैं। राज्य के संसदीय कार्य राज्यमंत्री ने यह टिप्पणी अजान को लेकर दिये गये उनके बयान पर मुस्लिम धर्म गुरुओं के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए की।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय व उच्च न्यायालय ने आम लोगों के अधिकार को सुरक्षित करते हुए रात्रि 10 बजे से सुबह छह बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग की मनाही की है तो निश्चित रूप से यह होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि सुबह छह बजे से पहले लाउड स्पीकर पर अजान नहीं होनी चाहिए, दिन में भी ध्वनि विस्तारक यंत्र से ध्वनि की सीमा सीमित होनी चाहिये।
उन्होंने कहा कि यह हमारी मांग है और यह होगा। गौरतलब है कि बुधवार को शुक्ल ने कहा था कि देश में तीन तलाक की तर्ज पर मुस्लिम महिलाओं को बुर्के से भी मुक्ति दिलाई जाएगी। उन्होंने बुर्के को अमानवीय व्यवहार व कुप्रथा करार दिया था।