प्रवासी कामगारों को वापस लाने का काम दो-तीन दिन में समाप्त हो जाएगा: उत्तर प्रदेश सरकार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 28, 2020

लखनऊ। लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों मे फंसे उत्तर प्रदेश के कामगारों को वापस लाने का काम अगले दो-तीन दिन में पूरा हो जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने इस आशय की जानकारी देते हुए बृहस्पतिवार को बताया कि अन्य राज्यों ने सूचित किया है कि वापसी के इच्छुक प्रवासी उनके यहां नहीं हैं या बहुत कम संख्या में हैं। अपर मुख्य सचिव, गृह और सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया, ‘‘ट्रेनों और बसों से प्रवासी कामगारों को वापस लाने का पूरा अभियान अगले दो-तीन दिन में समाप्त हो जाएगा। अभी तक करीब 26 से 27 लाख प्रवासी लौटे हैं।’’ उन्होंने बताया कि गुजरात, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना, कर्नाटक, राजस्थान, हरियाणा आदि राज्यों से ज्यादातर प्रवासी श्रमिक वापस आ चुके हैं और इन राज्यों से वापस आने वाले श्रमिकों की संख्या अब नगण्य है। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रवासी श्रमिकों को लेकर राज्य में 1,411 ट्रेनें आयी हैं और अगले कुछ दिन में इनकी संख्या 1,551 हो जाएगी। 

इसे भी पढ़ें: कनार्टक में मंदिरों के साथ एक जून से खुल सकते हैं मस्जिद और गिरजाघर: येदियुरप्पा

इसे भी पढ़ें: प्रवासी श्रमिको को लेकर आ चुकी है यूपी में अब तक 1337 ट्रेने, करीब 18 लाख आये: अवनीश अवस्थी

ट्रेनें कौशांबी, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संत कबीर नगर, कुशीनगर, हमीरपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी भी पहुंच रही हैं। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में गुजरात से 490 ट्रेन से 7,12,678 लोग, महाराष्ट्र से 327 ट्रेन से 4,55,005 लोग, पंजाब से 228 ट्रेन से 2,67,383 कामगारों/श्रमिकों को लेकर प्रदेश में आ चुकी हैं। इसके साथ ही तेलंगाना से 23, कर्नाटक से 53, केरल से 11, आन्ध्र प्रदेश से 10, तमिलनाडु से 30, मध्य प्रदेश से दो, राजस्थान से 35, गोवा से 18, दिल्ली से 94, छत्तीसगढ़ से एक, पश्चिम बंगाल से एक, उड़ीसा से एक, असम से दो, त्रिपुरा से एक, हिमाचल प्रदेश से तीन, उत्तराखण्ड से एक तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से 81 ट्रेनों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कामगारों/श्रमिकों को पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं भी, किसी भी जनपद में कोई पैदल यात्रा ना करे। कामगार/श्रमिक स्वयं तथा अपने परिवार को जोखिम में डालकर पैदल अथवा अवैध व असुरक्षित वाहन से घर के लिए यात्रा ना करें। सरकार समस्त श्रमिकों/कामगारों के लिए सुरक्षित यात्रा हेतु पर्याप्त निःशुल्क बस एवं ट्रेन की व्यवस्था कर रही है।

प्रमुख खबरें

10 अक्टूबर 1992 को Vidyasagar Setu हुआ था शुरू, जानिए इस तारीख की ऐतिहासिक घटनाएं

Sarvapitri Amavasya पर Shradh और Pind Daan से होगा Pitru Paksha का समापन

CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ Jantar Mantar पर प्रदर्शन की कोशिश, 150 लोग हिरासत में

Muzaffarnagar में 11वीं की छात्रा से छेड़छाड़, Principal मोहित सिंघल पर POCSO एक्ट