रूस-यूक्रेन विवाद पर दो धड़ों में बंटती दुनिया!

By दीपक कुमार त्यागी | Feb 22, 2022

यूक्रेन को नाटो देशों में शामिल करने को लेकर रूस की बेहद तल्ख आपत्ति के चलते हुआ विवाद अब धीरे-धीरे युद्ध की तरफ अग्रसर हो रहा है, आगबबूला रूस ने यूक्रेन की सीमा के नज़दीक लाखों की संख्या में अपने सैनिकों की तैनाती करके दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है, वहीं रूस के द्वारा इस समय बेलारूस के साथ युद्धाभ्यास करने के चलते इस क्षेत्र में जबरदस्त तनाव का युद्ध वाला दहशत पूर्ण माहौल पैदा हो गया है। हालांकि विश्व के अधिकांश देश बेहद करीब से पल-पल रूस-यूक्रेन के बीच उभरे जबरदस्त तनाव पर निरंतर नज़र लगाएं हुए बैठे हैं, क्योंकि इस एक छोटे से विवाद के चलते दुनिया की दो बेहद ताकतवर महाशक्तियां रूस व अमेरिका अब एक दूसरे के आमने-सामने खुलकर आ गयी हैं। रूस-यूक्रेन का यह आपसी विवाद का मसला बेहद तनाव पूर्ण हालात के चलते अब इस स्तर तक पहुंच चुका है कि लोगों को लगने लगा है कि कुछ देशों की अति महत्वाकांक्षा के चलते दुनिया के सामने एकबार फिर से विश्वयुद्ध की नींव रखने वाले युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। वैसे भी इस संकट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से इस ज्वंलत मसले पर लगातार संपर्क में हैं और वह हालात को नियंत्रित करने के लिए पुतिन से एक घंटे लंबी फोन पर बात तक कर चुके हैं, यह इस स्थिति की गंभीरता को दर्शाने के लिए काफी है।

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पूरी दुनिया इस विवाद के चलते धीरे-धीरे अब दो धड़ों में बंटती स्पष्ट नज़र आ रही है, एक तरफ यूक्रेन के साथ खुलकर नाटो देश व अमेरिका खड़ा है, तो वहीं दूसरी तरफ रूस के साथ चीन व सोवियत संघ के हिस्सा रहे देश खड़े हुए हैं, दुनिया के हालात बेहद तनावपूर्ण बनते जा रहे है। क्योंकि अधिकांश देश अभी तो कोरोना महामारी के चलते उत्पन्न मंदी के भयावह प्रकोप से उभर ही नहीं पाये है, ऊपर से यूक्रेन-रूस के तनाव के चलते दुनिया पर युद्ध के बादल मंडराने लग गये हैं। रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव के कारण उत्पन्न संकट का असर वैश्विक बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखने लग गया है, भारत भी अब इससे अछूता नहीं रहा है, इस विवाद के चलते भारत के घरेलू शेयर बाजार में भी कोहराम मच गया और सेंसेक्स करीब साढ़े पांच महीने के निचले स्तर पर आकर के लोगों की गाढ़ी कमाई को चंद मिनटों में ही डुबोने का काम कर गया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञों की राय माने तो रूस-यूक्रेन का यह विवाद देश के बहुत सारे सेक्टरों में जबरदस्त ढंग से महंगाई को बढ़ावा देने का कार्य करेगा, इसका व्यापक असर भारत में राजनीतिक, कूटनीतिक व आर्थिक रूप से हो सकता है, वैसे भी भारत की जनता जबरदस्त महंगाई के प्रकोप को लंबे समय से झेल कर बेहद परेशान है, जिसको आने वाले समय में रूस-यूक्रेन का विवाद और विकट बना सकता है।

- दीपक कुमार त्यागी

वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक

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