NITI Aayog Meeting में नहीं पहुँचे 10 राज्यों के CM, राज्यहित की बजाय पार्टी हित को दी गयी तवज्जो

By नीरज कुमार दुबे | May 27, 2023

कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों की ओर से नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय गलत है। देश के दस राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करके अपने राज्यों के हितों की अनदेखी की है। यदि केंद्र से किसी विषय पर किसी मुख्यमंत्री की नाराजगी है भी तो उन्हें नीति आयोग की संचालन परिषद की बैठक में उपस्थित होकर संबंधित विषय को उठाना चाहिए। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं कर अपने राज्य के हितों को तिलांजलि देना बेहतर समझा। यह भी आश्चर्यजनक है कि एक ओर आगामी लक्ष्यों को तय करने संबंधी बैठकों का बहिष्कार किया जाता है तो दूसरी ओर केंद्र पर आरोप लगाया जाता है कि वह भेदभाव करता है।

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इस मुद्दे पर भाजपा ने नीति आयोग संचालन परिषद की बैठक का बहिष्कार करने वाले मुख्यमंत्रियों पर निशाना साधा और उनके फैसले को ‘‘जन-विरोधी’’ और ‘‘गैर जिम्मेदाराना’’ बताया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नीति आयोग देश के विकास के लिए लक्ष्य तय करने, रूपरेखा तथा रोडमैप बनाने के लिए एक अहम निकाय है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की संचालन परिषद की आठवीं बैठक में 100 मुद्दों पर चर्चा करने का प्रस्ताव है लेकिन आठ राज्यों के मुख्यमंत्री इसमें भाग नहीं ले रहे हैं। प्रसाद ने कहा, ‘‘वे बैठक में भाग लेने क्यों नहीं आ रहे हैं जिसमें 100 मुद्दों पर चर्चा की जानी है। अगर इतनी बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री भाग नहीं लेते हैं तो वे अपने राज्यों की आवाज नहीं उठा रहे हैं।’’

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