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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
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      <title><![CDATA[Messi के 'आखिरी मिशन' पर टिकी Argentina की उम्मीदें, World Cup 2026 में इतिहास दोहराने की बड़ी चुनौती।]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/argentinas-hopes-rest-on-messis-final-mission-challenge-lies-in-repeating-history-at-world-cup]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>विश्व कप 2026 की शुरुआत से पहले मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना एक बार फिर खिताब की प्रबल दावेदार टीमों में गिनी जा रही है। हालांकि इस बार चर्चा केवल लियोनेल मेसी की नहीं, बल्कि उस टीम की भी हो रही है जो लगभग उसी स्वरूप में मैदान पर उतरने वाली है जिसने वर्ष 2022 में कतर में इतिहास रचा था। चार साल बाद भी अर्जेंटीना का भरोसा अपने अनुभवी खिलाड़ियों पर कायम है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत भी मानी जा रही है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि कतर विश्व कप जीतने वाली अर्जेंटीना टीम के अधिकांश खिलाड़ी इस बार भी विश्व कप दल का हिस्सा हैं। मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी अब भी टीम की कमान संभाल रहे हैं, जबकि कप्तान के रूप में लियोनेल मेसी एक बार फिर सबसे बड़ी उम्मीद बने हुए हैं। गोलपोस्ट की जिम्मेदारी एमिलियानो मार्टिनेज के पास है और रक्षापंक्ति व मध्यपंक्ति का बड़ा हिस्सा भी पहले जैसा ही नजर आ रहा है।</div><div><br></div><div>बता दें कि विश्व कप जीतने के बाद अर्जेंटीना ने वर्ष 2024 में कोपा अमेरिका का खिताब भी अपने नाम किया था। यही कारण है कि टीम प्रबंधन ने सफल संयोजन को बरकरार रखने का फैसला किया है। हालांकि दूसरी ओर यह भी सच है कि चार वर्षों में खिलाड़ी उम्रदराज हुए हैं और लंबे टूर्नामेंट में इसका असर देखने को मिल सकता है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार वर्तमान अर्जेंटीना दल में केवल तीन खिलाड़ी ऐसे हैं जिनकी उम्र 25 वर्ष से कम है। इनमें कई खिलाड़ी पहली बार विश्व कप खेलेंगे। अनुभवी खिलाड़ियों पर अधिक निर्भरता को लेकर कुछ विशेषज्ञों ने सवाल भी उठाए हैं, लेकिन कोच स्कालोनी ने युवा जोश की जगह भरोसेमंद प्रदर्शन को प्राथमिकता दी है।</div><div><br></div><div>इस बार एलेजांद्रो गार्नाचो जैसे युवा खिलाड़ी को टीम में जगह नहीं मिली है। वहीं रियल मैड्रिड से जुड़े युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी फ्रांको मास्तांतुओनो भी अंतिम दल में शामिल नहीं किए गए हैं। 18 वर्षीय मास्तांतुओनो ने राष्ट्रीय टीम के लिए अवसर मिलने पर प्रभावित किया था और मेसी के साथ उनकी समझ भी अच्छी दिखाई दी थी, लेकिन अनुभव की कमी शायद उनके चयन में बाधा बनी है।</div><div><br></div><div>अर्जेंटीना की कहानी एक बार फिर लियोनेल मेसी के इर्द-गिर्द घूमती नजर आएगी। हालांकि कतर विश्व कप ने यह भी साबित किया था कि केवल मेसी के दम पर खिताब नहीं जीता जा सकता। जब जूलियन अल्वारेज, लाउतारो मार्टिनेज और अन्य खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली, तभी टीम ने सफलता हासिल की थी।</div><div><br></div><div>26 वर्षीय जूलियन अल्वारेज और 28 वर्षीय लाउतारो मार्टिनेज अब विश्व कप विजेता खिलाड़ी हैं और इस बार उनसे बड़ी भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है। मध्यपंक्ति में एंजो फर्नांडीज और एलेक्सिस मैक एलिस्टर टीम की रचनात्मक शक्ति माने जा रहे हैं। वहीं रोड्रिगो डी पॉल और थियागो अल्मादा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</div><div><br></div><div>युवा खिलाड़ियों में जूलियानो सिमियोने पर भी नजरें रहेंगी। एटलेटिको मैड्रिड के लिए खेलने वाले जूलियानो अपने पिता डिएगो सिमियोने के मार्गदर्शन में खेलते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई है। इसके अलावा निको पाज और वैलेंटिन बार्को जैसे युवा खिलाड़ियों को भविष्य के सितारों के रूप में देखा जा रहा है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि अर्जेंटीना को प्रारंभिक चरण में ऑस्ट्रिया, जॉर्डन और अल्जीरिया जैसी टीमों का सामना करना है। कागज पर यह समूह अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है, लेकिन असली चुनौती बाद के चरणों में सामने आ सकती है। ऐसे में टीम की रक्षा पंक्ति और गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।</div><div><br></div><div>लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतना आसान नहीं माना जाता है। वर्ष 1962 के बाद कोई भी टीम लगातार दो विश्व कप नहीं जीत सकी है। फिर भी अर्जेंटीना के पास अनुभव, संतुलन और मेसी जैसा महान खिलाड़ी मौजूद है। यही कारण है कि दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसक यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि क्या मेसी अपने शानदार करियर का एक और सुनहरा अध्याय लिख पाएंगे या नहीं।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 20:48:23 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/argentinas-hopes-rest-on-messis-final-mission-challenge-lies-in-repeating-history-at-world-cup</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[Transfer की खबरों पर बवाल, एटलेटिको ने कहा- Julian Alvarez हमारे Player, बिकाऊ नहीं]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/uproar-over-transfer-rumors-atletico-states-julian-alvarez-is-their-player-and-not-for-sale]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>एटलेटिको मैड्रिड और रियल मैड्रिड के बीच अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी जूलियन अल्वारेज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सार्वजनिक बयानबाजी तक पहुंच गया।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार रियल मैड्रिड ने जूलियन अल्वारेज को अपने साथ जोड़ने के लिए 15 करोड़ यूरो का प्रस्ताव पेश करने की घोषणा की थी। इसके बाद एटलेटिको मैड्रिड ने अपने आधिकारिक सामाजिक माध्यम मंच पर एक तीखा बयान जारी करते हुए अपने शहर के प्रतिद्वंद्वी क्लब को जवाब दिया है।</div><div><br></div><div>एटलेटिको मैड्रिड ने अपने बयान में रियल मैड्रिड पर व्यंग्य करते हुए कहा कि उनके पड़ोसी क्लब ने उस वीडियो के एक हिस्से को अपने हिसाब से हटा दिया, जिसमें पोप ने स्वयं को एटलेटिको का समर्थक भी बताया था। क्लब ने यह भी कहा कि रियल मैड्रिड ने शिष्टाचार को शायद आभार समझ लिया है, लेकिन उन्हें किसी तरह के धन्यवाद की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि एटलेटिको मैड्रिड ने सबसे महत्वपूर्ण बात यह स्पष्ट की कि वह जूलियन अल्वारेज के लिए आए किसी भी प्रस्ताव पर न तो विचार कर रहा है और न ही उसका मूल्यांकन कर रहा है। क्लब का कहना है कि खिलाड़ी उनके भविष्य की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और फिलहाल उन्हें बेचने का कोई इरादा नहीं है।</div><div><br></div><div>बता दें कि जूलियन अल्वारेज वर्तमान समय में विश्व फुटबॉल के सबसे चर्चित आक्रमक खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। अर्जेंटीना के लिए विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रह चुके अल्वारेज ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। यही कारण है कि यूरोप के कई बड़े क्लब उनकी सेवाएं हासिल करने में रुचि दिखाते रहे हैं।</div><div><br></div><div>एटलेटिको मैड्रिड ने अपने बयान के अंत में एक और कटाक्ष करते हुए कहा कि दोनों क्लबों के बीच रिश्ते खराब कैसे हो सकते हैं, जब रियल मैड्रिड उन्हें उनके दूसरे प्रतिद्वंद्वी बार्सिलोना से भी अधिक मनोरंजन प्रदान करता है। इस टिप्पणी को फुटबॉल जगत में बड़ी चर्चा का विषय माना जा रहा है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि रियल मैड्रिड, एटलेटिको मैड्रिड और बार्सिलोना के बीच प्रतिस्पर्धा स्पेनिश फुटबॉल की सबसे बड़ी कहानियों में शामिल रही है। खासकर मैड्रिड के दोनों क्लबों के बीच मुकाबलों को स्थानीय सम्मान और प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जाता है। ऐसे में खिलाड़ियों के संभावित स्थानांतरण को लेकर विवाद और भी संवेदनशील हो जाते हैं।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार एटलेटिको मैड्रिड का रुख फिलहाल पूरी तरह साफ है। क्लब जूलियन अल्वारेज को अपने साथ बनाए रखना चाहता है और किसी भी प्रस्ताव पर बातचीत के संकेत नहीं दिए गए हैं। दूसरी ओर रियल मैड्रिड की ओर से इस जवाब पर अभी तक कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।</div><div><br></div><div>फुटबॉल के जानकारों का मानना है कि इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी दोनों क्लबों के बीच पहले से मौजूद प्रतिद्वंद्विता को और बढ़ा सकती है। हालांकि यह भी सच है कि बड़े खिलाड़ियों के नाम अक्सर स्थानांतरण बाजार में चर्चा का केंद्र बन जाते हैं और कई बार ऐसी चर्चाएं वास्तविक सौदों से कहीं अधिक सुर्खियां बटोरती हैं।</div><div><br></div><div>फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में जूलियन अल्वारेज के भविष्य को लेकर कोई नया घटनाक्रम सामने आता है या नहीं। लेकिन एटलेटिको मैड्रिड के ताजा बयान ने यह जरूर साफ कर दिया है कि क्लब अपने स्टार खिलाड़ी को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 20:35:48 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/uproar-over-transfer-rumors-atletico-states-julian-alvarez-is-their-player-and-not-for-sale</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Lionel Messi का शानदार Comeback, Penalty पर दागा गोल और बनाया Argentina का ऐतिहासिक Record]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/lionel-messis-spectacular-comeback-scored-a-penalty-and-set-a-historic-record-for-argentina]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>विश्व कप की तैयारियों के बीच अर्जेंटीना के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। टीम के कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने चोट से वापसी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और आइसलैंड के खिलाफ अपनी टीम की 3-0 की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मुकाबले में मेसी ने न केवल गोल किया बल्कि एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार लियोनेल मेसी हाल ही में मांसपेशियों की समस्या के कारण टीम से बाहर चल रहे थे। इसी वजह से वह होंडुरास के खिलाफ अभ्यास मुकाबले में भी नहीं खेल सके थे। हालांकि आइसलैंड के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने दूसरे हाफ में मैदान पर उतरकर यह संकेत दे दिया कि वह विश्व कप के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि मेसी को मुकाबले के 70वें मिनट में मैदान पर उतारा गया था। उनके आने के कुछ ही समय बाद अर्जेंटीना को पेनाल्टी मिली, जिसे मेसी ने गोल में बदलकर टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया। यह गोल उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 117वां गोल था। उन्होंने यह उपलब्धि अपने 199वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हासिल की है।</div><div><br></div><div>इस गोल के साथ मेसी ने अर्जेंटीना फुटबॉल इतिहास का एक पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। 38 वर्ष, 11 महीने और 14 दिन की उम्र में गोल करने वाले वह अर्जेंटीना के सबसे उम्रदराज गोलकरने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड एंजेल लाब्रुना के नाम था, जिन्होंने वर्ष 1957 में यह उपलब्धि हासिल की थी।</div><div><br></div><div>बता दें कि मुकाबले की शुरुआत से ही अर्जेंटीना का दबदबा देखने को मिला। टीम के लिए पहला गोल वैलेंटिन बार्को ने आठवें मिनट में किया। आइसलैंड की रक्षापंक्ति द्वारा गेंद को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाने का फायदा उठाते हुए बार्को ने शानदार प्रहार किया और टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई।</div><div><br></div><div>मेसी के गोल के बाद अर्जेंटीना का आत्मविश्वास और बढ़ गया। मुकाबले के अंतिम चरण में मेसी ने एक महत्वपूर्ण पास भी दिया, जिससे बने आक्रमण के दौरान थियागो अल्मादा ने 87वें मिनट में तीसरा गोल दाग दिया। इस तरह अर्जेंटीना ने 3-0 की एकतरफा जीत दर्ज की।</div><div><br></div><div>मौजूद आंकड़ों के अनुसार अर्जेंटीना ने पूरे मुकाबले में 63 प्रतिशत समय तक गेंद अपने कब्जे में रखी। टीम ने कुल 15 बार गोल पर प्रयास किए, जबकि आइसलैंड केवल छह प्रयास ही कर सका। साथ ही अर्जेंटीना ने विपक्षी टीम को कोई गोल नहीं करने दिया और मुकाबला बिना गोल खाए खत्म किया।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि यह मुकाबला अर्जेंटीना के ‘रोड टू 26’ तैयारी अभियान का अंतिम अभ्यास मैच था। विश्व कप से पहले टीम ने उत्तरी अमेरिका के बड़े स्टेडियमों में कई अभ्यास मुकाबले खेले हैं। इन मैचों का उद्देश्य खिलाड़ियों की फिटनेस परखना, नई रणनीतियों को आजमाना और टीम संयोजन को अंतिम रूप देना था।</div><div><br></div><div>अर्जेंटीना की टीम वर्ष 2022 में विश्व चैंपियन बनी थी और अब उसका लक्ष्य लगातार दूसरी बार खिताब जीतना है। यदि टीम ऐसा करने में सफल रहती है तो वह वर्ष 1962 में ब्राजील के बाद लगातार दो विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी भी इन अभ्यास मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों को घुमाकर खिलाते रहे हैं ताकि सभी खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट से पहले पूरी तरह तैयार रह सकें।</div><div><br></div><div>विश्व कप के शुरुआती चरण में अर्जेंटीना को अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन जैसी टीमों का सामना करना है। ऐसे में मेसी की फिटनेस और शानदार लय टीम के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकती है। उनकी वापसी ने न केवल टीम प्रबंधन बल्कि लाखों प्रशंसकों का भी भरोसा मजबूत कर दिया है।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 20:15:20 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/lionel-messis-spectacular-comeback-scored-a-penalty-and-set-a-historic-record-for-argentina</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Australian Open में PV Sindhu का दमदार आगाज़, Tanvi समेत 5 भारतीय महिलाएं Round of 16 में]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/australian-open-pv-sindhu-advances-tanvi-stuns-5th-seed]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू की अगुआई में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने बुधवार को यहां ऑस्ट्रेलियाई ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में प्रभावी प्रदर्शन किया जबकि तन्वी शर्मा भी उलटफेर करने में सफल रहीं।
 तीसरी वरीय सिंधू, तन्वी, मालविका बंसोड, ईशारानी बरुआ और तान्या हेमंत सभी ने राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई।
 भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ियों के लिए हालांकि बुधवार का दिन खराब रहा जब किरण जॉर्ज, थारुन मान्नेपल्ली और क्वालीफायर सनीथ दयानंद पहले दौर में हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
</p><p> सिंधू ने महिला एकल के पहले दौर के एकतरफा मुकाबले में पेरू की इनेस लूसिया कास्टिलो सालाजार को सीधे गेम में सिर्फ 32 मिनट में 21-13, 21-11 से हराया।
 सिंधू अगले दौर में हमवनत ईशारानी से भिड़ेंगी जिन्होंने एक घंटा तीन मिनट चले कड़े मुकाबले में चीन की हान कियान को 22-20, 10-21, 21-14 से शिकस्त दी।
 दिन का सबसे बड़ा उलटफेर 17 साल की तन्वी ने किया जिन्होंने पांचवीं वरीय और दुनिया की 11वें नंबर की खिलाड़ी चीनी ताइपे की च्यु पिन चियान को 45 मिनट में 21-12, 22-20 से शिकस्त दी।
 दुनिया की 36वें नंबर की खिलाड़ी तन्वी अगले दौर में साथी भारतीय खिलाड़ी मालविका से भिड़ेंगी जिन्होंने पहला गेम गंवाने के बाद वापसी करते हुए थाईलैंड की तोंरुंग सेहेंग को 15-21, 21-7, 21-13 से हराया।</p><p>
 तान्या ने अमेरिका की इशिका जायसवाल को 39 मिनट में 21-17, 21-18 से हराया। वह अगले दौर में थाईलैंड की दूसरी वरीय और दुनिया की आठवें नंबर की खिलाड़ी पोर्नपावी चोचुवोंग से भिड़ेंगी।
 पुरुष एकल में किरण को कड़े मुकाबले में मलेशिया के जस्टिन हो के खिलाफ एक घंटा दो मिनट में 19-21, 21-14, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा।
 क्वालीफायर दयानंद भी चीन के हू झिआन के खिलाफ सिर्फ 35 मिनट में 8-21, 10-21 की हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गए।</p><p>
 थारुन उलटफेर करने के करीब पहुंचे लेकिन अंतत: उन्हें दूसरे वरीय और दुनिया के 10वें नंबर के खिलाड़ी चीनी ताइपे के लिन चुन यी के खिलाफ एक घंटा 20 मिनट में 21-18, 13-21, 23-25 से शिकस्त झेलनी पड़ी।
 मिश्रित युगल में ध्रुव रावत और मनीषा के ने लिन जेडन और विक्टोरिया जोनाडी की ऑस्ट्रेलिया की जोड़ी को 27 मिनट में 21-13, 21-14 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया।
 मोहित जगलान और लक्षिता जगलान को हालांकि गुओ शिन वा और चेन फेंग हुइ की चीन की दूसरी वरीय जोड़ी के खिलाफ सिर्फ 20 मिनट में 6-21, 5-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 18:02:36 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/australian-open-pv-sindhu-advances-tanvi-stuns-5th-seed</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[FIFA World Cup 2026 | फुटबॉल वर्ल्ड कप के नए नियम! मुंह ढकने पर रेड कार्ड से लेकर 5-सेकंड काउंटडाउन तक, देखें पूरी लिस्ट]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/fifa-world-cup-2026-from-red-card-for-covering-face-to-5-second-countdown-check-out-full-list]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>फुटबॉल जगत के सबसे बड़े महाकुंभ, FIFA वर्ल्ड कप 2026 का काउंटडाउन खत्म हो चुका है। अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाला यह टूर्नामेंट फुटबॉल इतिहास का सबसे अनोखा टूर्नामेंट होने जा रहा है। खेल को और अधिक पारदर्शी, अनुशासित और तेज बनाने के लिए फुटबॉल के नियम बनाने वाली संस्था IFAB (इन्टरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड) ने कई ऐतिहासिक और कड़े बदलावों को मंजूरी दी है। खिलाड़ियों के व्यवहार, सब्स्टिट्यूशन (खिलाड़ी बदलना), वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) के अधिकार और टाइम वेस्टिंग (समय की बर्बादी) को लेकर लागू होने वाले इन नए नियमों की पूरी लिस्ट नीचे दी गई है:</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket/pakistan-women-team-to-tour-sri-lanka-immediately-after-t20-world-cup-6-match-series-will-be-played" target="_blank">T20 World Cup के फौरन बाद Pakistan Women Team का Sri Lanka दौरा, होगी 6 मैचों की सीरीज़</a></h3><div>&nbsp;</div><div><b>मुंह ढकने पर रोक</b></div><div>सबसे बड़े बदलावों में से एक खिलाड़ियों के बीच होने वाली बहस या टकराव से जुड़ा है। जो फुटबॉलर विरोधी खिलाड़ी से बहस करते समय अपना मुंह हाथ, बांह या शर्ट से ढकेंगे, उन्हें अब रेड कार्ड दिखाया जाएगा। यह नियम चैंपियंस लीग सीज़न के दौरान रियल मैड्रिड के विनीसियस जूनियर और बेनफिका के जियानलुका प्रेस्टियानी के बीच हुई एक घटना के बाद बनाया गया है।</div><div><br></div><div><b>देरी और सज़ा</b></div><div>सब्स्टिट्यूशन के लिए भी समय के कड़े नियम होंगे। बदले जाने के बाद, खिलाड़ी को सबसे नज़दीकी रास्ते से 10 सेकंड के अंदर मैदान छोड़ना होगा। ऐसा न करने पर, सब्स्टिट्यूट खिलाड़ी को खेल के अगले रुकाव तक मैदान में आने से रोका जाएगा, जिससे उस दौरान टीम एक खिलाड़ी कम के साथ खेलेगी। अगर अगला रुकाव एक मिनट के अंदर होता है, तो इंतज़ार जारी रहेगा।</div><div><br></div><div>रेफरी को खेल फिर से शुरू होने (रीस्टार्ट) के दौरान होने वाली देरी से निपटने के लिए ज़्यादा अधिकार दिए गए हैं। अगर थ्रो-इन या कॉर्नर किक में बहुत ज़्यादा देरी होती है, तो अधिकारी पांच सेकंड का काउंटडाउन शुरू कर सकते हैं। अगर तय समय में खेल फिर से शुरू नहीं किया जाता है, तो गेंद का कब्ज़ा बचाव करने वाली टीम को दिया जा सकता है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/general-upendra-dwivedi-visits-northern-command-amid-pok-unrest" target="_blank">PoK में बवाल के बीच एक्शन मोड में Indian Army, सेनाध्यक्ष General Upendra Dwivedi पहुँचे Northern Command</a></h3><div><br></div><div>टूर्नामेंट के आयोजकों ने होस्ट वेन्यू पर खेलने की स्थितियों और ज़्यादा तापमान को देखते हुए हर हाफ में 'हाइड्रेशन ब्रेक' (पानी पीने के लिए ब्रेक) भी शुरू किए हैं।</div><div><br></div><div><b>VAR की ज़िम्मेदारियों में बढ़ोतरी</b></div><div>मुकाबले से पहले VAR की ज़िम्मेदारियों को बढ़ाया गया है। अधिकारी अब गलत तरीके से दी गई कॉर्नर किक की समीक्षा कर सकेंगे, बशर्ते खेल फिर से शुरू करने में देरी न हुई हो। रीस्टार्ट की स्थिति से खेल शुरू होने से पहले किए गए अटैकिंग फाउल की भी समीक्षा की जा सकेगी।</div><div><br></div><div>VAR का अतिरिक्त दखल तब भी हो सकता है जब दूसरा पीला कार्ड साफ़ तौर पर गलत हो या गलत पहचान के कारण किसी गलत खिलाड़ी के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।</div><div><br></div><div><b>अतिरिक्त नियम</b></div><div>मेडिकल ट्रीटमेंट की प्रक्रियाओं में भी बदलाव किए गए हैं। जिन आउटफील्ड खिलाड़ियों का इलाज होता है, उन्हें वापस आने से पहले एक मिनट तक मैदान से बाहर रहना होगा। गोलकीपर, आपस में टकराने वाले खिलाड़ी और गंभीर चोटों से जूझ रहे खिलाड़ियों को इस नियम से छूट दी गई है।</div><div><br></div><div>एक और बदलाव टीम के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। अगर कोई खिलाड़ी रेफरी के फ़ैसले के विरोध में मैदान से बाहर जाता है, तो उसे रेड कार्ड मिलेगा। ऐसे काम के लिए बढ़ावा देने वाले कोच को भी वैसी ही सज़ा मिलेगी। विरोध के कारण मैच रद्द होने के लिए ज़िम्मेदार टीमों को मैच हारना भी पड़ सकता है।<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">The new laws of the game which are set to debut at <a href="https://x.com/FIFAWorldCup?ref_src=twsrc%5Etfw">@FIFAWorldCup</a> 2026 ⚽️ <a href="https://t.co/cFKgQzKQrl">pic.twitter.com/cFKgQzKQrl</a></p>— FIFA (@FIFAcom) <a href="https://x.com/FIFAcom/status/2064410428386554007?ref_src=twsrc%5Etfw">June 9, 2026</a></blockquote> ]]></description>
      <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 16:01:46 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/fifa-world-cup-2026-from-red-card-for-covering-face-to-5-second-countdown-check-out-full-list</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Archery World Cup: तुर्किये में साहिल और ज्योति का कमाल, क्वालिफिकेशन के Top 10 में बनाई जगह]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/archery-world-cup-sahil-and-jyothi-shine-in-t%C3%BCrkiye-spot-in-top-10-of-the-qualification-round]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>मौजूदा सत्र में शानदार प्रदर्शन कर रहे युवा भारतीय तीरंदाज साहिल जाधव ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रभावशाली खेल जारी रखते हुए मंगलवार को यहां तीरंदाजी विश्व कप के चरण-तीन की कंपाउंड स्पर्धा के क्वालिफिकेशन दौर में 10वां स्थान हासिल किया जबकि अनुभवी तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेन्नम महिलाओं की कंपाउंड स्पर्धा में सातवें स्थान पर रहीं।
पिछले महीने शंघाई में अपना पहला विश्व कप पदक जीतने वाले साहिल ने पुरुष कंपाउंड क्वालिफिकेशन में 710 अंक जुटाए।</p><p> ऑस्ट्रिया के निको वीनर 714 अंकों के साथ शीर्ष पर रहे। साहिल समेत कुल सात तीरंदाज 710 अंकों पर बराबरी पर थे, लेकिन एक्स-काउंट (निशाने के केंद्र के करीब) के आधार पर भारतीय खिलाड़ी 10वें स्थान पर खिसक गए।
भारत के ऋषभ यादव 706 अंकों के साथ 22वें स्थान पर रहे, लेकिन वह टीम स्पर्धा में हिस्सा नहीं ले पाएंगे, क्योंकि उनका नाम सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों के लिए चुनी गई तीन सदस्यीय टीम में शामिल नहीं है।
एशियाई खेलों के लिए चयनित गणेश मणि रत्नम तिरुमुरु ने 703 अंकों के साथ 33वां और कुशल दलाल 699 अंकों के साथ 43वां स्थान प्राप्त किया। साहिल के साथ यही दोनों खिलाड़ी पुरुष टीम स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।</p><p> भारतीय पुरुष टीम को तीसरी वरीयता मिली है और वह अपने अभियान की शुरुआत सिंगापुर के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
महिला कंपाउंड स्पर्धा में ज्योति सुरेखा वेन्नम 700 अंकों के साथ भारत की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली तीरंदाज रहीं और सातवें स्थान पर रही। चिकिता तनिपार्थी 10वें स्थान पर रहीं, जबकि परनीत कौर 693 अंकों के साथ 18वें स्थान पर रहीं, क्रमशः दूसरी और तीसरी सर्वश्रेष्ठ भारतीय तीरंदाज बनीं।
एशियाई खेलों के लिए चयनित 17 वर्षीय पृथिका प्रदीप 690 अंकों के साथ भारतीय खिलाड़ियों में सबसे पीछे 22वें स्थान पर रहीं। इसके बावजूद वह टीम स्पर्धा में हिस्सा लेंगी, क्योंकि वह आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए चुनी गई भारतीय टीम का हिस्सा हैं, जिसमें परनीत को जगह नहीं मिली है।
</p><p>एशियाई खेलों की तैयारी को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम प्रबंधन ने रणनीतिक निर्णय लिया है कि विश्व कप सत्र के दौरान टीम स्पर्धाओं में उन्हीं तीन तीरंदाजों को उतारा जाएगा, जिन्हें पिछले महीने हुए चयन ट्रायल्स में एशियाई खेलों के लिए चुना गया था, चाहे उनके क्वालिफिकेशन स्कोर कुछ भी हों।
भारतीय महिला टीम को मेक्सिको के बाद दूसरी वरीयता मिली है और उसने सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है, जहां उसका सामना इटली और अमेरिका के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता टीम से होगा।
कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में भी भारत को पांचवीं वरीयता मिली है। इस वर्ग में साहिल जाधव और ज्योति सुरेखा वेन्नम की जोड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। दोनों खिलाड़ियों को पहले दौर में बाई मिली है और वे सीधे प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 09:59:52 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/archery-world-cup-sahil-and-jyothi-shine-in-t%C3%BCrkiye-spot-in-top-10-of-the-qualification-round</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[New York: Basketball मैच देखने पहुंचे Donald Trump, तालियों से नहीं, हूटिंग से हुआ स्वागत]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/new-york-donald-trump-attended-a-basketball-match-he-was-greeted-with-jeers-rather-than-applause]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>न्यूयॉर्क में खेले गए पेशेवर बास्केटबॉल चैम्पियनशिप के तीसरे मुकाबले के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने खेल के साथ-साथ राजनीति की भी चर्चा छेड़ दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस मुकाबले को देखने पहुंचे, लेकिन मैदान में मौजूद दर्शकों के एक बड़े वर्ग ने उनका स्वागत तालियों से नहीं बल्कि हूटिंग के साथ किया है।</div><div><br></div><div>बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप किसी भी पेशेवर बास्केटबॉल चैम्पियनशिप मुकाबले में पहुंचने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए हैं। यह मुकाबला न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध मैडिसन स्क्वायर गार्डन में खेला गया, जहां न्यूयॉर्क निक्स और सैन एंटोनियो स्पर्स के बीच श्रृंखला का तीसरा मैच आयोजित किया गया था।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप न्यूयॉर्क निक्स के अध्यक्ष जेम्स डोलन के विशेष अतिथि के रूप में मुकाबला देखने पहुंचे थे। राष्ट्रीय गान के दौरान जब स्टेडियम की विशाल स्क्रीन पर उनकी तस्वीर दिखाई गई, तब दर्शकों के एक हिस्से ने जोरदार हूटिंग की। वहीं कुछ समर्थकों ने उनका स्वागत भी किया। इस दौरान ट्रंप एक विशेष कक्ष में खड़े दिखाई दिए और उन्होंने सैन्य शैली में सलामी भी दी थी।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि न्यूयॉर्क निक्स के लिए यह मुकाबला बेहद खास था। टीम करीब 27 वर्षों बाद अपने घरेलू मैदान पर चैम्पियनशिप श्रृंखला का मैच खेल रही थी। इसी वजह से टिकटों की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी और कई दर्शकों ने हजारों डॉलर खर्च कर टिकट खरीदे थे।</div><div><br></div><div>हालांकि राष्ट्रपति की मौजूदगी के कारण सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई। अमेरिकी गुप्त सुरक्षा एजेंसी और न्यूयॉर्क पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली। स्टेडियम के आसपास कई क्षेत्रों को बंद कर दिया गया था और प्रवेश प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सख्त बनाया गया था।</div><div><br></div><div>कई दर्शकों ने शिकायत की कि अतिरिक्त सुरक्षा जांच के कारण उन्हें मैदान में प्रवेश करने में काफी समय लगा। कुछ लोगों का मानना था कि मैच का केंद्र बिंदु खेल होना चाहिए था, लेकिन राष्ट्रपति की मौजूदगी के कारण चर्चा का विषय बदल गया।</div><div><br></div><div>बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क शहर के बीच राजनीतिक संबंध लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। ट्रंप ने इसी शहर में अपना कारोबारी साम्राज्य खड़ा किया था, लेकिन राजनीतिक रूप से उन्हें यहां अक्सर विरोध का सामना करना पड़ा है। न्यूयॉर्क को अमेरिका में विपक्षी दल का मजबूत गढ़ माना जाता है।</div><div><br></div><div>मैदान के बाहर भी कुछ प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति के विरोध में तख्तियां लेकर पहुंचे थे। हालांकि दूसरी ओर कई दर्शकों ने कहा कि वे ट्रंप को एक खेल प्रेमी और टीम समर्थक के रूप में देखते हैं। कुछ लोगों का यह भी कहना था कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार न्यूयॉर्क शहर के महापौर जोहरान ममदानी भी मुकाबला देखने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने लगभग एक हजार डॉलर खर्च कर टिकट खरीदा था। ट्रंप और ममदानी कई नीतिगत मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे से असहमति जता चुके हैं।</div><div><br></div><div>मैच में कई प्रसिद्ध हस्तियां भी मौजूद थीं। इनमें फिल्म निर्देशक स्पाइक ली, बेसबॉल के दिग्गज डेरेक जीटर, अभिनेता टिमोथी शालामे, अभिनेत्री टीना फे, हास्य कलाकार बेन स्टिलर और पूर्व खिलाड़ी जेरेमी लिन जैसे नाम शामिल थे।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि ट्रंप और पेशेवर बास्केटबॉल जगत के बीच संबंध पहले भी विवादों में रहे हैं। वर्ष 2020 में उन्होंने नस्लीय न्याय को लेकर खिलाड़ियों के विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने पर लीग की आलोचना की थी।</div><div><br></div><div>राजनीतिक बहस और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाओं के बावजूद अंततः दर्शकों का ध्यान मुकाबले पर लौट आया। न्यूयॉर्क निक्स इस मुकाबले में श्रृंखला में 2-0 की बढ़त के साथ उतरी थी और प्रशंसकों की नजरें अपनी टीम को लंबे इंतजार के बाद चैम्पियनशिप जीतते देखने पर टिकी हुई थीं।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:10:04 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/new-york-donald-trump-attended-a-basketball-match-he-was-greeted-with-jeers-rather-than-applause</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[French Open 2026: Alexander Zverev का सालों का इंतजार खत्म, जीता पहला Grand Slam खिताब]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/french-open-2026-alexander-zverevs-years-long-wait-ends-wins-first-grand-slam-title]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>फ्रेंच ओपन 2026 में जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव का वर्षों इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। कई बार करीब पहुंचकर भी ग्रैंड स्लैम खिताब से चूकने वाले ज्वेरेव ने आखिरकार अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीत लिया। फ्रांस की राजधानी पेरिस में खेले गए फाइनल मुकाबले में ज्वेरेव ने इटली के फ्लावियो कोबोली को हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस जीत के साथ उन्होंने वर्षों से चले आ रहे उस इंतजार को समाप्त कर दिया है, जो उनके करियर पर एक अधूरी कहानी की तरह छाया हुआ था।</div><div><br></div><div>बता दें कि अलेक्जेंडर ज्वेरेव लंबे समय से दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में गिने जाते रहे हैं। उन्होंने कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताएं जीती हैं, जिनमें मास्टर्स स्तर की प्रतियोगिताएं, वर्षांत चैंपियनशिप और टोक्यो ओलंपिक का स्वर्ण पदक भी शामिल है। हालांकि ग्रैंड स्लैम खिताब लगातार उनसे दूर रहा था।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि पिछले दो दशकों में पुरुष टेनिस पर कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों का दबदबा रहा है। रोजर फेडरर, राफेल नडाल, नोवाक जोकोविच, कार्लोस अल्कारेज और यानिक सिनर जैसे खिलाड़ियों ने मिलकर अधिकांश बड़े खिताब अपने नाम किए हैं। ऐसे दौर में किसी नए खिलाड़ी के लिए ग्रैंड स्लैम जीतना बेहद कठिन माना जाता है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार फ्रेंच ओपन 2026 में ज्वेरेव को कुछ परिस्थितियों का भी फायदा मिला। पिछले विजेता कार्लोस अल्कारेज चोट के कारण प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सके। वहीं यानिक सिनर, जिन्हें खिताब का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था, दूसरे दौर में ही बाहर हो गए। अनुभवी खिलाड़ी नोवाक जोकोविच भी खिताब की दौड़ से बाहर हो गए थे।</div><div><br></div><div>ज्वेरेव ने फाइनल तक पहुंचने के दौरान कई खिलाड़ियों को हराया। उनके सामने रास्ते में कोई शीर्ष दस खिलाड़ी नहीं आया और फाइनल में उनका मुकाबला दुनिया के 14वें वरीय फ्लावियो कोबोली से हुआ, जो अपने पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में खेल रहे थे।</div><div><br></div><div>हालांकि फाइनल मुकाबला ज्वेरेव के लिए आसान नहीं रहा। उन्होंने शानदार शुरुआत करते हुए पहला सेट 6-1 से जीत लिया, लेकिन इसके बाद उनका खेल लड़खड़ाता नजर आया। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि वह एक बार फिर दबाव में बिखर सकते हैं। दूसरी ओर कोबोली ने भी शानदार संघर्ष किया और मुकाबले को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया।</div><div><br></div><div>मुकाबले के अंतिम चरण में हालांकि अनुभव ने बड़ा अंतर पैदा किया। कोबोली की ऊर्जा कम पड़ती दिखी और ज्वेरेव ने निर्णायक सेट 6-1 से जीतकर आखिरकार ट्रॉफी अपने नाम कर ली।</div><div><br></div><div>मैच के बाद भावुक ज्वेरेव ने कहा कि उन्होंने इसी कोर्ट पर अपने जीवन के सबसे अच्छे और सबसे कठिन पल देखे हैं। उन्होंने याद किया कि कुछ वर्ष पहले इसी मैदान पर गंभीर चोट लगी थी और एक ग्रैंड स्लैम फाइनल भी गंवाना पड़ा था। लेकिन अब अंत सुखद रहा है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में करोड़ों लोग टेनिस खेलते हैं, लेकिन ओपन युग में केवल 59 पुरुष खिलाड़ी ही ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीत पाए। ऐसे में ज्वेरेव का यह खिताब उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया।</div><div><br></div><div>अब टेनिस जगत में चर्चा इस बात की है कि क्या यह जीत केवल एक विशेष अवसर थी या फिर ज्वेरेव आने वाले वर्षों में कार्लोस अल्कारेज और यानिक सिनर जैसे खिलाड़ियों को लगातार चुनौती देते हुए बड़े खिताबों की दौड़ में बने रहेंगे। फिलहाल इतना तय है कि उन्होंने अपने करियर की सबसे बड़ी बाधा को पार कर लिया है।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:44:31 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/french-open-2026-alexander-zverevs-years-long-wait-ends-wins-first-grand-slam-title</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[World Cup में Iran Team का 'Protest Badge', FIFA के कड़े नियमों से बढ़ा टकराव]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/iran-teams-protest-badge-at-the-world-cup-escalates-clash-with-fifas-strict-rules]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>फुटबॉल विश्व कप के माहौल के बीच ईरान की राष्ट्रीय टीम एक बार फिर अपने प्रतीकात्मक विरोध और भावनात्मक संदेशों को लेकर चर्चा में आ गई है। मेक्सिको पहुंचने पर टीम के खिलाड़ियों की जैकेट पर लगे&nbsp; स्पेशल बैजों ने खेल जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इन बैजों पर “168” अंक लिखा हुआ था, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस शुरू हो गई है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार ईरान की टीम अमेरिका की यात्रा से जुड़ी वीजा प्रक्रियाओं और लंबी यात्रा के बाद मेक्सिको के तिजुआना शहर पहुंची। टीम के खिलाड़ी औपचारिक परिधान में नजर आए और उनकी गहरे नीले रंग की जैकेटों पर विशेष बैज लगे हुए थे। रिपोर्टों के मुताबिक यह संख्या उन 168 बच्चों की स्मृति से जुड़ी बताई जा रही है, जिनकी मृत्यु 28 फरवरी 2026 को ईरान-अमेरिका संघर्ष के पहले दिन एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले में हुई थी।</div><div><br></div><div>बता दें कि यह पहला अवसर नहीं है जब ईरानी खिलाड़ियों ने मैदान के बाहर या मैच से पहले किसी सामाजिक या राजनीतिक मुद्दे पर अपनी भावनाएं सार्वजनिक रूप से व्यक्त की हों। इससे पहले मार्च महीने में नाइजीरिया के खिलाफ एक मैत्री मुकाबले से पहले टीम के शुरुआती खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान के दौरान अपने हाथों में स्कूल बैग लेकर श्रद्धांजलि दी थी।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि उसी अवधि में कोस्टा रिका के खिलाफ एक अन्य मुकाबले से पहले खिलाड़ियों ने उन बच्चों और नागरिकों की तस्वीरें भी प्रदर्शित की थीं जिनकी मौत संघर्ष के दौरान हुई थी। साथ ही बमबारी में क्षतिग्रस्त ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की तस्वीरें भी दिखाई गई थीं।</div><div><br></div><div>रिपोर्टों के अनुसार जब ईरानी टीम तुर्किये के अंताल्या शहर से रवाना हुई थी, तब खिलाड़ियों के कपड़ों पर यह बैज दिखाई नहीं दिए थे। हालांकि यात्रा के दौरान इन्हें उनकी जैकेटों पर लगाया गया और मेक्सिको पहुंचने के बाद खिलाड़ियों ने इन्हें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया था।</div><div><br></div><div>अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या खिलाड़ी इन बैजों को विश्व कप के मैचों के दौरान भी पहन सकते हैं। इस पर खेल प्रशासन के नियम काफी स्पष्ट माने जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ के नियमों के अनुसार खिलाड़ियों की पोशाक या उपकरणों पर किसी भी प्रकार के राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत नारे, संदेश या चित्र प्रदर्शित नहीं किए जा सकते हैं।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार यदि खिलाड़ी या टीम अधिकारी मैच के दौरान या तकनीकी क्षेत्र में इस तरह के प्रतीकात्मक संदेशों का उपयोग करते हैं तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह नियम खिलाड़ियों के साथ-साथ मुख्य प्रशिक्षक और अन्य अधिकारियों पर भी लागू होता है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ ने पहले भी स्पष्ट किया है कि किसी विशेष राजनीतिक घटना, व्यक्ति या विवाद से जुड़े संदेशों को खेल प्रतियोगिताओं के दौरान प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं दी जाती है। हालांकि यात्रा या टीम के निजी कार्यक्रमों के दौरान ऐसे प्रतीकों के उपयोग को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जाती है।</div><div><br></div><div>बताया जा रहा है कि कोस्टा रिका के खिलाफ मुकाबले के दौरान भी ईरानी खिलाड़ियों के विरोध प्रदर्शन पर खेल प्रशासन की नजर थी। उस समय कार्रवाई की संभावना पर चर्चा हुई थी, लेकिन किसी औपचारिक दंड की घोषणा नहीं की गई थी।</div><div><br></div><div>विश्व कप जैसे बड़े मंच पर अब ईरानी खिलाड़ियों को अपने संदेश और विरोध दर्ज कराने के तरीकों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि खेल और राजनीति के बीच संतुलन बनाए रखना इस प्रतियोगिता के दौरान एक महत्वपूर्ण विषय बना रह सकता है।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:22:11 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/iran-teams-protest-badge-at-the-world-cup-escalates-clash-with-fifas-strict-rules</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[FIFA World Cup 2026: 32 साल में कितना बदला फुटबॉल का महाकुंभ? USA 1994 से हर मामले में अलग]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/fifa-world-cup-1994-vs-2026-an-in-depth-analysis]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>अमेरिका में 1994 में खेले गए पहले फीफा विश्व कप और 2026 में अमेरिका, मेक्सिको तथा कनाडा की संयुक्त मेजबानी में होने वाले विश्व कप के बीच कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक चलने वाला यह टूर्नामेंट आकार, टिकट कीमतों और सुविधाओं के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा विश्व कप होगा।&nbsp; </p><p><b>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">टिकट हुए कई गुना महंगे&nbsp;&nbsp;</span></b></p><p>1994: पहले दौर के मैचों के टिकट 25 से 75 डॉलर तक मिल जाते थे, जबकि फाइनल के टिकट 180 से 475 डॉलर के बीच थे।
2026: पहले दौर के टिकट 140 डॉलर से शुरू होकर 2,735 डॉलर तक पहुंच रहे हैं। फाइनल के टिकट 4,185 डॉलर से लेकर 8,680 डॉलर तक बेचे गए, जबकि बाद में उनकी अधिकतम कीमत बढ़ाकर 10,990 डॉलर कर दी गई। इस बार टिकटों की कीमत मांग के अनुसार बदलने वाली ‘डायनेमिक प्राइसिंग’ प्रणाली भी लागू की गई है।
</p><p><b> टीमों की संख्या बढ़ी</b></p><p><b>&nbsp;</b><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;1994: विश्व कप 24 टीमों वाला आखिरी टूर्नामेंट था। इसके बाद 1998 में टीमों की संख्या 32 हुई।
2026: पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेंगी। नए प्रारूप के कारण चैंपियन बनने वाली टीम को अब सात की जगह आठ मैच खेलने होंगे</span><span style="font-size: 1rem;">।
</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>मैदानों का आकार</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;1994: उस समय फीफा मैदान की लंबाई 105 मीटर और चौड़ाई 68 मीटर तय की थी लेकिन स्टेडियमों को निर्धारित माप से छोटे मैदान रखने की छूट थी।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">
2026: सभी स्टेडियमों को फीफा के तय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है।
</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b> दर्शकों की संख्या</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">1994: विश्व कप में 52 मैचों में कुल 35.9 लाख दर्शक पहुंचे थे, जो उस समय रिकॉर्ड था।
2026: मैचों की संख्या बढ़ने के कारण 60 से 70 लाख दर्शकों के आने की संभावना जताई जा रही है।
</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b> भौगोलिक दायरा</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">1994: पूरा टूर्नामेंट अमेरिका के नौ स्टेडियमों में खेला गया था।
2026: तीन देशों में फैला होगा आयोजन। 16 स्टेडियमों का उपयोग होगा, जिनमें 11 अमेरिका, तीन मेक्सिको और दो कनाडा में हैं। क्वार्टर फाइनल से लेकर फाइनल तक के सभी मुकाबले अमेरिका में होंगे।
</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">वाटर ब्रेक (पानी पीने के लिए समय): 1994: गर्म और उमस भरे मौसम के बावजूद मैच बिना किसी विशेष पानी के विराम के खेले जाते थे।
</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">2026: प्रत्येक हाफ में तीन मिनट का वॉटर ब्रेक होगा। कोच इस समय का उपयोग खिलाड़ियों को रणनीति समझाने के लिए भी कर सकेंगे।
</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>स्थानापन्न खिलाडी</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>&nbsp;</b>1994: एक टीम अधिकतम दो खिलाड़ियों को बदल सकती थी, जबकि विशेष परिस्थितियों में गोलकीपर के लिए अतिरिक्त बदलाव की अनुमति थी।<b>
 2026: </b>प्रत्येक टीम पांच खिलाड़ियों को बदल सकेगी। अतिरिक्त समय में छठा बदलाव और सिर में चोट (कंकशन) की स्थिति में अलग से बदलाव की सुविधा भी रहेगी।</span></p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 18:08:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/fifa-world-cup-1994-vs-2026-an-in-depth-analysis</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Court पर लौटेगा Roger Federer का जादू! US Open में फैंस को मिलेगा खास तोहफा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/roger-federer-magic-will-return-to-the-court-fans-will-receive-a-special-gift-at-the-us-open]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पूर्व विश्व नंबर एक और पांच बार के यूएस ओपन चैंपियन रोजर फेडरर 25 अगस्त को यूएस ओपन में एक प्रदर्शनी मैच के लिए न्यूयॉर्क लौटेंगे, यह घोषणा यूनाइटेड स्टेट्स टेनिस एसोसिएशन (यूएसटीए) ने की है। 44 वर्षीय फेडरर, जो 2004 से 2008 तक लगातार पांच यूएस ओपन खिताब जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी (पुरुष या महिला) हैं, ने 2022 में संन्यास लेने से पहले 2019 में आखिरी बार इस ग्रैंड स्लैम में भाग लिया था।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/new-hockey-hub-aims-to-nurture-local-sports-talent" target="_blank">Greater Noida में बनेगा World-Class Hockey Stadium, 10.50 करोड़ की लागत से संवरेगा भविष्य</a></h3><div><br></div><div>ओलंपिक्स डॉट कॉम के अनुसार, "रोजर फेडरर: एक दिग्गज की न्यूयॉर्क वापसी" शीर्षक वाले इस आयोजन में एंडी रॉडिक, जॉन मैकएनरो और आंद्रे अगासी भी भाग लेंगे। यह मैच आर्थर ऐश स्टेडियम में फैन वीक के दौरान होगा, जो 2026 यूएस ओपन से पहले आयोजित किया जा रहा है। यूएस ओपन मुख्य एकल ड्रॉ से एक सप्ताह पहले शुरू होता है। ओलंपिक्स डॉट कॉम के अनुसार, "रोजर फेडरर: एक दिग्गज की न्यूयॉर्क वापसी" शीर्षक वाले इस आयोजन में एंडी रॉडिक, जॉन मैकएनरो और आंद्रे अगासी भी भाग लेंगे।</div><div><br></div><div>यह मैच आर्थर ऐश स्टेडियम में फैन वीक के दौरान होगा, जो 2026 यूएस ओपन से पहले आयोजित किया जा रहा है। यूएस ओपन मुख्य एकल ड्रॉ से एक सप्ताह पहले शुरू होता है। फेडरर ने Olympics.com से कहा कि मेरे करियर के कई अविस्मरणीय पल न्यूयॉर्क में घटे हैं, और आर्थर ऐश स्टेडियम मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मुझे उस माहौल का हिस्सा बनने और हर साल प्रशंसकों द्वारा लाई जाने वाली अविश्वसनीय ऊर्जा को महसूस करने की बहुत याद आती है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/india-womens-hockey-wins-u18-asia-cup-bronze" target="_blank">U-18 Hockey Asia Cup: भारत की बेटियों का दमदार प्रदर्शन, Korea को 3-0 से रौंदकर जीता Bronze Medal</a></h3><div><br></div><div>यह प्रदर्शनी मैच फेडरर के आगामी अंतर्राष्ट्रीय टेनिस हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के साथ मेल खाता है। ओलंपिक स्वर्ण और रजत पदक विजेता, जिन्होंने 20 ग्रैंड स्लैम एकल खिताब और 103 टूर-स्तरीय ट्रॉफियां जीती हैं, को पात्रता के पहले ही वर्ष में चुना गया था। शामिल होने का समारोह 29 अगस्त को न्यूपोर्ट, रोड आइलैंड में आयोजित किया जाएगा।</div><div>&nbsp;</div><div>For more <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports" target="_blank">Sports News in Hindi Today </a>please click here.&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 17:04:39 +0530</pubDate>
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      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Norway Chess में लहराया तिरंगा, R. Praggnanandhaa बने Champion, ऐसा करने वाले पहले भारतीय]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/tricolour-hoisted-in-norway-chess-r-praggnanandhaa-became-champion-the-first-indian-to-do-so]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारतीय शतरंज के लिए यह समय बेहद गौरवपूर्ण माना जा रहा है। युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे में आयोजित प्रतिष्ठित शतरंज प्रतियोगिता जीतकर इतिहास रच दिया है। उनकी इस उपलब्धि के बाद तमिलनाडु सरकार ने उन्हें सम्मानित किया और राज्य की ओर से 50 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।</div><div><br></div><div>सोमवार को आयोजित एक विशेष समारोह में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रज्ञानानंदा को सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें स्मृति चिह्न भी भेंट किया गया। कार्यक्रम में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, खेल विभाग के प्रतिनिधि और प्रज्ञानानंदा के माता-पिता भी मौजूद रहे हैं।</div><div><br></div><div>बता दें कि प्रज्ञानानंदा ने ओस्लो में आयोजित नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता जीतकर यह उपलब्धि हासिल की है। गौरतलब है कि वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। शतरंज जगत में इस प्रतियोगिता को दुनिया की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित स्पर्धाओं में गिना जाता है, जहां विश्व के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार प्रज्ञानानंदा का यह सफर आसान नहीं रहा है। प्रतियोगिता के शुरुआती छह दौर के बाद वह अंक तालिका में छठे और अंतिम स्थान पर थे। इसी दौरान उनकी विश्व रैंकिंग भी गिरकर 16वें स्थान तक पहुंच गई थी। ऐसे में कई लोगों को उम्मीद नहीं थी कि वह खिताब की दौड़ में वापसी कर पाएंगे।</div><div><br></div><div>हालांकि युवा भारतीय खिलाड़ी ने शानदार संघर्ष का परिचय दिया और लगातार चार मुकाबले जीतकर पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर बदल दी है। इस दौरान उन्होंने विश्व के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दो बार हराकर सभी को चौंका दिया। इसके अलावा मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश के खिलाफ मिली जीत भी उनके अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि लगातार चार जीत का यह सिलसिला प्रतियोगिता का पहला ऐसा प्रदर्शन रहा है, जैसा इससे पहले वर्ष 2021 में मैग्नस कार्लसन ने किया था। यही क्रम प्रज्ञानानंदा को खिताब की दौड़ में वापस लेकर आया है।</div><div><br></div><div>अंतिम दौर से पहले स्थिति बेहद रोमांचक थी। प्रज्ञानानंदा शीर्ष पर चल रहे वेस्ली सो से आधा अंक पीछे थे। ऐसे में उनके लिए जीत हासिल करना बेहद जरूरी था। उन्होंने सफेद मोहरों के साथ खेलते हुए जर्मनी के खिलाड़ी विन्सेंट कीमर का सामना किया और शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।</div><div><br></div><div>इस जीत के साथ उन्हें पूरे तीन अंक मिले और उनके कुल अंक 18 हो गए। इसके बाद वह अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए और नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता के नए चैंपियन बन गए हैं।</div><div><br></div><div>मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रज्ञानानंदा की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और तमिलनाडु का नाम रोशन किया है। उन्होंने युवा खिलाड़ी की शांति, धैर्य और खेल कौशल की भी प्रशंसा की है।</div><div><br></div><div>बता दें कि हाल के वर्षों में भारत शतरंज की दुनिया में तेजी से उभरती ताकत बनकर सामने आया है। विश्व चैंपियन डी. गुकेश, आर. प्रज्ञानानंदा और कई अन्य युवा खिलाड़ियों ने भारत को वैश्विक शतरंज मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। प्रज्ञानानंदा की यह जीत न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है, बल्कि भारतीय शतरंज के स्वर्णिम भविष्य का भी संकेत मानी जा रही है।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 21:02:24 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/tricolour-hoisted-in-norway-chess-r-praggnanandhaa-became-champion-the-first-indian-to-do-so</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[FIFA World Cup 2026: यूरोप की 16 टीमों के बीच महामुकाबला, France और Spain में कौन बनेगा चैंपियन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/fifa-world-cup-battle-between-16-european-teams-who-will-be-the-champion-between-france-and-spain]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>फुटबॉल विश्व कप 2026 का रोमांच अब अपने चरम पर पहुंच रहा है और दुनिया भर के प्रशंसकों की नजरें यूरोप की उन टीमों पर टिकी हैं, जिन्होंने इस खेल के सबसे बड़े मंच पर हमेशा अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। गौरतलब है कि अर्जेंटीना, ब्राजील और उरुग्वे को छोड़ दें तो विश्व कप का खिताब जीतने वाली सभी अन्य टीमें यूरोप से ही रही हैं। यही कारण है कि इस बार भी यूरोपीय देशों को टूर्नामेंट के सबसे बड़े दावेदारों में गिना जा रहा है।</div><div><br></div><div>इस बार यूरोप से 16 टीमें विश्व कप में हिस्सा ले रही हैं। इनमें इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, पुर्तगाल, नीदरलैंड, क्रोएशिया और बेल्जियम जैसी मजबूत टीमें शामिल हैं। वहीं ऑस्ट्रिया, बोस्निया और हर्जेगोविना, नॉर्वे, स्कॉटलैंड और तुर्किये जैसी टीमें भी लंबे समय बाद अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करेंगी।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा उम्मीदें फ्रांस और स्पेन से लगाई जा रही हैं। फ्रांस की टीम के पास लगभग हर स्थान पर विश्व स्तरीय खिलाड़ी मौजूद हैं। किलियन एम्बाप्पे की अगुवाई में फ्रांस तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना देख रहा है। उस्मान डेम्बेले और डिज़िरे दूए जैसे खिलाड़ी टीम की ताकत को और बढ़ाते हैं। खास बात यह है कि मुख्य प्रशिक्षक दिदिए देसां इस प्रतियोगिता के बाद पद छोड़ देंगे, इसलिए वह अपने कार्यकाल का अंत खिताब के साथ करना चाहेंगे।</div><div><br></div><div>दूसरी ओर विश्व की नंबर एक टीम स्पेन भी खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। युवा स्टार लामिन यामाल इस समय टीम का सबसे बड़ा आकर्षण हैं। यूरोपीय चैंपियन बनने के बाद स्पेन का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है और टीम अपने दूसरे विश्व कप खिताब की तलाश में मैदान पर उतरेगी।</div><div><br></div><div>वहीं इंग्लैंड की उम्मीदें एक बार फिर हैरी केन पर टिकी हुई हैं। देश के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में हैरी केन इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बने हुए हैं। हालांकि इंग्लैंड को एक बेहद कठिन समूह में रखा गया है, जहां क्रोएशिया, घाना और पनामा जैसी टीमें चुनौती पेश करेंगी।</div><div><br></div><div>जर्मनी की स्थिति भी काफी दिलचस्प है। चार बार की विश्व चैंपियन टीम पिछले दो विश्व कप में समूह चरण से आगे नहीं बढ़ सकी थी। ऐसे में जूलियन नागेल्समान की टीम पर दबाव रहेगा। हालांकि फ्लोरियन विर्ट्ज, जमाल मुसियाला, जोशुआ किमिख और एंटोनियो रुडिगर जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी जर्मनी को मजबूत बनाती है।</div><div><br></div><div>बात करें पुर्तगाल की तो इस टीम में सभी की नजरें क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर रहेंगी। 41 वर्षीय रोनाल्डो के करियर का यह आखिरी विश्व कप माना जा रहा है। ब्रूनो फर्नांडिस, वितिन्हा और जोआओ नेवेस जैसे खिलाड़ी भी टीम को मजबूती प्रदान करते हैं। यदि पुर्तगाल को पहली बार विश्व कप फाइनल तक पहुंचना है तो रोनाल्डो को एक बार फिर बड़ी भूमिका निभानी होगी।</div><div><br></div><div>नीदरलैंड भी इस बार खिताब की दौड़ में शामिल है। कप्तान वर्जिल वान डाइक, मेम्फिस डेपाय और फ्रेंकी डी योंग जैसे खिलाड़ी टीम की रीढ़ हैं। हालांकि विश्व कप इतिहास में तीन बार उपविजेता रहने वाली यह टीम अब तक खिताब नहीं जीत सकी है।</div><div><br></div><div>इसके अलावा नॉर्वे की टीम एरलिंग हालांड और मार्टिन ओडेगार्ड की बदौलत चर्चा में है। ऑस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड, स्वीडन और तुर्किये जैसी टीमें भी अपने-अपने समूहों में उलटफेर करने की क्षमता रखती हैं।</div><div><br></div><div>बता दें कि इटली लगातार तीसरी बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका है, जो यूरोपीय फुटबॉल के लिए सबसे बड़े झटकों में से एक माना जा रहा है। ऐसे में अब यूरोप की बाकी दिग्गज टीमों पर महाद्वीप की प्रतिष्ठा बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।</div><div><br></div><div>विश्व कप के शुरू होने से पहले यह साफ है कि यूरोप की कई टीमें खिताब की प्रबल दावेदार हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम उम्मीदों पर खरी उतरती है और कौन सी टीम प्रशंसकों को निराश करती है।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 20:39:21 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/fifa-world-cup-battle-between-16-european-teams-who-will-be-the-champion-between-france-and-spain</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ FIFA World Cup 2026: World Cup 2026 से पहले England, Brazil जैसी टीमों में मचा घमासान, चयन पर बड़ी बहस]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/fifa-world-cup-2026-ahead-of-the-2026-world-cup-teams-like-england-and-brazil-are-locked-in-battle]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>फुटबॉल विश्व कप 2026 के आगाज में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं और दुनिया भर में इस महाकुंभ को लेकर उत्साह चरम पर पहुंच चुका है। इस बार प्रतियोगिता अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में आयोजित की जा रही है, जिसमें 48 देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। सभी टीमें अपनी अंतिम तैयारियों में जुटी हुई हैं, लेकिन कई दावेदार देशों के सामने अब भी कुछ बड़े चयन संबंधी सवाल खड़े हैं।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में केवल अच्छी टीम होना ही काफी नहीं होता, बल्कि सही समय पर सही खिलाड़ियों का चयन भी जीत और हार के बीच अंतर पैदा कर सकता है। यही वजह है कि इंग्लैंड, स्पेन और ब्राजील जैसे मजबूत दावेदार देशों में शुरुआती एकादश को लेकर बहस तेज हो गई है।</div><div><br></div><div>इंग्लैंड की टीम में सबसे बड़ी चर्चा जूड बेलिंगहैम और मॉर्गन रोजर्स को लेकर हो रही है। इंग्लैंड के मुख्य प्रशिक्षक थोमस टुखेल को यह तय करना है कि टीम के प्रमुख आक्रमणकारी मध्य क्षेत्र खिलाड़ी के रूप में किसे मौका दिया जाए। हैरी केन के पीछे खेलने वाली इस भूमिका के लिए दोनों खिलाड़ी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।</div><div><br></div><div>बता दें कि जूड बेलिंगहैम इंग्लैंड के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हैं, लेकिन हाल के समय में उनका प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है। वहीं मॉर्गन रोजर्स शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने अपने क्लब के लिए पिछले सत्र में 14 गोल किए और 11 गोल करवाने में योगदान दिया। विश्व कप क्वालीफिकेशन के दौरान भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था। ऐसे में टुखेल के सामने चयन को लेकर कठिन फैसला है।</div><div><br></div><div>दूसरी ओर स्पेन की टीम में गोलरक्षक की भूमिका को लेकर चर्चा जारी है। हालांकि मुख्य प्रशिक्षक लुइस दे ला फुएंते की पहली पसंद उनाई सिमोन माने जा रहे हैं, लेकिन कई प्रशंसकों का मानना है कि डेविड राया भी इस स्थान के मजबूत दावेदार हैं। डेविड राया ने अपने क्लब के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और कई मुकाबलों में गोल नहीं होने दिए।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार नवंबर 2024 के बाद से स्पेन के लिए राया को बहुत कम अवसर मिले हैं। इसके बावजूद प्रशिक्षक लुइस दे ला फुएंते का मानना है कि उनाई सिमोन का अनुभव और राष्ट्रीय टीम के लिए उनका योगदान उन्हें प्राथमिकता दिलाता है। वहीं बार्सिलोना के युवा गोलरक्षक जोआन गार्सिया को लेकर भी उम्मीदें थीं, लेकिन हालिया अभ्यास मुकाबले में उनका प्रदर्शन साधारण रहा है।</div><div><br></div><div>ब्राजील की टीम में सबसे बड़ी बहस अग्रिम पंक्ति के मुख्य खिलाड़ी को लेकर है। ब्राजील के नए प्रशिक्षक कार्लो एंचेलोटी को अभी तक यह तय करना है कि मोरक्को के खिलाफ पहले मुकाबले में किसे शुरुआत का मौका दिया जाए।</div><div><br></div><div>माथेउस कुन्हा को इस समय सबसे आगे माना जा रहा है और उन्हें प्रतियोगिता के लिए नौ नंबर की जिम्मेदारी भी दी गई है। हालांकि राष्ट्रीय टीम के लिए उनके गोलों की संख्या सीमित रही है। दूसरी ओर इगोर थियागो ने अपने क्लब के लिए शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा है। पिछले सत्र में उन्होंने लगातार गोल किए और राष्ट्रीय टीम में भी प्रभाव छोड़ा है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि युवा खिलाड़ी एंद्रिक भी इस दौड़ में शामिल हैं। कुछ समय पहले तक उन्हें ब्राजील का भविष्य माना जा रहा था, लेकिन क्लब स्तर पर सीमित अवसर मिलने के कारण उनकी प्रगति प्रभावित हुई थी। हालांकि हाल के मुकाबलों में उन्होंने वापसी के संकेत दिए हैं। मिस्र के खिलाफ गोल करने के बाद उनके पक्ष में माहौल मजबूत हुआ है।</div><div><br></div><div>विश्व कप के करीब आते ही इन चयन संबंधी चर्चाओं ने प्रशंसकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें शुरुआती मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि प्रशिक्षकों ने किस पर भरोसा जताया है और कौन खिलाड़ी अपनी टीम को विश्व खिताब की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाता है।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 20:06:06 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/fifa-world-cup-2026-ahead-of-the-2026-world-cup-teams-like-england-and-brazil-are-locked-in-battle</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Badminton: लंबे इंतजार के बाद Trophy पर PV Sindhu की नजर, खिताब जीतने का सुनहरा मौका]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/pv-sindhu-eyes-australian-open-badminton-title]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>&nbsp;दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू मंगलवार से यहां शुरू होने वाले ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में लंबे समय से चले आ रहे खिताब के सूखे को खत्म करने की कोशिश करेंगी, जबकि उभरते सितारे आयुष शेट्टी पुरुष एकल में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे।
तीसरी वरीयता प्राप्त सिंधू2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल जीतने के बाद से अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीतने की कवायद में हैं। पूर्व विश्व चैंपियन का इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जनवरी में मलेशिया ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचना रहा है।
</p><p>सिंधू को यहां अनुकूल ड्रॉ मिला है। इस 30 वर्षीय खिलाड़ी का पहला मैच पेरू की इनेस लूसिया कैस्टिलो से होगा। इस मैच में जीत दर्ज करने के बाद उनका सामना हमवतन इशारानी बरुआ और चीन की हान कियान शी के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा।
सिंधू पिछले सप्ताह इंडोनेशिया ओपन में राउंड-ऑफ-16 में पहुंची थी जहां उन्हें विश्व की नंबर एक खिलाड़ी आन से-यंग से हार का सामना करना पड़ा था।
अगर सिंधू सेमीफाइनल तक पहुंचती है तो वहां उनका सामना जापान की विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची से हो सकता है। फाइनल में उनका मुकाबला थाईलैंड की दूसरी वरीयता प्राप्त पोर्नपावी चोचुवोंग से हो सकता है।</p><p> 
महिला एकल ड्रॉ में ही तन्वी शर्मा का सामना चीनी ताइपे की पांचवीं वरीयता प्राप्त चियू पिन-चियान से, जबकि मालविका बंसोड़ का मुकाबला मलेशिया की गोह जिन वेई से होगा।
अनमोल खरब को जापान की पूर्व विश्व चैंपियन और चौथी वरीयता प्राप्त नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। आकर्षी कश्यप का मुकाबला मलेशिया की वोंग लिंग चिंग से, जबकि तान्या हेमंत का अमेरिका की इशिका जायसवाल से होगा।
</p><p>पुरुष एकल में विश्व के 20वें नंबर के खिलाड़ी और यहांछठी वरीयता प्राप्त आयुष शेट्टी अपना पहला मैच क्वालीफायर के खिलाफ खेलेंगे। 
 एचएस प्रणय का मुकाबला इंडोनेशिया के मोहम्मद जाकी उबा से होगा, जबकि किरण जॉर्ज पहले दौर में मलेशिया के जस्टिन होह का सामना करेंगे।
पुरुष युगल में इंडोनेशिया ओपन में क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाले हरिहरन अमसाकरुनन और एमआर अर्जुन को पहले दौर में चीनी ताइपे के ली फांग-चिह और ली फांग-जेन की आठवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
</p><p> अच्युतादित्य राव डोड्डावारापू और पोचना अर्जुन रेड्डी का मुकाबला चीन के हुआंग डि और लियू यांग से होगा।
महिला युगल के मुख्य ड्रॉ में कोई भी भारतीय जोड़ी भाग नहीं ले रही है। मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीशा क्रास्टो कीछठी वरीयता प्राप्त जोड़ी हांगकांग के चान यिन चक और एनजी त्स यौ के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगी।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 14:04:29 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/pv-sindhu-eyes-australian-open-badminton-title</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Monaco Grand Prix: 19 साल के Kimi Antonelli ने रचा इतिहास, तोड़ा Lewis Hamilton का 16 साल पुराना रिकॉर्ड]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/monaco-grand-prix-19-year-old-kimi-antonelli-creates-history-breaks-hamilton-16-year-old-record]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>इटली के युवा चालक किमी एंटोनेली ने मोनाको ग्रां प्री जीतकर इतिहास रच दिया है। महज 19 वर्ष और 9 महीने की उम्र में उन्होंने इस प्रतिष्ठित रेस को अपने नाम कर सबसे कम उम्र में मोनाको ग्रां प्री जीतने वाले चालक बनने का रिकॉर्ड बना दिया।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि इससे पहले यह रिकॉर्ड सात बार के विश्व चैंपियन लुईस हैमिल्टन के नाम था। हैमिल्टन ने वर्ष 2008 में 23 वर्ष की उम्र में पहली बार मोनाको ग्रां प्री जीती थी। अब करीब 16 वर्षों बाद किमी एंटोनेली ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए मोटर रेसिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार रेस का 72वां संस्करण कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा। किमी एंटोनेली ने शुरुआत से ही शानदार गति दिखाई और प्रतियोगियों पर लगातार दबाव बनाए रखा। रेस के दौरान उन्होंने इतनी बढ़त बना ली थी कि तीसरे स्थान पर चल रही गाड़ी तक को पीछे छोड़ चुके थे। एक समय वह दूसरे स्थान पर चल रहे लुईस हैमिल्टन से 30 सेकंड से भी अधिक आगे निकल गए थे।</div><div><br></div><div>हालांकि रेस के अंतिम चरण में परिस्थितियां अचानक बदल गईं। 68वें चक्कर पर ट्रैक की मरम्मत की जरूरत पड़ने के कारण मुकाबले को रोकना पड़ा। इससे पहले लांस स्ट्रोल की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसके बाद सुरक्षा वाहन को ट्रैक पर उतारा गया। इसी दौरान फेरारी के चालक शार्ल लेक्लेर भी अंतिम मोड़ पर दीवार से टकरा गए। इन घटनाओं के कारण आयोजकों को लाल संकेत दिखाकर रेस रोकनी पड़ी।</div><div><br></div><div>बता दें कि ट्रैक की सतह को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते लगभग 37 मिनट तक मुकाबला स्थगित रहा। इसके बाद दोबारा शुरुआत कराई गई। ऐसे दबाव भरे माहौल में भी किमी एंटोनेली ने अपना संयम नहीं खोया और पुनः शुरुआत के बाद भी बढ़त बनाए रखी। उन्होंने लुईस हैमिल्टन को पीछे रखते हुए जीत सुनिश्चित कर ली।</div><div><br></div><div>इस जीत के साथ किमी एंटोनेली की लगातार पांचवीं सफलता भी दर्ज हुई है। इसके अलावा चैंपियनशिप तालिका में उनकी बढ़त और मजबूत हो गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार अब वह लुईस हैमिल्टन से 66 अंक और अपने साथी चालक जॉर्ज रसेल से 68 अंक आगे हैं।</div><div><br></div><div>दूसरी ओर जॉर्ज रसेल के लिए यह सप्ताहांत बेहद निराशाजनक रहा। वह 13वें स्थान पर रहे और कोई अंक हासिल नहीं कर सके। रेस के दौरान गति सीमा उल्लंघन से जुड़े दंड को सही तरीके से पूरा नहीं करने के कारण उन्हें अतिरिक्त सजा भी मिली। इससे उनके खिताबी अभियान को बड़ा झटका लगा है।</div><div><br></div><div>रेस में इसाक हाजार तीसरे स्थान पर रहे, जबकि ऑस्कर पियास्त्री चौथे स्थान पर पहुंचे। वहीं पिछले वर्ष मोनाको ग्रां प्री जीतने वाले लैंडो नॉरिस इस बार रेस पूरी नहीं कर सके। उनकी गाड़ी में तकनीकी खराबी आने के कारण उन्हें बीच में ही बाहर होना पड़ा।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि चार बार के विश्व चैंपियन मैक्स वर्स्टापेन के लिए भी यह दिन बेहद खराब साबित हुआ। उनकी गाड़ी में शुरुआती क्षणों से ही तकनीकी समस्या आ गई और वह रेस में प्रभावी चुनौती पेश नहीं कर सके।</div><div><br></div><div>किमी एंटोनेली की यह जीत केवल एक रेस की सफलता नहीं मानी जा रही है, बल्कि इसे मोटर रेसिंग के नए दौर की शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है। कम उम्र में जिस आत्मविश्वास, गति और परिपक्वता का प्रदर्शन उन्होंने किया है, उससे अब उन्हें इस सत्र के खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 22:09:15 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/monaco-grand-prix-19-year-old-kimi-antonelli-creates-history-breaks-hamilton-16-year-old-record</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[FIFA World Cup 2026: आखिरी लम्हों में खत्म हुआ सस्पेंस, ईरानी टीम को मिला USA का वीजा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/fifa-world-cup-2026-last-minute-suspense-ends-iranian-team-gets-usa-visa]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>फुटबॉल विश्व कप 2026 शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, लेकिन टूर्नामेंट से पहले ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लंबे इंतजार और अनिश्चितता के बाद आखिरकार ईरानी खिलाड़ियों को अमेरिका में प्रवेश के लिए वीजा जारी कर दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा हो रही है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार ईरान की टीम का पहला मुकाबला 17 जून को अमेरिका के लॉस एंजिलिस में खेला जाना है। हालांकि मैच से महज दस दिन पहले तक खिलाड़ियों को वीजा नहीं मिला था, जिससे टीम की तैयारियों को लेकर सवाल उठने लगे थे। ईरान के मेक्सिको स्थित राजदूत अबोलफज़ल पसंदीदेह ने गुरुवार देर रात बताया था कि खिलाड़ियों को अब तक वीजा जारी नहीं किया गया है। इसके बाद रातोंरात स्थिति बदली और खिलाड़ियों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति मिल गई।</div><div><br></div><div>व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि ईरानी खिलाड़ियों को वीजा प्रदान कर दिया गया है। वहीं तुर्किये में अमेरिका के राजदूत टॉम बैरक ने भी इस संबंध में सार्वजनिक रूप से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि अंकारा स्थित अमेरिकी दूतावास की टीम ने ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों के वीजा आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</div><div><br></div><div>हालांकि खिलाड़ियों को वीजा मिलने के बावजूद कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। गौरतलब है कि ईरान की टीम के तकनीकी और प्रशासनिक दल के कुछ सदस्यों को अब तक वीजा नहीं मिला है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि टीम के कुछ अधिकारियों के आवेदन अभी लंबित हैं और अमेरिकी दूतावास ने उन्हें अब तक अनुमति नहीं दी है। हालांकि इस संबंध में ईरानी फुटबॉल महासंघ की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।</div><div><br></div><div>बता दें कि इस बार का फुटबॉल विश्व कप खेल के साथ-साथ राजनीतिक चर्चाओं का भी केंद्र बन गया है। ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष तथा क्षेत्रीय तनाव ने प्रतियोगिता को अतिरिक्त संवेदनशील बना दिया है। कई विश्लेषकों का मानना है कि खेल और राजनीति के बीच की दूरी इस बार पहले की तुलना में काफी कम दिखाई दे रही है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि वर्ष 1930 में विश्व कप की शुरुआत के बाद यह पहला अवसर माना जा रहा है जब मेजबान देश ऐसे राष्ट्र की टीम की मेजबानी कर रहा है जिसके साथ उसके संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं। इसी कारण सुरक्षा, यात्रा और कूटनीतिक प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</div><div><br></div><div>वीजा संबंधी परेशानियों और बढ़ती राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए ईरान ने अपनी टीम के ठहरने की मूल योजना में भी बदलाव किया है। पहले टीम का प्रशिक्षण और आधार शिविर अमेरिका के एरिजोना में प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे बदलकर मेक्सिको के तिजुआना शहर में स्थानांतरित कर दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार ईरान चाहता है कि उसकी टीम की अमेरिका में मौजूदगी को कम से कम रखा जाए।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार ईरानी टीम रविवार सुबह तिजुआना पहुंचने वाली है, जहां से वह अपने विश्व कप अभियान की अंतिम तैयारियां करेगी। ऐसे में खिलाड़ियों को समय पर वीजा मिल जाना टीम के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि राजनीतिक तनाव के माहौल के बीच ईरान की टीम मैदान पर कैसा प्रदर्शन करती है और विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ पाती है या नहीं।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 21:58:45 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/fifa-world-cup-2026-last-minute-suspense-ends-iranian-team-gets-usa-visa</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[French Open 2026: 19 साल की Mirra Andreeva का बड़ा कमाल, जीता पहला Grand Slam खिताब]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/french-open-2026-19-year-old-mirra-andreeva-achieves-her-first-grand-slam-title]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पेरिस की लाल मिट्टी पर इस बार महिला सिंग्लस में एक नया सितारा पूरी चमक के साथ उभरा है। 19 वर्षीय मीरा आंद्रेएवा ने फ्रेंच ओपन का खिताब जीतकर अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने पोलैंड की माजा ख्वालिंस्का को सीधे सेटों में हराकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया।</div><div><br></div><div>फ्रांस की राजधानी पेरिस में खेले गए इस प्रतिष्ठित मुकाबले में मीरा आंद्रेएवा ने 6-3, 6-3 से जीत दर्ज की। बता दें कि यह दोनों खिलाड़ियों के करियर का पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल था। ऐसे में मुकाबले से पहले दोनों पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था। हालांकि निर्णायक क्षणों में मीरा ने अधिक संयम और परिपक्वता का परिचय दिया।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार फाइनल के दौरान मौसम भी खिलाड़ियों के लिए चुनौती बना हुआ था। तेज हवाओं के बीच दोनों खिलाड़ियों को अपनी लय बनाए रखने में कठिनाई हुई। शुरुआती सेट में माजा ख्वालिंस्का ने अपने विविध खेल से मीरा को परेशान किया और 3-2 की बढ़त भी हासिल कर ली। लेकिन इसके बाद मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह बदल गई।</div><div><br></div><div>मीरा आंद्रेएवा ने शानदार वापसी करते हुए लगातार नौ खेल अपने नाम किए और मैच पर मजबूत पकड़ बना ली। उनकी सटीक रणनीति, बेहतरीन नियंत्रण और आत्मविश्वास ने माजा को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। पहले सेट को 6-3 से जीतने के बाद उन्होंने दूसरे सेट में भी अपना दबदबा बनाए रखा और अंततः खिताब अपने नाम कर लिया।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि इस जीत के साथ मीरा आंद्रेएवा कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों की सूची में शामिल हो गई हैं। वह वर्ष 2020 में इगा स्वियातेक के बाद फ्रेंच ओपन जीतने वाली सबसे युवा महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इसके अलावा वर्ष 1992 में मोनिका सेलेस के खिताब जीतने के बाद इतनी कम उम्र में पेरिस में महिला एकल चैंपियन बनने वाली भी वह पहली खिलाड़ी हैं।</div><div><br></div><div>एक और खास उपलब्धि यह रही कि मीरा आंद्रेएवा वर्ष 2005 के बाद जन्म लेने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम एकल वर्ग के फाइनल में जगह बनाई और फिर खिताब भी जीता है। उनकी इस उपलब्धि को महिला टेनिस के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</div><div><br></div><div>बता दें कि मीरा को पूर्व विंबलडन चैंपियन कोंचिता मार्तिनेज प्रशिक्षित कर रही हैं। पूरे टूर्नामेंट में मीरा ने जिस तरह की समझदारी, धैर्य और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया, उसने खेल विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया है।</div><div><br></div><div>खिताब जीतने के बाद मीरा ने अपने परिवार, प्रशिक्षकों, सहयोगी दल, समर्थकों और मनोवैज्ञानिक का धन्यवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने खुद की मेहनत को भी श्रेय देते हुए कहा कि वह स्वयं को धन्यवाद देना चाहती हैं क्योंकि उन्होंने लगातार कड़ी मेहनत की और हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की है।</div><div><br></div><div>दूसरी ओर, हालांकि खिताब मीरा के नाम रहा, लेकिन माजा ख्वालिंस्का का अभियान भी कम यादगार नहीं रहा है। विश्व रैंकिंग में 114वें स्थान पर मौजूद माजा ने इस प्रतियोगिता में कई बड़े खिलाड़ियों को हराकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई। गौरतलब है कि वर्ष 2023 के अंत में उनकी रैंकिंग 349वें स्थान के बाहर थी, लेकिन उन्होंने शानदार संघर्ष और मेहनत के दम पर खुद को फिर से स्थापित किया।</div><div><br></div><div>फाइनल के बाद माजा ने मीरा को बधाई देते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि वह इतनी प्रतिभाशाली और युवा हैं कि यह थोड़ा परेशान करने वाला लगता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फाइनल में मीरा उनसे बेहतर साबित हुईं। माजा ने कहा कि पेरिस में बिताए गए ये तीन सप्ताह उनके दिल में हमेशा खास जगह बनाए रखेंगे। कुल मिलाकर यह टूर्नामेंट महिला टेनिस में एक नए युग की शुरुआत और दो उभरती सितारों की शानदार कहानी के रूप में याद किया जाएगा।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 21:47:32 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/french-open-2026-19-year-old-mirra-andreeva-achieves-her-first-grand-slam-title</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[President Murmu बोलीं- SAFF चैम्पियनशिप में Team India की जीत, देशभर की लड़कियों के लिए प्रेरणा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/president-murmu-hails-india-saff-football-victory]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को भारतीय महिला फुटबॉल टीम को सैफ महिला चैम्पियनशिप जीतने पर बधाई देते हुए कहा कि टीम की यह उल्लेखनीय उपलब्धि देशभर की युवा लड़कियों को आत्मविश्वास और साहस के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।
</p><p>भारत ने शनिवार को गोवा में खेले गए फाइनल में बांग्लादेश को 3-1 से हराकर सैफ (दक्षिण एशियाई फुटबॉल महासंघ) महिला चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम किया। भारतीय टीम ने सात वर्षों बाद यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती और कुल छठी बार चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया।
</p><p>राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “सैफ महिला चैम्पियनशिप 2026 जीतने पर भारतीय महिला फुटबॉल टीम को हार्दिक बधाई। हमारी महिला फुटबॉल खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और शानदार टीम भावना का प्रदर्शन किया।”
उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि टीम की यह उल्लेखनीय सफलता देशभर की युवा लड़कियों को आत्मविश्वास और साहस के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 18:19:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/president-murmu-hails-india-saff-football-victory</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ भारतीय महिला Football टीम ने रचा इतिहास, छठी बार बनीं SAFF Champions]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-women-win-record-6th-saff-football-title]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने कमाल कर दिया है। गोवा के मडगांव में खेले गए SAFF महिला चैंपियनशिप 2026 के रोमांचक फाइनल मैच में भारत ने मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश को 3-1 से हरा दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारतीय टीम ने रिकॉर्ड छठी बार यह खिताब अपने नाम किया है। 'ब्लू टाइग्रेस' के नाम से मशहूर हमारी महिला टीम पूरे 7 साल बाद इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को वापस देश लेकर आई है।</div><div><br></div><h2><b>पहले हाफ में रहा कांटे का मुकाबला</b></h2><div>फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। मैच के पहले हाफ में भारत की प्यारी जाक्सा ने एक बेहतरीन गोल करके टीम को बढ़त दिला दी। हालांकि, भारतीय टीम की यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी और बांग्लादेश की रितु पोर्ना चकमा ने एक गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। हाफ-टाइम तक दोनों टीमें बराबरी पर थीं और मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर था।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/india-womens-hockey-wins-u18-asia-cup-bronze" target="_blank">U-18 Hockey Asia Cup: भारत की बेटियों का दमदार प्रदर्शन, Korea को 3-0 से रौंदकर जीता Bronze Medal</a></h3><div><br></div><h2><b>दूसरे हाफ में भारत ने की मैच पर पकड़</b></h2><div>हाफ-टाइम के बाद जब खेल दोबारा शुरू हुआ, तो भारतीय टीम पूरी तरह हावी नजर आई। दूसरे हाफ में भारत की संफिदा ने एक शानदार गोल करके टीम को एक बार फिर आगे कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद लिंडा कॉम ने भारत की तरफ से तीसरा गोल दागकर बांग्लादेश की वापसी के सारे रास्ते बंद कर दिए और भारत की जीत पक्की कर दी। इस तीसरे गोल के बाद बांग्लादेशी टीम दबाव में आ गई और मैच खत्म होने तक वापसी नहीं कर सकी।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/pm-modi-hails-praggnanandhaa-norway-chess-win-as-an-incredible-achievement" target="_blank">PM Modi ने Pragnanand की Norway Chess जीत को बताया 'अविश्वसनीय उपलब्धि', बढ़ाया हौसला</a></h3><div><br></div><h2><b>केंद्रीय मंत्री ने दी बधाई</b></h2><div>भारतीय टीम की इस शानदार और यादगार जीत के बाद सोशल मीडिया पर भी जश्न का माहौल है। खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस ऐतिहासिक जीत के जश्न का एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने टीम को बधाई देते हुए लिखा, "भारतीय फुटबॉल के लिए यह बेहद गर्व का पल है! SAFF महिला चैंपियनशिप 2026 की ट्रॉफी जीतने पर हमारी 'ब्लू टाइग्रेस' को बहुत-बहुत बधाई।"</div><div><br></div>




<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr">Proud moment for Indian football! <br><br>Heartiest congratulations to our Blue Tigresses on lifting the SAFF Women’s Championship 2026 trophy. <a href="https://t.co/r18vV2CY7H">pic.twitter.com/r18vV2CY7H</a></p>— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) <a href="https://x.com/mansukhmandviya/status/2063313476609798196?ref_src=twsrc%5Etfw">June 6, 2026</a></blockquote>]]></description>
      <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 12:48:11 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-women-win-record-6th-saff-football-title</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[U-18 Hockey Asia Cup: भारत की बेटियों का दमदार प्रदर्शन, Korea को 3-0 से रौंदकर जीता Bronze Medal]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-womens-hockey-wins-u18-asia-cup-bronze]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय महिला हॉकी टीम ने शनिवार को यहां कोरिया के खिलाफ तीसरे स्थान के मैच में 3-0 से शानदार जीत दर्ज करते हुए अंडर-18 एशिया कप में कांस्य पदक जीता। 
भारत की ओर से संदीप कुमारी (दूसरे मिनट), कप्तान स्वीटी कुजूर (16वें मिनट) और नौशीन नाज (33वें मिनट) ने गोल दागे और टीम को पोडियम पर जगह दिलाई। 
सेमीफाइनल में चीन के खिलाफ शूटआउट में मिली करीबी हार के बाद भारतीय टीम ने कोरिया के खिलाफ शानदार शुरुआत की और शुरुआती दो मिनट में ही बढ़त बना ली। </p><p>
संदीप कुमारी ने बेहतरीन संयम दिखाया और दूसरे ही मिनट में शानदार फिनिश के साथ भारत को बढ़त दिला दी।
भारत ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा और सर्कल के अंदर कुछ अच्छे मूव बनाए। टीम को इस इनाम 16वें मिनट में मिला जब स्वीटी कुजूर ने मैदानी गोल करके भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। 
भारतीय टीम मध्यांतर तक 2-0 से आगे थी।</p><p> 
तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही भारत ने एक और गोल दागा जब 33वें मिनट में टूर्नामेंट की शीर्ष स्कोरर नौशीन ने मैदानी गोल दागकर प्रतियोगिता में अपने कुल गोल की संख्या 12 तक पहुंचाई। 
मैच में शानदार प्रदर्शन और शुरुआती गोल करने के लिए संदीप कुमारी को मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 18:25:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-womens-hockey-wins-u18-asia-cup-bronze</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[PM Modi ने Pragnanand की Norway Chess जीत को बताया 'अविश्वसनीय उपलब्धि', बढ़ाया हौसला]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/pm-modi-hails-praggnanandhaa-norway-chess-win-as-an-incredible-achievement]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आर प्रग्नानंद को नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता में उनकी ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी और इसे एक उल्लेखनीय उपलब्धि तथा युवा ग्रैंडमास्टर के करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने वैश्विक मंच पर प्रग्नानंद की निरंतर उत्कृष्टता की प्रशंसा की और भविष्य में और भी अधिक सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। ओस्लो में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रग्नानंद ने प्रतिष्ठित नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता जीतकर भारतीय शतरंज के इतिहास में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/pm-modi-discusses-the-global-crisis-eac-meeting-outlines-a-special-plan-for-the-indian-economy" target="_blank">Global Crisis के बीच PM Modi का मंथन, EAC बैठक में Indian Economy को लेकर बने ये खास प्लान</a></h3><div><br></div><div>मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा कि इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए प्रग्नानंद को बधाई! यह वास्तव में एक अविश्वसनीय मील का पत्थर है जो उनकी निरंतर उत्कृष्टता को दर्शाता है। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने भी प्रग्नानंद को उनकी ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी और इसे तमिलनाडु और भारत के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने टूर्नामेंट में प्रग्नानंद के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को दो बार हराने और लगातार चार जीत हासिल करने की उनकी उपलब्धि का विशेष रूप से उल्लेख किया।</div><div><br></div><div>विजय ने एक पोस्ट में लिखा कि ग्रैंडमास्टर आर प्रग्नानंद को हार्दिक बधाई, जिन्होंने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित नॉर्वे शतरंज 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने अपने शानदार और बुद्धिमत्तापूर्ण प्रदर्शन से मौजूदा चैंपियन मैग्नस कार्लसन को दो बार हराकर लगातार चार जीत हासिल की हैं। मैं ग्रैंडमास्टर प्रग्नानंद को शुभकामनाएं देता हूं, जिन्होंने तमिलनाडु और भारत दोनों को गौरवान्वित किया है, और भविष्य में और भी कई उपलब्धियां हासिल करने के लिए उनकी सराहना करता हूं।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/cpec-fails-india-first-1300-km-super-corridor-with-4-countries" target="_blank">CPEC फेल, 4 देशों वाला भारत का पहला 1300 KM सुपर कॉरिडोर</a></h3><div><br></div><div>20 वर्षीय ग्रैंडमास्टर ने जर्मनी के विंसेंट कीमर पर अंतिम दौर में जीत हासिल करके खिताब अपने नाम किया और टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे प्रभावशाली वापसी में से एक को अंजाम दिया। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में विश्व स्तरीय खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें विश्व नंबर 1 मैग्नस कार्लसन, मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश, अलीरेज़ा फ़िरोज़जा, वेस्ली सो और विंसेंट कीमर शामिल थे, जिससे यह अंतरराष्ट्रीय शतरंज कैलेंडर के सबसे मजबूत आयोजनों में से एक बन गया।</div><div>&nbsp;</div><div>For more <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports" target="_blank">Sports News in Hindi Today</a> please click here.&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 15:37:03 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/pm-modi-hails-praggnanandhaa-norway-chess-win-as-an-incredible-achievement</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Viksit Bharat @2047 का मिशन, Delhi में 'MY Bharat' युवा सम्मेलन, 6000 Young Leaders होंगे शामिल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/my-bharat-delhi-youth-power-drives-viksit-bharat]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>खेल और युवा कार्य मंत्रालय का ‘माय भारत युवा सम्मेलन’ शनिवार को यहां आयोजित किया जायेगा जिसमें ओलंपिक पदक विजेता पहलवान अमन सहरावत और राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी फर्राटा धावक गुरिंदरवीर सिंह समेत खेल जगत के कई सितारे भाग लेंगे।
 मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार त्यागराज स्टेडियम में होने वाले इस सम्मेलन में देश के 6000 से अधिक युवा भाग लेंगे। इनमें छात्र, युवा पेशेवर, उद्यमी, कंटेंट क्रिएटर्स शामिल होंगे। </p><p>
 इस दौरान खेल, उद्मिता, प्रशासन और कंटेंट क्रिएशन से जुड़ी उदीयमान प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया जायेगा। 
विज्ञप्ति के अनुसार यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रमुख शक्ति के रूप में सशक्त बनाना है।
इस अवसर पर देश के सबसे तेज धावक माने जाने वाले गुरिंदरवीर सिंह, बॉलीवुड अभिनेता विक्रांत मैसी, बोट के सह-संस्थापक एवं मुख्य विपणन अधिकारी अमन गुप्ता, ओलंपिक पदक विजेता अमन सहरावत, तथा यूपीएससी सफल प्रतिभागी और लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर मल्हार कलाम्बे एवं आरजे रौनक युवाओं के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे।
</p><p>कार्यक्रम के दौरान एमवाई भारत को हाल ही में प्राप्त अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि का भी उत्सव मनाया जाएगा। संगठन को एक सप्ताह में सर्वाधिक लोगों द्वारा ‘ऑनलाइन क्विज’ में भागीदारी के लिए गिनीज विश्व रिकॉर्ड से मान्यता प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद (वीबीवाईएलडी) क्विज के माध्यम से हासिल की गई।</p><p>
इस अभियान में देश के सभी 28 राज्यों और आठ केंद्रशासित प्रदेशों से 50 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया, जबकि 3,90,812 प्रतिभागियों ने निर्धारित अवधि में ‘क्विज’ सफलतापूर्वक पूर्ण कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।
</p><p> विज्ञप्ति के अनुसार, यह उपलब्धि ‘विकसित भारत @2047’ की दिशा में युवाओं की अभूतपूर्व भागीदारी को दर्शाती है तथा राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति के प्रति बढ़ते विश्वास को भी रेखांकित करती है।
अधिकारियों ने कहा कि यह सम्मेलन विकसित, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में युवाओं की आकांक्षाओं और क्षमताओं का उत्सव होगा तथा देशभर के युवा परिवर्तनकर्ताओं को एक साझा मंच प्रदान करेगा।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:53:02 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/my-bharat-delhi-youth-power-drives-viksit-bharat</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[R Praggnanandhaa ने रचा इतिहास: नॉर्वे चेस खिताब जीतने वाले बने पहले भारतीय, वर्ल्ड नंबर-1 कार्लसन को दो बार चटाई धूल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/r-praggnanandhaa-makes-history-becomes-the-first-indian-to-win-the-norway-chess-title]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारतीय शतरंज के 'वंडर बॉय' आर प्रज्ञानंद ने विश्व पटल पर एक और स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। ओस्लो में खेले गए प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस (Norway Chess) टूर्नामेंट में चमत्कारी वापसी करते हुए 20 वर्षीय इस भारतीय ग्रैंडमास्टर ने इतिहास रच दिया है। वे इस खिताब को जीतने वाले भारत के पहले शतरंज खिलाड़ी बन गए हैं। प्रज्ञानंद ने आखिरी राउंड के बेहद दबाव वाले मुकाबले में जर्मनी के विंसेंट कीमर को मात देकर चैंपियनशिप अपने नाम की। यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि प्रज्ञानंद ने यह कारनामा दुनिया के सबसे दिग्गज और खूंखार खिलाड़ियों की मौजूदगी में किया है। इस टूर्नामेंट में वर्ल्ड नंबर-1 मैग्नस कार्लसन, मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश, अलीरेज़ा फिरोज़ा और वेस्ली सो जैसे महारथी शामिल थे।</div><div><br></div><div>प्रज्ञानंद की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी शामिल थे। इस बड़े टूर्नामेंट में वर्ल्ड नंबर 1 मैग्नस कार्लसन, मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश, अलीरेज़ा फिरोज़ा, वेस्ली सो और कीमर जैसे खिलाड़ी शामिल थे, जिससे यह इंटरनेशनल कैलेंडर के सबसे मजबूत इवेंट्स में से एक बन गया।</div><div><br></div><div>सो ने आर्मागेडन में फिरोज़ा को हराकर खिताब जीतने की अपनी उम्मीदें जिंदा रखीं, लेकिन प्रज्ञानंद की आखिरी राउंड की जीत ने अमेरिकी खिलाड़ी को चैंपियनशिप से दूर कर दिया। वहीं दूसरी ओर, कार्लसन ने एक मुश्किल टूर्नामेंट का शानदार अंत किया; उन्होंने गुकेश के खिलाफ क्लासिकल मैचों में दोनों बार जीत हासिल की और कीमर से आगे निकलकर चौथा स्थान हासिल किया।</div><div><br></div><div>टूर्नामेंट के बीच में कई हार के बाद प्रज्ञानंद के खिताब जीतने की चुनौती खतरे में पड़ गई थी और वे लीडर्स से पीछे हो गए थे। हालांकि, जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उन्होंने शानदार वापसी की।</div><div><br></div><div><b>प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस खिताब कैसे जीता</b></div><div>प्रज्ञानंद ने फिरोज़ा, कार्लसन और गुकेश के खिलाफ जीत सहित कई अहम क्लासिकल जीत हासिल कीं और आखिरी राउंड से पहले खुद को फिर से खिताब की दौड़ में शामिल कर लिया।</div><div><br></div><div>राउंड 9 में गुकेश पर उनकी जीत खास तौर पर निर्णायक साबित हुई; इससे वे लीडर्स के काफी करीब पहुंच गए और आखिरी दिन रोमांचक मुकाबले की स्थिति बन गई। आखिरी राउंड में पहुंचने पर, प्रज्ञानंद खिताब के लिए सो और फिरोज़ा के साथ कड़े मुकाबले में फंसे हुए थे।</div><div><br></div><div>उनके सफर की एक खास बात कार्लसन पर उनका दबदबा रही। प्रज्ञानंद ने टूर्नामेंट के दौरान नॉर्वे के सुपरस्टार को क्लासिकल शतरंज में दो बार हराया। वे भारत के महान खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के बाद एक ही इवेंट में ऐसा कारनामा करने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए। वे 2026 में क्लासिकल गेम्स में कार्लसन को दो बार हराने वाले पहले खिलाड़ी भी बने।</div><div><br></div><div>यह उपलब्धि भारतीय शतरंज की नई सुनहरी पीढ़ी के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक के तौर पर प्रज्ञानंद की बढ़ती पहचान को और पुख्ता करती है। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए पहले ही क्वालिफ़ाई कर चुके और दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में अपनी जगह बना चुके चेन्नई के इस युवा खिलाड़ी ने अब खेल के सबसे प्रतिष्ठित खिताबों में से एक को अपनी बढ़ती उपलब्धियों की सूची में शामिल कर लिया है।</div><div>&nbsp;</div><div><span style="background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; font-size: 1rem; font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif;">For the latest scores, match updates, and in-depth
coverage, </span><a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket" target="_blank" style="background-color: rgb(255, 255, 255); font-size: 1rem;"><span style="font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif;">explore
Live Cricket Updates in Hindi</span></a><span style="background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; font-size: 1rem; font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif;"> on Prabhasakshi&nbsp;</span>&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 10:26:09 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/r-praggnanandhaa-makes-history-becomes-the-first-indian-to-win-the-norway-chess-title</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Rome Diamond League में बड़ा उलटफेर, Sri Lanka के रुमेश ने Neeraj Chopra को पछाड़ बनाया Record]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/big-upset-in-rome-diamond-league-sri-lankas-rumesh-beats-neeraj-chopra-and-sets-record]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>रोम में आयोजित डायमंड लीग प्रतियोगिता में भाला फेंक स्पर्धा ने एथलेटिक्स जगत को एक नया सितारा दे दिया। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 92.62 मीटर का विशाल थ्रो लगाया और एशियाई खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि यह दूरी अब एशिया के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी भाला फेंक उपलब्धि बन गई है। उनसे आगे केवल पाकिस्तान के अरशद नदीम हैं, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतते समय 92.97 मीटर का भाला फेंका था। रुमेश ने इस उपलब्धि के साथ भारत के नीरज चोपड़ा और चीनी ताइपे के चाओ सुन चेंग दोनों को पीछे छोड़ दिया है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार रुमेश थरंगा पथिरागे ने प्रतियोगिता के दूसरे प्रयास में 92.62 मीटर की दूरी हासिल की। यह उनके करियर का पहला अवसर था जब उन्होंने 90 मीटर की सीमा को पार किया है। इस प्रदर्शन के बाद वह एशिया के चौथे और दुनिया के केवल 28वें खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने 90 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंका है।</div><div><br></div><div>बता दें कि इससे पहले चीनी ताइपे के चाओ सुन चेंग का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 91.36 मीटर और भारत के नीरज चोपड़ा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 90.23 मीटर रहा है। रुमेश के इस थ्रो ने दोनों रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।</div><div><br></div><div>यह जीत रुमेश के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि यह उनके करियर का पहला डायमंड लीग खिताब है। वर्ष 2026 उनके लिए लगातार सफलताओं वाला साल साबित हो रहा है। उन्होंने मई महीने में मोरक्को के रबात में आयोजित डायमंड लीग प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया था। इसके अलावा नैरोबी में आयोजित किप कीनो प्रतियोगिता भी अपने नाम की थी।</div><div><br></div><div>दूसरी ओर भारत के सचिन यादव के लिए यह प्रतियोगिता यादगार नहीं रही है। 26 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने पहली बार डायमंड लीग में हिस्सा लिया, लेकिन वह अपनी लय हासिल नहीं कर सके हैं। उन्होंने 10 खिलाड़ियों की प्रतियोगिता में आठवां स्थान प्राप्त किया है।</div><div><br></div><div>सचिन यादव का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 79.18 मीटर रहा, जो उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 86.27 मीटर से काफी कम है। गौरतलब है कि उन्होंने वर्ष 2025 विश्व चैंपियनशिप में 86.27 मीटर का थ्रो कर चौथा स्थान हासिल किया था। वहीं इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 81.95 मीटर रहा है, जो उन्होंने अप्रैल में नई दिल्ली में आयोजित भारतीय एथलेटिक्स श्रृंखला की तीसरी प्रतियोगिता में दर्ज किया था।</div><div><br></div><div>रोम में सचिन की शुरुआत फाउल प्रयास से हुई। इसके बाद उन्होंने 79.18 मीटर, 77.02 मीटर, 76.62 मीटर और 75.54 मीटर की दूरी तक भाला फेंका है। हालांकि वह शीर्ष तीन खिलाड़ियों में जगह नहीं बना सके, जिसके कारण उन्हें अंतिम प्रयास का अवसर नहीं मिला है।</div><div><br></div><div>प्रतियोगिता में ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स दूसरे स्थान पर रहे हैं। उन्होंने 83.91 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया है। वहीं अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 83.89 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे हैं। विश्व चैंपियन केशोर्न वॉलकॉट चौथे स्थान पर रहे हैं।</div><div><br></div><div>बता दें कि भारत के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा इस प्रतियोगिता में शामिल नहीं हुए थे। मौजूद जानकारी के अनुसार वह इस समय स्विट्जरलैंड के बिएन शहर में अभ्यास कर रहे हैं। इससे पहले वह तुर्किये में भी प्रशिक्षण ले चुके हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि नीरज अपने सत्र की शुरुआत कब करेंगे।</div><div><br></div><div>अब भाला फेंक स्पर्धा का अगला बड़ा मुकाबला 19 जून को दोहा में आयोजित होगा। यह प्रतियोगिता पहले मई में आयोजित होनी थी, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। ऐसे में खेल प्रेमियों की नजरें अब अगले मुकाबले और नीरज चोपड़ा की वापसी पर टिकी हुई हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 21:42:46 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/big-upset-in-rome-diamond-league-sri-lankas-rumesh-beats-neeraj-chopra-and-sets-record</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Real Madrid Election: पेरेज़ का मास्टरस्ट्रोक, 150 मिलियन यूरो में लाएंगे Jude Bellingham से भी महंगा खिलाड़ी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/real-madrid-election-perez-will-bring-in-a-player-more-expensive-than-jude-bellingham]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>रियल मैड्रिड में अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। क्लब के लंबे समय से अध्यक्ष रहे फ्लोरेंटिनो पेरेज़ ने एक और बड़ा चुनावी वादा करते हुए फुटबॉल जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। उन्होंने कहा है कि अगले सप्ताह वह एक बड़े यूरोपीय क्लब को 150 मिलियन यूरो की पेशकश भेजेंगे, ताकि एक स्टार खिलाड़ी को रियल मैड्रिड में लाया जा सके।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार यदि यह सौदा सफल होता है तो यह रियल मैड्रिड के इतिहास का सबसे महंगा खिलाड़ी अधिग्रहण होगा। वर्तमान में क्लब का सबसे बड़ा स्थानांतरण रिकॉर्ड इंग्लैंड के जूड बेलिंघम के नाम है, जिन्हें वर्ष 2023 में जर्मनी के बोरुसिया डॉर्टमुंड से टीम में शामिल किया गया था।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि 79 वर्षीय फ्लोरेंटिनो पेरेज़ पिछले 26 वर्षों में 23 साल तक रियल मैड्रिड के अध्यक्ष रह चुके हैं। इस बार उनके सामने 37 वर्षीय कारोबारी एनरिके रिकेल्मे चुनौती पेश कर रहे हैं। दोनों के बीच चुनावी मुकाबला क्लब के इतिहास के सबसे चर्चित चुनावों में से एक माना जा रहा है।</div><div><br></div><div>स्पेन के एक टेलीविजन कार्यक्रम में बातचीत के दौरान पेरेज़ ने कहा कि वह मंगलवार को एक ऐसे खिलाड़ी के लिए प्रस्ताव भेजेंगे जो किसी प्रमुख यूरोपीय क्लब से जुड़ा हुआ है और जिसकी पहचान विश्व फुटबॉल के बड़े सितारों में होती है। हालांकि उन्होंने खिलाड़ी का नाम बताने से इनकार कर दिया है।</div><div><br></div><div>बता दें कि पेरेज़ पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि यदि वह चुनाव जीतते हैं तो जोस मोरिन्हो को मुख्य प्रशिक्षक के रूप में वापस लाने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा उन्होंने इब्राहिमा कोनाते को बिना स्थानांतरण शुल्क के टीम में शामिल करने और इंटर मिलान के खिलाड़ी डेंजल डम्फ्रीज़ के साथ समझौता करने की भी पुष्टि की है।</div><div><br></div><div>फ्लोरेंटिनो पेरेज़ ने बातचीत के दौरान कई चर्चित खिलाड़ियों के नामों को भी खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस खिलाड़ी के लिए वह प्रस्ताव भेजने जा रहे हैं, वह माइकल ओलिसे, जेरेमी डोकू, एरलिंग हालांड या हैरी केन नहीं हैं। उनके अनुसार यह खिलाड़ी मध्य क्षेत्र या आक्रमण पंक्ति में खेलता है और वह इंग्लैंड की शीर्ष लीग का हिस्सा भी नहीं है।</div><div><br></div><div>पेरेज़ ने उस खिलाड़ी को "पूर्ण गैलाक्टिको" बताया है। गौरतलब है कि रियल मैड्रिड में गैलाक्टिको शब्द का उपयोग उन विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के लिए किया जाता है जिन्हें बड़ी रकम खर्च करके टीम में शामिल किया जाता है। अतीत में जिनेदिन जिदान, डेविड बेकहम, क्रिस्टियानो रोनाल्डो और काका जैसे कई बड़े नाम इस श्रेणी का हिस्सा रह चुके हैं।</div><div><br></div><div>दूसरी ओर उनके प्रतिद्वंद्वी एनरिके रिकेल्मे भी बड़े वादे कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि यदि वह चुनाव जीतते हैं तो मैनचेस्टर सिटी के एरलिंग हालांड और रोड्री को क्लब में लाने का प्रयास करेंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी वादा किया है कि यदि वह इन दोनों खिलाड़ियों को नहीं ला सके तो क्लब सदस्यों की एक वर्ष की सदस्यता शुल्क स्वयं भरेंगे।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार रविवार को होने वाले चुनाव में क्लब सदस्य अपने नए अध्यक्ष का चयन करेंगे। ऐसे में दोनों उम्मीदवार बड़े-बड़े वादों के जरिए समर्थकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि फ्लोरेंटिनो पेरेज़ जिस रहस्यमयी खिलाड़ी की बात कर रहे हैं, वह आखिर कौन है और क्या वास्तव में रियल मैड्रिड इतिहास का सबसे महंगा सौदा करने में सफल हो पाता है।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 20:55:20 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/real-madrid-election-perez-will-bring-in-a-player-more-expensive-than-jude-bellingham</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Pakistan ने ठुकराया भारत का निमंत्रण, Delhi Fencing Championship में नहीं भेजेगा अपनी टीम।]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/pakistan-rejected-indias-invitation-will-not-send-its-team-to-delhi-fencing-championship]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>नई दिल्ली में इस महीने आयोजित होने जा रही एशियाई वरिष्ठ तलवारबाजी प्रतियोगिता को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। हालांकि प्रतियोगिता शुरू होने से पहले एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पाकिस्तान ने इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में अपनी टीम नहीं भेजने का फैसला किया है, जबकि भारत की ओर से उसे आधिकारिक निमंत्रण दिया गया था।</div><div><br></div><div>बता दें कि भारत पहली बार इस प्रतिष्ठित एशियाई प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है। यह प्रतियोगिता 19 जून से नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित की जाएगी। मौजूद जानकारी के अनुसार एशिया और ओशिनिया क्षेत्र के 30 से अधिक देशों के खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले हैं।</div><div><br></div><div>भारतीय तलवारबाजी संघ के महासचिव राजीव मेहता ने बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों देशों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। हालांकि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने तक दोनों देशों की ओर से किसी भी खिलाड़ी या दल का पंजीकरण नहीं कराया गया है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से द्विपक्षीय खेल संबंधों पर रोक बनी हुई है। इसके बावजूद भारत ने स्पष्ट किया था कि बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान के खिलाड़ियों को भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। इसी नीति के तहत पाकिस्तान को इस प्रतियोगिता का निमंत्रण भेजा गया था।</div><div><br></div><div>राजीव मेहता ने बताया कि अब खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए यात्रा दस्तावेजों की प्रक्रिया चल रही है। प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि काफी पहले समाप्त हो चुकी है और अब प्रतियोगिता के संचालन से जुड़े अंतिम इंतजाम किए जा रहे हैं।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार इस प्रतियोगिता के दौरान एशियाई तलवारबाजी परिसंघ की महासभा की बैठक भी आयोजित होगी। यह पहली बार होगा जब इस संस्था का शीर्ष नेतृत्व भारत में एकत्रित होगा। अंतरराष्ट्रीय तलवारबाजी महासंघ के अंतरिम अध्यक्ष अब्देलमोनेइम एल हुसेनी के भी इस अवसर पर भारत आने की संभावना जताई गई है।</div><div><br></div><div>प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर भारतीय तलवारबाजी संघ लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ समन्वय कर रहा है। आयोजकों का कहना है कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।</div><div><br></div><div>हालांकि कुछ देशों के खिलाड़ियों और अधिकारियों को यात्रा दस्तावेज प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। राजीव मेहता ने बताया कि हांगकांग के प्रतिनिधियों को यात्रा दस्तावेजों के लिए समय मिलने में परेशानी हो रही है। वहीं ऑस्ट्रेलिया के कुछ आवेदनों को भी स्वीकृति नहीं मिल सकी है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि गुरुवार को 200 से अधिक खिलाड़ियों और अधिकारियों से जुड़े दस्तावेजों को मंजूरी दी गई है। इसके बावजूद कुछ मामलों में प्रक्रिया अभी जारी है। आयोजकों को उम्मीद है कि प्रतियोगिता शुरू होने से पहले सभी लंबित मामलों का समाधान कर लिया जाएगा।</div><div><br></div><div>भारत में पहली बार आयोजित हो रही यह प्रतियोगिता देश के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खेल के जानकारों का मानना है कि इस आयोजन से न केवल तलवारबाजी खेल को नई पहचान मिलेगी बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी क्षमता भी मजबूत होगी। ऐसे में खिलाड़ियों, अधिकारियों और खेल प्रेमियों की नजरें अब इस बड़े महाद्वीपीय आयोजन पर टिकी हुई हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 20:42:13 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/pakistan-rejected-indias-invitation-will-not-send-its-team-to-delhi-fencing-championship</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[R. Praggnanandhaa का बड़ा उलटफेर, World Champion Gukesh को हराकर Norway Chess की बाजी पलटी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/r-praggnanandhaa-pulls-off-a-major-upset-defeating-world-champion-gukesh-in-norway-chess]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में भारतीय युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने पूरी प्रतियोगिता का समीकरण बदल दिया है। लगातार तीन शास्त्रीय मुकाबलों में जीत दर्ज करने के बाद 20 वर्षीय प्रज्ञानानंदा अब खिताब जीतने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। खास बात यह है कि उन्होंने जिन खिलाड़ियों को हराया है उनमें अलिरेज़ा फिरोज़जा, मैग्नस कार्लसन और मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश जैसे बड़े नाम शामिल हैं।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार नौवें दौर के बाद खुली श्रेणी में खिताब की लड़ाई पूरी तरह खुली हुई है। अमेरिका के वेस्ली सो, फ्रांस के अलिरेज़ा फिरोज़जा और भारत के आर. प्रज्ञानानंदा तीनों के पास अंतिम दौर में खिताब जीतने का मौका मौजूद है। दूसरी ओर महिला वर्ग में कजाखस्तान की बिबीसारा असाउबायेवा ने अपना मुकाबला ड्रॉ खेलकर खिताब पहले ही अपने नाम कर लिया है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि इस दौर का सबसे चर्चित मुकाबला डी. गुकेश और आर. प्रज्ञानानंदा के बीच खेला गया। यह दोनों खिलाड़ियों के बीच टूर्नामेंट का दूसरा मुकाबला था। इससे पहले पांचवें दौर में गुकेश ने प्रज्ञानानंदा को हराया था। ऐसे में यह मुकाबला बदले और प्रतिष्ठा दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा था।</div><div><br></div><div>नॉर्वे की राजधानी ओस्लो स्थित प्रसिद्ध डाइखमान ब्योर्विका सार्वजनिक पुस्तकालय में खेले गए इस मुकाबले में गुकेश ने सफेद मोहरों से शुरुआत की और शुरुआती चरण में आक्रामक रणनीति अपनाई। हालांकि प्रज्ञानानंदा ने बेहद सटीक बचाव करते हुए खेल का संतुलन अपने पक्ष में मोड़ लिया है।</div><div><br></div><div>मुकाबले का निर्णायक क्षण तब आया जब प्रज्ञानानंदा के घोड़े ने विरोधी क्षेत्र में गहराई तक प्रवेश कर महत्वपूर्ण सामग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने गुकेश के आक्रमण को शांत करते हुए धीरे-धीरे अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, गुकेश का हमला कमजोर पड़ता गया और प्रज्ञानानंदा के मोहरे अधिक प्रभावी होते गए हैं।</div><div><br></div><div>34वीं चाल तक स्थिति पूरी तरह प्रज्ञानानंदा के नियंत्रण में आ चुकी थी। इसके बाद गुकेश ने हार स्वीकार करते हुए हाथ मिला लिया है। इस जीत के साथ प्रज्ञानानंदा ने न केवल अपनी पिछली हार का बदला लिया बल्कि अंक तालिका में शीर्ष पर चल रहे वेस्ली सो से अंतर भी घटाकर मात्र आधा अंक कर दिया है।</div><div><br></div><div>बता दें कि अंतिम दौर में प्रज्ञानानंदा का सामना जर्मनी के विन्सेंट कीमर से होगा। कीमर इस टूर्नामेंट में अब तक कोई भी शास्त्रीय मुकाबला नहीं हारे हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी के सामने चुनौती आसान नहीं रहने वाली है।</div><div><br></div><div>दूसरी ओर भारतीय खिलाड़ियों के लिए टूर्नामेंट का बाकी हिस्सा उतना सुखद नहीं रहा है। महिला वर्ग में दिव्या देशमुख को चीन की झू जिनर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। एक समय खिताब की दौड़ में आगे चल रहीं दिव्या का प्रदर्शन अंतिम चरण में कमजोर पड़ गया है।</div><div><br></div><div>महिला वर्ग की एक अन्य भारतीय खिलाड़ी कोनेरू हम्पी को भी महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन के खिलाफ आर्मागेडन मुकाबले में हार मिली है। वर्तमान स्थिति में दिव्या और हम्पी महिला वर्ग में निचले स्थानों पर मौजूद हैं।</div><div><br></div><div>उधर विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन को भी एक और झटका लगा है। उन्हें आर्मागेडन मुकाबले में वेस्ली सो के हाथों हार झेलनी पड़ी है। वहीं अलिरेज़ा फिरोज़जा ने विन्सेंट कीमर को आर्मागेडन में हराकर खिताबी उम्मीदें जीवित रखी हैं।</div><div><br></div><div>अब अंतिम दिन सभी की निगाहें खिताबी मुकाबले पर टिकी हुई हैं। भारतीय शतरंज प्रेमियों को उम्मीद होगी कि प्रज्ञानानंदा अपनी शानदार लय जारी रखते हुए लगातार चौथी शास्त्रीय जीत दर्ज करें और नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम करें।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 20:30:53 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/r-praggnanandhaa-pulls-off-a-major-upset-defeating-world-champion-gukesh-in-norway-chess</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[French Open में Qualifier Maja Chwalińska का तूफानी सफर, Grand Slam फाइनल में बनाई ऐतिहासिक जगह]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/french-open-qualifier-maja-chwalinska-whirlwind-journey-securing-a-historic-grand-slam-final-spot]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>फ्रेंच ओपन के महिला एकल वर्ग में इस बार एक नई कहानी लिखी जा रही है। पोलैंड की 24 वर्षीय माजा ख्वालिंस्का ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है और टेनिस जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। क्वालीफायर दौर से सफर शुरू करने वाली इस खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में रूस की डायना श्नाइडर को सीधे सेटों में 7-6 (4), 6-4 से हराकर इतिहास रच दिया है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि ओपन युग की शुरुआत 1968 में हुई थी। मौजूद जानकारी के अनुसार तब से अब तक पुरुष और महिला वर्ग को मिलाकर केवल दो खिलाड़ी ही क्वालीफायर दौर से निकलकर किसी ग्रैंड स्लैम एकल फाइनल तक पहुंच सके हैं। माजा ख्वालिंस्का अब इस सूची में ब्रिटेन की एमा रादुकानू के साथ शामिल हो गई हैं। एमा रादुकानू ने 2021 में अमेरिकी ओपन का खिताब क्वालीफायर के रूप में जीतकर इतिहास बनाया था।</div><div><br></div><div>बता दें कि माजा ख्वालिंस्का फ्रेंच ओपन के पेशेवर युग में क्वालीफायर से फाइनल तक पहुंचने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी हैं। यह उपलब्धि उन्हें टेनिस इतिहास के विशेष खिलाड़ियों की श्रेणी में खड़ा करती है।</div><div><br></div><div>सेमीफाइनल मुकाबले में ख्वालिंस्का ने दबाव के क्षणों में बेहतरीन खेल दिखाया। पहला सेट टाईब्रेकर तक पहुंचा, जहां उन्होंने संयम बनाए रखा और बढ़त हासिल की। दूसरे सेट में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और पहले ही मैच अंक पर जोरदार फोरहैंड शॉट लगाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया है।</div><div><br></div><div>जीत के बाद भावुक नजर आईं ख्वालिंस्का ने कहा कि यह किसी सपने जैसा लग रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि वह ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंच चुकी हैं। जीत के बाद वह कोर्ट पर भावनाओं से भर गईं और कुछ समय तक अपनी खुशी को संभाल नहीं सकीं हैं।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार ख्वालिंस्का ने मुख्य प्रतियोगिता में जगह बनाने के लिए तीन क्वालीफाइंग मुकाबले जीते थे। यह उनके करियर का केवल तीसरा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट है। इससे पहले किसी भी ग्रैंड स्लैम में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ष 2022 के विंबलडन में दूसरे दौर तक पहुंचने का है।</div><div><br></div><div>अब फाइनल में उनका सामना रूस की 19 वर्षीय मीरा आंद्रीवा से होगा। आंद्रीवा ने दूसरे सेमीफाइनल में मार्ता कोस्त्युक को 6-1, 6-3 से हराकर अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में प्रवेश किया है। बता दें कि दो वर्ष पहले आंद्रीवा फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन यह उनका पहला फाइनल होगा।</div><div><br></div><div>ख्वालिंस्का का मौजूदा टूर्नामेंट में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने क्वालीफायर सहित अब तक खेले गए नौ मुकाबलों में केवल एक सेट गंवाया है। इसके अलावा मुख्य प्रतियोगिता में चार शीर्ष-50 खिलाड़ियों को भी बाहर का रास्ता दिखाया है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि इस सफलता का असर उनकी विश्व रैंकिंग पर भी दिखाई देगा। यदि वह खिताब जीतने में सफल रहती हैं तो उनकी रैंकिंग 114वें स्थान से सीधे 14वें स्थान तक पहुंच सकती है। वहीं पुरस्कार राशि के लिहाज से भी यह टूर्नामेंट उनके लिए बेहद लाभदायक साबित हुआ है। फाइनल में पहुंचने के साथ ही उन्हें बड़ी पुरस्कार राशि सुनिश्चित हो चुकी है और खिताब जीतने पर यह राशि और बढ़ जाएगी।</div><div><br></div><div>डायना श्नाइडर ने हार के बाद ख्वालिंस्का की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पोलैंड की खिलाड़ी ने शानदार खेल दिखाया और पूरे कोर्ट पर उनकी गति तथा कवरेज असाधारण रही है। श्नाइडर के अनुसार कई बार ऐसा लगा कि अंक समाप्त हो चुका है, लेकिन ख्वालिंस्का हर बार गेंद तक पहुंचने में सफल रहीं हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 20:12:29 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/french-open-qualifier-maja-chwalinska-whirlwind-journey-securing-a-historic-grand-slam-final-spot</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Tyagraj Stadium में जुटेंगे 6000 युवा लीडर्स, MY Bharat गढ़ेगा विकसित भारत का भविष्य]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/6000-young-leaders-will-gather-at-tyagraj-stadium-my-bharat-will-shape-future-of-a-developed-india]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>मेरा युवा भारत (एमवाई भारत) शनिवार, 6 जून को नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में 'युवा विकसित भारत - एमवाई भारत युवा सम्मेलन' का आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम में भारत भर से 6,000 से अधिक युवाओं के एकत्रित होने की उम्मीद है, जिनमें छात्र, युवा पेशेवर, महिलाएं, उद्यमी, कंटेंट क्रिएटर, नवोन्मेषक, उभरते नेता और विविध पृष्ठभूमि के उपलब्धि हासिल करने वाले लोग शामिल हैं।इस सम्मेलन में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख नेता, अतिथि और युवा व्यक्तित्व शामिल होंगे।&nbsp;</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket/returning-from-icc-suspension-cricket-canada-presents-reinstatement-action-plan" target="_blank">ICC निलंबन से वापसी! Cricket Canada ने पेश की 'बहाली' की कार्ययोजना</a></h3><div><br></div><div>इस आयोजन का उद्देश्य भारत के भविष्य के निर्माताओं को वर्तमान उपलब्धि हासिल करने वालों से जोड़ना है, ताकि राष्ट्रीय विकास और सार्वजनिक नेतृत्व के प्रति प्रतिबद्धता को बढ़ावा दिया जा सके। उल्लेखनीय प्रतिभागियों में भारत के सबसे तेज धावक गुरिंदरवीर सिंह (राष्ट्रीय 100 मीटर रिकॉर्ड धारक), उद्यमी अमन गुप्ता (boAt के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी), ओलंपिक पदक विजेता अमन सहरावत, यूपीएससी के उत्तीर्ण छात्र और मल्हार कलांबे तथा आरजे रौनक जैसे प्रमुख राष्ट्रीय कंटेंट निर्माता शामिल हैं।&nbsp;</div><div><br></div><div>MYAS की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन प्रभावशाली युवा हस्तियों ने अपने काम और सामाजिक प्रभाव से लाखों लोगों को प्रेरित किया है। सम्मेलन में खेल, उद्यमिता, शासन और कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही उभरती युवा प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, MY Bharat को हाल ही में एक सप्ताह में ऑनलाइन क्विज़ में भाग लेने वाले सबसे अधिक उपयोगकर्ता के लिए गिनीज विश्व रिकॉर्ड में मिली मान्यता का जश्न मनाएगा।&nbsp;</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket/pink-ball-is-the-solution-to-poor-light-gautam-gambhir-supports-a-new-experiment-in-day-test" target="_blank">खराब रोशनी का हल Pink Ball! Gautam Gambhir ने Day Test में नए प्रयोग का दिया साथ</a></h3><div><br></div><div>यह उपलब्धि विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) क्विज़ के माध्यम से हासिल की गई है। इस पहल में सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के 50 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया, जिनमें से 390,812 युवाओं ने आधिकारिक मूल्यांकन अवधि के दौरान क्विज़ पूरा किया और एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि विकसित भारत @2047 के विज़न में युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी को उजागर करती है और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी के लिए एक मंच के रूप में MY Bharat में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।</div><div>&nbsp;</div><div>For more updates and in-depth coverage on cricket, visit <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket" target="_blank">Cricket News in Hindi&nbsp;</a> at Prabhasakshi.&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 16:57:18 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/6000-young-leaders-will-gather-at-tyagraj-stadium-my-bharat-will-shape-future-of-a-developed-india</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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