By अभिनय आकाश | Jun 02, 2025
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रूस पर ड्रोन अटैक को लेकर सेना की तारीफ की है। रूस के एयरबेस पर हमला किया गया और इसको लेकर जेलेंस्की ने कहा कि ये प्रशंसनीय है। हमले के दौरान 117 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। जेलेंस्की ने कहा कि क्रूज मिसाइल वाहक यानी लॉन्चर्स को निशाना बनाया गया है। इसके लिए जेलेंस्की ने अपनी सेना की तारीफ की है। आपको बता दें कि रूस-यूक्रेन के बीच एक और दौर की सीधी बातचीत से ठीक पहले यूक्रेन ने रविवार को एक बड़ा हमला किया। यूक्रेन ने दावा किया कि उसने रूस के अंदर बेहद गोपनीय तरीके से बड़ा ड्रोन हमला किया। इसमें न्यूक्लियर बम बरसाने की काबीलियत रखने वाले 41 सैन्य विमानों को नष्ट कर दिया गया। यह हमला रूस की सीमा के 4,000 किलोमीटर अंदर स्थित इर्कुत्स्क क्षेत्र के वेलाया एयरवेस समेत कई ठिकानों पर किया गया।
तुर्किये में शांति वार्ता की हो रही है तैयारी
रूस-यूक्रेन के बीच एक नई शांति वार्ता की शुरुआत से ठीक पहले युद्ध का तनाव चरम पर पहुंच गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने घोषणा की है कि सोमवार को तुर्किये के इस्तांबुल शहर में रूस के साथ नई सीधी वार्ता की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस वार्ता में यूक्रेन के रक्षा मंत्री रुस्तम उमेरोव प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक मेसेज में कहा कि हम अपनी आजादी, अपने राज्य और अपने लोगों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।' हालांकि, शांति वार्ता की इस पहल के बीच जमीनी हालात बिल्कुल विपरीत दिशा में जा रहे हैं। यूक्रेनी वायुसेना का कहना है कि रूस ने कुल 472 ड्रोन हमले किए, जो फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से एक रिकॉर्ड संख्या है।
रूसी सेना को बड़ा झटका लगा
हालांकि रूसी सरकार ने आधिकारिक तौर पर नुकसान की पूरी सीमा की पुष्टि नहीं की है, लेकिन विश्लेषकों का सुझाव है कि ये हमले राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सैन्य बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ा झटका हैं। हमलों को उच्च मूल्य वाली रूसी सैन्य संपत्तियों के खिलाफ लंबी दूरी के, सटीक हमले करने की यूक्रेन की बढ़ती क्षमताओं के प्रदर्शन के रूप में देखा जाता है। सैन्य विशेषज्ञ सर्गेई इवानोव ने कहा कि यह ऑपरेशन एक रणनीतिक मोड़ है।" "यूक्रेन ने प्रदर्शित किया है कि वह उच्च सटीकता के साथ रूसी क्षेत्र में गहराई से हमला कर सकता है, जिससे ऐसी क्षति होगी जिसका रूस की सैन्य क्षमताओं के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक निहितार्थ होगा।
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