जल संकट से निपटने के लिये खारे पानी को पीने योग्य बनाने की योजना

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 31, 2019

नयी दिल्ली। नीति आयोग देश में पीने के पानी के संकट से निपटने के लिये समुद्र के खारे पानी को पीने योग्य बनाने के लिये संयंत्र लगाने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। इन संयंत्रों को देश के 7,500 किलोमीटर लंबे तटीय क्षेत्र में लगाये जाने का प्रस्ताव है। देश के कई शहर जल संकट से गुजर रहे हैं। हाल में देश के कई भागों खासकर चेन्नई में पीने के पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हुआ। इसका कारण कम बारिश की वजह से विभिन्न जलाशयों में पानी का कम होना है।

सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘‘नीति आयोग समुद्री पानी को मीठा बनाने की परियोजना को सागरमाला परियोजना से जोड़ने पर काम कर रहा है।’’ अधिकारी ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर यह जानकारी दी। सागरमाला का मकसद देश में बंदरगाहों को आधुनिक रूप देना है। इसका उद्देश्य बंदरगाह आधारित विकास को गति देना तथा तटवर्ती क्षेत्रों को विकसित करना है ताकि वृद्धि को गति मिल सके।

इसे भी पढ़ें: JP Infratech का शुद्ध घाटा अप्रैल-जून तिमाही में बढ़कर 448 करोड़ रुपए

अधिकारी ने कहा, ‘‘हाल ही में चेन्नई को भारी जल संकट का सामना करना पड़ा।आखिर हम देश के बड़े तटीय क्षेत्रों में नमकीन समुद्री जल को मीठा बनाने का संयंत्र और उसे पाइपलाइन के जरिये लोगों को क्यों नहीं उपलब्ध करा सकते हैं।’’ पिछले साल जारी नीति आयोग के समग्र जल प्रबंधन सूचकांक के अनुसार देश के 60 करोड़ लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है और करीब दो लाख लोगों की साफ पानी के अभाव में मौत हो जाती है। 

रिपोर्ट में आशंका जतायी गयी थी कि 21 भारतीय शहरें खासकर बेंगलुरू, चेन्नई, दिल्ली और हैदराबाद में 2020 तक पानी की किल्लत होगी। पिछले साल गुजरात सरकार ने मीठा पानी का संयंत्र लगाने को लेकर इस्राइल से तकनीकी सहायता की मांग की थी।

प्रमुख खबरें

PM Fasal Bima Yojana: Puducherry के 25000 Farmers की बल्ले-बल्ले, खाते में आए 29 करोड़ रुपये

Piyush Goyal का DMK पर बड़ा हमला, बोले- Tamil Nadu के लिए हानिकारक है Stalin सरकार

Govt Achievements: OPS-NPS विवाद पर Assam का बड़ा दांव, CM Himanta ने लॉन्च की नई Unified Pension Scheme

Assam Election 2026 पर Opinion Poll: NDA को पिछली बार से भी बड़ा बहुमत, BJP की सत्ता में वापसी तय!