By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 25, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार में नौकरियों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि 2017 के पहले यह परिपाटी थी कि नियुक्ति का विज्ञापन निकलते ही चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। आदित्यनाथ यहां उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयन प्रक्रिया से कृषि विभाग के लिए नव चयनित 3,446 प्राविधिक सहायकों (समूह-ग) एवं मंडी परिषद में श्रेणी-तीन, वर्ग-दो के 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्रों का वितरण करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दावा किया उप्र में पिछले साढ़े नौ वर्षों में हमारी सरकार ने नौ लाख 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है और एक भी नियुक्ति पर कोई प्रश्न नहीं खड़ा कर सकता।
आदित्यनाथ ने कहा हमें यह ध्यान में रखना होगा कि जब हम योग्यतम अभ्यर्थियों का चयन बिना भेदभाव के करते हैं तो उसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलता है। यह पिछले साढ़े नौ वर्षों के अंदर भाजपा की डबल इंजन सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा किपहले नौजवान भटकता रहता था, परिणाम नहीं आता था और अंतत: अदालत को उसमें स्थगनादेश देना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने कहा इस अव्यवस्था से हमारे युवाओं का समय और उम्र खराब होती थी और लोग मानते थे कि हमारा युवा किसी लायक नहीं है। गलती युवा की नहीं बल्कि उन आयोगों और बोर्डों और उस समय की सरकारों में बैठे सरकारी तंत्र और भ्रष्ट राजनेताओं की होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा हमने पहले दिन कहा था कि हम नकल माफिया और विभिन्न संस्थानों में बैठे माफिया की कमर तोड़ेंगे और उसके आकाओं को जमीन-आसमान दिखाएंगे।
समारोह में उप्र सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्ष में उप्र बीमारू राज्य के ठप्पे से अलग हो कर देश की अर्थव्यवस्था का एक स्तंभ बन गया है। शाही ने दावा किया कि कोई अभ्यर्थी यह नहीं कह सकता है कि उसे नियुक्ति में एक रुपया भी खर्च करना पड़ा है।