By अभिनय आकाश | Nov 03, 2026
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने वियतनाम की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान वहां के राष्ट्रपति 'तो लाम' से मुलाकात की और उन्हें वियतनाम के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बातचीत के बारे में जानकारी दी। 1 और 2 नवंबर की अपनी यात्रा के दौरान, डोभाल ने सुरक्षा, रक्षा, व्यापार तथा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने 'भारत-वियतनाम एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (भारत-वियतनाम विस्तारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी) के तहत हुई प्रगति की भी समीक्षा की। डोभाल ने लाम से मुलाकात की, जो वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव भी हैं, और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। हनोई में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि डोभाल ने भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में लगातार समर्थन देने के लिए लाम का धन्यवाद किया।
डोभाल ने विदेश मामलों के मंत्री ले होआई ट्रुंग से भी मुलाकात की। उन्होंने 2027 में भारत और वियतनाम के बीच राजनयिक संबंधों की 55वीं वर्षगांठ मनाने के तरीकों पर चर्चा की। दूतावास ने बताया कि इस वर्षगांठ को 'एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (विस्तारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी) की भावना के अनुरूप मनाया जाएगा। अपनी यात्रा के दौरान, डोभाल हनोई में स्थित ऐतिहासिक 'क्वान सु पगोडा' गए, जो 'नेशनल वियतनाम बुद्धिस्ट संघ' का मुख्यालय है। दूतावास ने बौद्ध धर्म को भारत और वियतनाम के लोगों के बीच एक सभ्यतागत सेतु बताया।