By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 04, 2023
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं से खुद को सशक्त बनाने और समाज में सकारात्मक प्रभाव लाने के लिए भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से सीख लेने का आह्वान किया। बौद्धों के दूसरे सबसे पवित्र दिन ‘आषाढ़ पूर्णिमा’ के अवसर पर सोमवार को यहां राष्ट्रीय संग्रहालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुर्मू का एक रिकॉर्ड किया गया वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में राष्ट्रपति मुर्मू के हवाले से कहा गया है कि भगवान बुद्ध की तीन शिक्षाओं-शील, सदाचार और प्रज्ञा-का पालन करके युवा पीढ़ी खुद को सशक्त बना सकती है और समाज में सकारात्मक प्रभाव ला सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘आषाढ़ पूर्णिमा पर हम भगवान बुद्ध के ‘धम्म’ से परिचित हुए, जो न केवल हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन की एक अनिवार्य विशेषता भी है।’’
इस दौरान, उन्होंने विशेष रूप से जेनु कुरुबा और कोरागा समुदायों के पीवीटीजी सदस्यों के साथ बातचीत की और उनसे विभिन्न सरकारी पहलों का लाभ उठाने के लिए भी कहा।राजभवन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रपति ने पीवीटीजी समुदाय, विशेषकर महिलाओं के लिए शिक्षा के अत्यधिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने समुदाय एवं महिलाओं को आदिवासी महिला सशक्तिकरण योजना सहित विभिन्न पहल का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।’’ मुर्मू ने कर्नाटक में इस समुदाय से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने वाली पहली महिला से मिलकर खुशी भी व्यक्त की।