योगी का आरोप, गरीबी और पिछड़ेपन को दूर करने का प्रयास पिछली सरकारों ने नहीं किए

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 11, 2021

मोदी सरकार पूर्वी उत्तर प्रदेश को गरीबी और पिछड़ेपन से छुटकारा दिलाने का काम कर रही है। पिछली सरकारों ने यहां के लिए कोई प्रयास नहीं किए। पीएम पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए वह सब कुछ कर रहे हैं, जो यहां कभी किसी ने सोचा नहीं था। पीएम के प्रयास से कुछ दिन पहले ही 31 वर्षं से बंद पड़े खाद कारखाने को शुरू कराया गया तो दूसरी तरफ पूर्वांचल में फैले दिमागी बुखार समेत अन्य संक्रामक रोगों से मुक्ति दिलाने के लिए देश का सबसे बड़ा अस्पताल एम्स भी शुरू कराया है। आज यहां के नौ जनपदों को सिंचाई में सहायक होने वाली सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना भी शुरू की जा रही है जो करीब 50 वर्षों से बंद पड़ी थी। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9,800 करोड़ रुपये की लागत से बनीं सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के लोकार्पण के मौके पर बलरामपुर में कहीं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी को सुनने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा। 

मुख्यमंत्री ने सपा, बसपा और कांग्रेस की पिछली सरकारों पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री ने 2015 में कृषि सिंचाई योजना की शुरू की थी, लेकिन उस समय की प्रदेश सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। परिणाम यह हुआ कि लगभग चालीस वर्ष पुरानी सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना अधूरी ही पड़ी रही। 2017 में जब हमारी सरकार बनी तो हमने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि हमारे यहां पहले से लगभग 18 परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। प्रधानमंत्री ने इन्हें पूरा कराने के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी। जिसका परिणाम यह है कि अब तक 17 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इनमें से सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का आज उद्घाटन स्वयं प्रधानमंत्री ने किया। 

इसे भी पढ़ें: नड्डा का अखिलेश पर तंज, कहा- जल्द ही आपकी लाल टोपी भी केसरिया होने वाली है

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को पूरा कराने का जो सपना देखा था, उससे अटल जी के नदी जोड़ने का सपना भी साकार हो रहा है। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के जरिए घाघरा, राप्ती, सरयू, बाणगंगा और रोहिणी को जोड़ा जा रहा है। इससे बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, महराजगंज और गोरखपुर समेत नौ जिलों की जनपदों की लगभग 15 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लाभ मिलेगा। अन्नदाता के सम्मान की रक्षा करने और उनकी आमदनी को दोगुना करने की योजना को आगे बढ़ाने के लिए यूपी सरकार काम कर रही है।

गांव-गांव बनी सड़कें तैयार करेंगी योगी की जीत का रोडमैप

योगी सरकार ने पिछले पौने पांच वर्ष में जिस तरह सड़क मार्ग से गांवों को जोड़ने का काम किया है यह आने वाले चुनाव में योगी की जीत का रोडमैप तैयार करेगा। योगी सरकार अभी तक 15246 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण मार्गों का निर्माण करा चुकी है। जो पिछली सरकारों के मुकाबले मील का पत्थर साबित हो रहा है। इसके साथ ही तहसील और विकास खंड मुख्यालयों को भी दो लेन चौड़े मार्गों से जोड़ा जा रहा है। 

सड़क और बिजली के सहारे विकास के पथ पर आगे बढ़ा जा सकता है। यूपी में योगी सरकार ने इस कहावत को सौ फीसदी लागू किया है। योगी सरकार ने पौने पांच वर्षों में जिस तरह से गांव-ग्रामीण-किसान को बेहतर बनाने के लिए सड़कों का जाल बिछाने का काम किया है। इससे जहां किसानों को अपनी फसल क्रय केन्द्रों तक पहुंचाने में मदद मिली तो ग्रामीणों को भी आवागमन में आसानी हुई है। योगी सरकार ने सड़क मार्ग से मुख्य मार्ग को जोड़कर गांव और शहर के अंतर को कम करने का भी काम किया है। सड़कों का जाल बिछने से गांवों से जहां एक तरफ पलायन कम हुआ तो दूसरी तरफ गांवों में ही रोजगार और विकास को पंख भी लगे हैं। 

पिछले सत्तर वर्षों के उपेक्षित पड़े लगभग 1,557 राजस्व ग्रामों को सम्पर्क मार्गों से जोड़ने का काम किया गया है। लोकनिर्माण विभाग के अनुसार 1,114 करोड़ रुपये खर्च करके इन ग्रामों में 1763 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। जिनमें से अभी तक 1546 से अधिक राजस्व ग्रामों को 1740.24 किमी. से अधिक लम्बाई में मार्ग निर्माण कर सम्पर्क मार्ग से जोड़ा जा चुका है। योगी सरकार ने गांव के मजरों को भी सड़क मार्ग से जोड़ने का काम किया है जिनमें 2275 बसावटों को सम्पर्क मार्ग से जोड़ने के लिए 1407 करोड़ रुपये जारी किए हैं जिनमें से 1717 बसावटों में 2173.60 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण कराया जा चुका है। जबकि मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के तहत 33 राजस्व ग्रामों के लिए 29 किमी लंबे मार्ग के लिए 14.35 करोड़ की लागत से कार्य पूरे कराए जा चुके हैं। 

तहसील व विकास खंड मुख्यालयों को दो लेन से जोड़ा

प्रदेश के 26 तहसील मुख्यालय ऐसे थे जो दो लेन मार्ग से जुड़े नहीं थे। जिन्हें दो लेन मार्ग से जोड़ने के लिए 387 करोड़ रुपये से 270 किमी लंबी सड़क बनाई गई हैं। इनमें से 24 से ज्यादा कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा कराया जा चुका है। वहीं 144 विकास खंड मुख्यालयों को दो लेन मार्गों से जोड़ने के लिए 2088 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस भारी भरकम रकम से विकास खंड मुख्यालय जाने वाली 1282 किमी सड़क को चौड़ा कराया जा रहा है। 144 विकास खंडों में से लगभग 100 कार्यों को पूरा कराया जा चुका है।

प्रदेश भर में मुफ्त राशन वितरण का महाअभियान कल से, तैयारियां पूरी

मुफ्त राशन वितरण महा अभियान का आगाज रविवार को होने जा रहा है। राज्‍य सरकार ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। सीएम योगी प्रदेश में सबसे बड़े राशन वितरण अभियान की शुरुआत करेंगे। सरकार इस अभियान के तहत 15 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारकों को राशन कार्ड धारकों को मुफ्त राशन की डबल डोज देने जा रही है । देश में अब तक का यह सबसे बड़ा राशन वितरण अभियान है। सरकार की योजना का सीधा लाभ अंत्योदय और पात्र घरेलू राशन कार्ड धारकों को मिलेगा। गरीबों,मजदूरों और किसानों को बड़ा सहारा देने के लिए शुरू हो रहे इस अभियान की निगरानी अफसरों के साथ ही सांसद और विधायक भी करेंगे। 

इसे भी पढ़ें: दुबई एक्सपो में उत्तर प्रदेश मंडप का उद्घाटन, निवेश अवसरों की दी गयी जानकारी

रविवार से शुरू होने जा रही राशन वितरण के महा अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। योजना के तहत अंत्योदय राशन कार्डधारकों और पात्र परिवारों को दोगुना राशन वितरित किया जाना है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत लगभग 1,30,07,969 इकाइयां और पात्र घरेलू कार्डधारकों की 13,41,77,983 इकाइयां प्रदेश में हैं। गौरतलब है कि महामारी के दौर में शुरू हुई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना नवंबर में खत्म हो रही थी इसको देखते हुए सीएम योगी ने 3 नवंबर को अयोध्या में राज्य सरकार की ओर से होली तक मुफ्त राशन वितरण की घोषणा की थी। जिसके बाद से यूपी के पात्र कार्ड धारकों को हर महीने 10 किलो राशन मुफ्त दिया जा रहा है। केंद्र ने भी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को मार्च 2022 तक बढ़ा दिया है। इतना ही नहीं यूपी सरकार राशन कार्ड धारकों को महीने में दो बार गेहूं और चावल मुफ्त दे रही है। राशन दुकानों से दाल, खाद्य तेल और नमक भी मुफ्त दिया जा रहा है। बता दें कि प्रदेश सरकार ने कोरोना काल में भी गरीबों और बेसहारा लोगों की मदद की। 80 हजार कोटेदारों के माध्यम से राशन वितरण अभियान को हर गरीब तक पहुंचाने का बड़ा काम किया है।

प्रमुख खबरें

Punjab High Alert | जालंधर और अमृतसर में सैन्य ठिकानों के पास हुए जोरदार धमाके, IED के इस्तेमाल की आशंका, उच्च-स्तरीय जांच शुरू

IPL 2026 CSK vs DC | संजू सैमसन की तूफानी पारी, चेन्नई सुपरकिंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स को 8 विकेट से हराया

ISIS Bioterrorism Conspiracy | NIA ने आईएसआईएस से जुड़ी साजिश मामले में डॉक्टर, दो अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया

जालंधर: BSF मुख्यालय के बाहर स्कूटर में हुआ भीषण ब्लास्ट, इलाके में दहशत का माहौल