World Cup Knockout: Vinicius Jr. के भरोसे Brazil, क्या 20 साल बाद Japan रचेगा नया इतिहास?

By Ankit Jaiswal | Jun 29, 2026

फुटबॉल विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण में एक ऐसा मुकाबला होने जा रहा है, जिसका इंतजार दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसक लंबे समय से कर रहे थे। अंतिम 32 के दौर में जापान और ब्राजील आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला केवल अगले दौर में पहुंचने की लड़ाई नहीं होगा, बल्कि बीस साल पुराने इतिहास को बदलने का भी मौका होगा। वर्ष 2006 के विश्व कप में दोनों टीमें पहली और अब तक की आखिरी बार भिड़ी थीं, तब ब्राजील ने जापान को 4-1 से हराकर उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था।

उस मुकाबले में ब्राजील की टीम में रोनाल्डो, रोनाल्डिन्हो और काका जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे। वहीं जापान के पास हिदेतोशी नाकाता, जुनिची इनामोतो और शुन्सुके नाकामुरा जैसे अच्छे खिलाड़ी जरूर थे, लेकिन दोनों टीमों की ताकत में काफी अंतर था। उस समय ब्राजील के कई खिलाड़ी यूरोप के सबसे बड़े क्लबों जैसे रियल मैड्रिड, बार्सिलोना, बायर्न म्यूनिख, युवेंटस, इंटर मिलान, आर्सेनल और एसी मिलान के लिए खेल रहे थे। इसके मुकाबले जापान की टीम में केवल छह खिलाड़ी ही यूरोप में खेलते थे, जबकि अधिकांश खिलाड़ी घरेलू लीग में ही खेल रहे थे।

गौरतलब है कि बीते दो दशकों में जापानी फुटबॉल ने जबरदस्त प्रगति की है। अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। मौजूदा जापानी टीम के अधिकांश खिलाड़ी यूरोप की प्रमुख लीगों में खेलते हैं और लगातार शानदार प्रदर्शन भी कर रहे हैं। इंग्लैंड, स्पेन, इटली, जर्मनी और फ्रांस की शीर्ष लीगों में जापान के खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी है। यही कारण है कि अब जापान को किसी भी बड़ी टीम के खिलाफ कमजोर नहीं माना जाता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार जापान की टीम में केवल तीन खिलाड़ी घरेलू प्रतियोगिता से चुने गए हैं। इनमें 39 वर्षीय अनुभवी यूटो नागातोमो और दोनों आरक्षित गोलरक्षक कीसुके ओसाको तथा तोमोकी हायाकावा शामिल हैं। वहीं काओरु मितोमा, वातारु एंडो और ताकुमी मिनामिनो जैसे कुछ प्रमुख खिलाड़ी चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद जापानी टीम संतुलित और मजबूत नजर आ रही है। स्ट्राइकर आयासे उएदा ने हाल ही में नीदरलैंड की शीर्ष लीग में सबसे अधिक गोल करने का रिकॉर्ड बनाया था, जिससे उनकी शानदार लय का अंदाजा लगाया जा सकता है।

दूसरी ओर ब्राजील अब भी विश्व कप इतिहास की सबसे सफल टीम है, लेकिन वह 2002 के बाद से छठा खिताब नहीं जीत सकी है। टीम में नेमार अब भी मौजूद हैं, हालांकि उनकी भूमिका पहले जैसी नहीं रही। अब विनीसियस जूनियर टीम के सबसे बड़े सितारे बन चुके हैं। इसके अलावा गैब्रियल मागालहाएस और राफिन्हा जैसे खिलाड़ी भी ब्राजील की ताकत बढ़ा रहे हैं।

बता दें कि जापान का आत्मविश्वास इसलिए भी बढ़ा हुआ है क्योंकि पिछले वर्ष अक्तूबर में उसने पहली बार ब्राजील को हराने में सफलता हासिल की थी। हालांकि वह एक मैत्री मुकाबला था, लेकिन जापान ने दो गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में भी ब्राजील की मजबूत टीम मैदान में उतरी थी।

जापान फुटबॉल संघ के अध्यक्ष सुनेयासु मियामोतो का कहना है कि पूरी टीम को ब्राजील जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलने का पूरा विश्वास है। उनका मानना है कि यदि जापान विश्व कप जीतने का सपना देख रहा है, तो उसे किसी न किसी चरण में ब्राजील जैसी टीम को हराना ही होगा।

अब सभी की नजर इस रोमांचक मुकाबले पर टिकी हुई है। बीस साल पहले डॉर्टमुंड में मिली हार की यादें अभी भी जापानी फुटबॉल प्रेमियों के जेहन में ताजा हैं। ऐसे में ह्यूस्टन में होने वाला यह मुकाबला केवल जीत और हार का नहीं, बल्कि जापान की दो दशक लंबी फुटबॉल यात्रा और उसके विकास की सबसे बड़ी परीक्षा भी माना जा रहा है।

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