By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 01, 2021
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, जेवर के विकास को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाली परियोजना बताते हुये कहा कि कोविड-19 की विभीषिका के बावजूद अब तक जिस तेजी, पारदर्शिता और तय समय से जेवर एयरपोर्ट के काम हुए हैं, उसने प्रदेश की नई कार्यसंस्कृति को प्रदर्शित किया है। इस एयरपोर्ट में हवाई पट्टियों की संख्या दो से बढ़ाकर छह करने का निर्णय लिया गया है।मुख्यमंत्री ने जेवर एयरपोर्ट के लिए चयनित विकासकर्ता ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी के कार्यों की सराहना करते हुए उनके प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से उन्हें हर संभव मदद मिलेगी।
जेवर एयरपोर्ट निर्माण से प्रभावित परिवारों के विस्थापन कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिवारों से संवाद बनाया जाए। उनके बेहतर विस्थापन की व्यवस्था हो। गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि विस्थापित आबादी के पुनर्वास के लिए जेवर बांगर में 48.0979 हेक्टेयर भूमि का प्रबंध कर लिया गया है। मुख्यमंत्री आवास पर सम्पन्न समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने के मौके पर राज्य सरकार की ओर से अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री और नागरिक उड्डयन एस पी गोयल, सचिव मुख्य मंत्री और नागरिक उड्डयन सुरेंद्र सिंह, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की ओर से सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह और नोडल ऑफ़िसर नोएडा एयरपोर्ट शैलेंद्र भाटिया तथा ज़्यूरिख की कम्पनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से क्रिस्टाफ़ श्लेनमन , किरन जैन और शोभित गुप्ता ने हस्ताक्षर किए।