South Korea में भीषण गर्मी का प्रहार, 42.5°C के बीच Emergency Warning जारी, PM Han Duck-soo ने दिए कड़े निर्देश

दक्षिण कोरिया में 122 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो जलवायु परिवर्तन और अल नीनो के संयुक्त प्रभाव का एक गंभीर विश्लेषण पेश करता है। सरकार द्वारा लागू नई आपातकालीन चेतावनी व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के कड़े कदम वैश्विक तापमान वृद्धि के प्रति बढ़ती प्रशासनिक चिंता को स्पष्ट करते हैं।
दक्षिण कोरिया इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और देश ने अपने मौसम इतिहास का नया रिकॉर्ड दर्ज किया है। दक्षिण-पूर्वी शहर यांगसान में रविवार दोपहर तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो वर्ष 1904 में आधुनिक मौसम रिकॉर्ड शुरू होने के बाद अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकार और मौसम विभाग ने लोगों के लिए कई चेतावनियां जारी की है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, यांगसान में लगातार पांचवें दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं डेगू, बुसान और कई अन्य शहरों में भी पारा 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया। हालात को देखते हुए 20 से अधिक क्षेत्रों में आपातकालीन गर्मी चेतावनी लागू कर दी गई है। यह नई चेतावनी व्यवस्था इस वर्ष शुरू की गई है ताकि बढ़ते तापमान से लोगों की सुरक्षा बेहतर तरीके से की जा सके।
बता दें कि दक्षिण कोरिया मौसम प्रशासन के अनुसार, जब किसी क्षेत्र में महसूस किया जाने वाला तापमान 38 डिग्री सेल्सियस या वास्तविक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना होती है, तब आपात चेतावनी जारी की जाती है। लोगों से सभी बाहरी गतिविधियां तुरंत रोकने, ठंडी जगहों पर जाने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की अपील की गई है।
प्रधानमंत्री हान सियोंग-सूक ने स्थानीय प्रशासन को बुजुर्गों, बच्चों और अन्य संवेदनशील लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिजली और पानी की आपूर्ति लगातार बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
गर्मी का असर आम लोगों की दिनचर्या पर भी साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी सियोल में बड़ी संख्या में लोग वातानुकूलित बाजारों, कैफे और सार्वजनिक शीतलन केंद्रों का सहारा ले रहे हैं। कई जगहों पर धुंध जैसी पानी की फुहार वाले केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां लोग गर्मी से राहत पाने पहुंच रहे हैं।
गौरतलब है कि ग्योंगजू शहर में भी तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले आठ वर्षों का सबसे अधिक स्तर है। वहीं उत्तर कोरिया में भी कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। राजधानी प्योंगयांग में लगातार एक सप्ताह तक रात का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया।
भीषण गर्मी का असर खेलों पर भी पड़ा है। चांगवोन में पेशेवर बेसबॉल लीग का मुकाबला लगातार दूसरे दिन रद्द करना पड़ा, क्योंकि वहां तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
वैज्ञानिकों का मानना है कि मानव गतिविधियों से बढ़ रहे जलवायु परिवर्तन और इस वर्ष फिर सक्रिय हुए अल नीनो के कारण दुनिया के कई हिस्सों में अत्यधिक गर्मी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चीन की ओर बढ़ रहे डॉल्फिन नामक तूफान की दिशा आने वाले दिनों में दक्षिण कोरिया के मौसम पर असर डाल सकती है। अगर तूफान की दिशा बदलती है तो बारिश और तेज हवाओं से कुछ राहत मिल सकती है, जबकि दूसरी स्थिति में गर्मी और उमस और अधिक बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
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