By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 03, 2026
भारत के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने न्यूजीलैंड ए के खिलाफ शतक बनाकर फॉर्म में वापसी करने के बाद कहा कि उन्होंने इस दौरान अपनी ‘प्रक्रिया, दिनचर्या और अनुशासन’ पर ध्यान केंद्रित किया। जायसवाल ने मंगलवार को ड्रॉ समाप्त हुई दूसरे अनौपचारिक टेस्ट मैच की दूसरी पारी में नाबाद 155 रन बनाए। उन्होंने कहा कि यहां की ठंड ने उनके लिए अलग तरह की चुनौती पेश की। जायसवाल ने कहा, ‘‘यहां बहुत ठंड है। गेंद शुरुआत में बहुत घूमती है और सीम मूवमेंट भी बहुत होता है। अच्छे गेंदबाज लगातार सही जगह पर गेंद को पिच कराते हैं। इसलिए हमें रन बनाने के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है।’’
जायसवाल ने कहा, ‘‘यहां रन बनाना आसान नहीं है। मैंने बस प्रक्रिया, दिनचर्या और अनुशासन पर ध्यान केंद्रित किया। मुझे लगता है कि यहां रन बनाने के लिए आपको बहुत अनुशासित रहना होगा।’’ जायसवाल ने कहा कि न्यूजीलैंड में मुख्य चुनौती यहां का ठंडा मौसम है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत, ऑस्ट्रेलिया और यहां तक कि इंग्लैंड की तुलना में न्यूजीलैंड बहुत अलग जगह है। यहां बहुत ठंड पड़ती है।
पिछले चार दिनों से सूरज आंख मिचौली खेल रहा था।’’ जायसवाल से जब पूछा गया कि वे परिस्थितियों के अनुकूल ढलने के लिए अपनी तकनीक में कैसे बदलाव करते हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें अपने शरीर के करीब रहकर खेलना पसंद है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसपर ध्यान देता हूं कि मैं शरीर के जितना करीब खेलूंगा, उतना ही बेहतर होगा।
अगर आप पहली पारी देखें, तो मेरा शुरुआती स्टांस पीछे की ओर था। फिर मैंने इसे बदला। अगर गेंदबाज तेज गेंदबाजी नहीं कर रहा है, तो आप सीम मूवमेंट को नियंत्रित कर सकते हैं। अगर मुझे ढीली गेंद मिलती है तो मैं रन बनाने की कोशिश करूंगा।’’