By अनुराग गुप्ता | Sep 30, 2019
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के चीफ और अलगाववादी नेता यासीन मलिक को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा खुलासा किया है। एनआईए ने अपनी जांच रिपोर्ट में दावा किया कि यासीन मलिक को आतंकी संगठन से कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए फंड मिलता था। यह फंड यासीन मलिक और शब्बीर अहमद शाह समेत 5 बड़े अलगाववादी नेताओं को मिलता था। जो सीधे लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद की ओर से दिया जाता था।
एनआईए की पूछताछ के दौरान यासीन मलिक, आसिया अंद्राबी, शब्बीर अहमद शाह, मशरत आलम और राशिद इंजीनियर ने बताया कि कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए हाफिज सईद से फंड मिलता है। एनआईए अब यूएपीए कानून के तहत इन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेगी। एनआईए ने अपनी 214 पेज की रिपोर्ट में बताया कि कश्मीर में आतंकियों को फंडिंग करने और पत्थरबाजी के लिए पैसा जुटाने के पुख्ता सबूत हैं।
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इस तरह के तमाम खुलासे जेकेएलएफ चीफ की डिजिटल डायरी से हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए के पास सभी अलगाववादी नेताओं के खिलाफ हाफिज सईद से कश्मीर में आतंकियों को फंडिंग करने और पत्थरबाजी के लिए पैसा जुटाने के पुख्ता सबूत हैं। इतना ही नहीं रिपोर्ट में इस बात की भी जानकारी है कि किसे किस वक्त कितना पैसा पहुंचाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक यासीन मलिक ने जहूर वताली की मदद से 2015-16 में 15 लाख रुपए हवाला के जरिए हाफिज सईद से लिए थे।