By डॉ. अनिमेष शर्मा | Jun 20, 2026
डिजिटल इंडिया के दौर में बैंकिंग सेवाएं लगातार आसान होती जा रही हैं। आज के समय में पैसे निकालने के लिए हमेशा एटीएम कार्ड, मोबाइल बैंकिंग या इंटरनेट की जरूरत नहीं होती। अगर आपके पास आधार कार्ड है और आपका बैंक खाता उससे लिंक है, तो आप केवल अपने अंगूठे या फिंगरप्रिंट की मदद से भी बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। यह सुविधा आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) के जरिए उपलब्ध कराई जाती है।
इस सिस्टम के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। बैंक मित्र और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) इस तकनीक का उपयोग करके लोगों को उनके आसपास ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं।
AEPS की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी डेबिट कार्ड, PIN या OTP की जरूरत नहीं होती। आपका आधार नंबर और बायोमेट्रिक पहचान ही आपकी बैंकिंग एक्सेस बन जाते हैं।
जब आप बैंक मित्र या माइक्रो-एटीएम मशीन के पास जाते हैं, तो वहां आपके आधार नंबर और फिंगरप्रिंट के जरिए आपकी पहचान सत्यापित की जाती है। पहचान सफल होने के बाद आप पैसे निकाल सकते हैं, जमा कर सकते हैं या अन्य बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।
यह पूरी प्रक्रिया आधार प्रमाणीकरण और बैंकिंग नेटवर्क के बीच सुरक्षित तरीके से संचालित होती है। इसका संचालन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा किया जाता है।
AEPS के जरिए लेनदेन करने के लिए सबसे पहले आपको किसी बैंक मित्र, ग्राहक सेवा केंद्र या AEPS सुविधा वाले मर्चेंट के पास जाना होता है। वहां आपको अपना बैंक चुनना होता है और आधार नंबर बताना होता है। इसके बाद लेनदेन की राशि दर्ज की जाती है।
अगले चरण में मशीन पर अपना अंगूठा या फिंगरप्रिंट लगाकर पहचान सत्यापित करनी होती है। सत्यापन पूरा होते ही लेनदेन सफल हो जाता है और आपको नकद राशि या संबंधित सेवा प्राप्त हो जाती है।
अधिकांश लोग AEPS को केवल पैसे निकालने की सुविधा समझते हैं, लेकिन इसके जरिए कई अन्य बैंकिंग कार्य भी किए जा सकते हैं।
इस सेवा के माध्यम से खाते में नकद जमा किया जा सकता है। बैंक बैलेंस की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। मिनी स्टेटमेंट या हालिया ट्रांजेक्शन की जानकारी हासिल की जा सकती है। इसके अलावा आधार से जुड़े एक बैंक खाते से दूसरे खाते में धनराशि ट्रांसफर भी की जा सकती है।
यानी एक छोटी सी माइक्रो-एटीएम मशीन आपके लिए मिनी बैंक शाखा का काम करती है।
देश के कई गांवों और दूरस्थ इलाकों में बैंक शाखाएं और एटीएम मशीनें आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे क्षेत्रों में AEPS एक प्रभावी समाधान बनकर उभरा है।
बुजुर्ग नागरिक, दिव्यांग व्यक्ति और वे लोग जिन्हें ATM PIN याद रखने या डिजिटल ऐप्स का उपयोग करने में कठिनाई होती है, वे इस सुविधा का आसानी से लाभ उठा सकते हैं। केवल अंगूठे की मदद से बैंकिंग करना उनके लिए बेहद सुविधाजनक साबित हो रहा है।
इसके अलावा यदि कभी आपका ATM कार्ड खो जाए या आप अपना वॉलेट घर पर भूल जाएं, तब भी आधार और बायोमेट्रिक पहचान के जरिए नकद प्राप्त किया जा सकता है।
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि आपका बैंक खाता आधार नंबर से लिंक होना चाहिए। यदि खाता आधार से लिंक नहीं है, तो AEPS सेवा काम नहीं करेगी।
साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आपका बायोमेट्रिक डेटा लॉक न हो। यदि आपने सुरक्षा कारणों से बायोमेट्रिक लॉक कर रखा है, तो पहले उसे अनलॉक करना होगा। तभी फिंगरप्रिंट या अन्य बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण सफल हो सकेगा।
आधार AEPS ने बैंकिंग सेवाओं को पहले से कहीं अधिक सरल और सुलभ बना दिया है। अब लोगों को पैसे निकालने या छोटे-मोटे बैंकिंग कार्यों के लिए एटीएम कार्ड, इंटरनेट या स्मार्टफोन पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। केवल आधार नंबर और बायोमेट्रिक पहचान के जरिए सुरक्षित तरीके से बैंकिंग सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है। यही वजह है कि AEPS आज ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग को नई दिशा देने का काम कर रहा है।
- डॉ. अनिमेष शर्मा