महाराष्ट्र की Ladki Bahin Yojana के लिए 16 हजार पुरुष बनें महिला! लाखों अपात्रों को मिल रहा था लाभ

By रेनू तिवारी | Jun 02, 2026

महाराष्ट्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी और लोकप्रिय कल्याणकारी योजना, 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना' में बड़े पैमाने पर वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ियाँ सामने आई हैं। एक आंतरिक ऑडिट और समीक्षा रिपोर्ट के बाद हुए खुलासे से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सत्यापन (Verification) प्रक्रिया के दौरान लाखों ऐसे लाभार्थी पाए गए हैं, जो योजना के तय मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं या जिनकी पात्रता पूरी तरह संदिग्ध है।  सबसे चौंकाने वाले दावों में से एक यह है कि लगभग 16,000 आवेदक पुरुष थे, जिन्होंने कथित तौर पर इस योजना का लाभ उठाने के लिए खुद को महिला के रूप में पंजीकृत कराया था।

आर्थिक पात्रता की जाँच में एक और बड़ी विसंगति सामने आई है। लगभग 10 लाख ऐसे लाभार्थी पाए गए जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक थी या जो आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते थे; इन दोनों ही स्थितियों में, योजना के मानदंडों के अनुसार वे लाभार्थी अपात्र माने जाते हैं।

इसके अलावा, पारिवारिक पात्रता को लेकर भी चिंताएँ जताई गई हैं। लगभग 4.5 लाख ऐसे आवेदक पाए गए जिनके परिवार के सदस्य सरकारी नौकरी में कार्यरत थे, और लगभग 2 लाख ऐसे लाभार्थी थे जिनके पास चार-पहिया वाहन थे। कल्याणकारी योजनाओं की पात्रता जाँच में, इन दोनों ही कारकों को अक्सर आर्थिक स्थिरता का संकेत माना जाता है।

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इसके अतिरिक्त, ऑडिट रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि 62 लाख से अधिक पंजीकृत लाभार्थी, कई बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद, अनिवार्य e-KYC सत्यापन पूरा करने में असफल रहे। विशेष रूप से, पूरे महाराष्ट्र में लगभग 1.60 करोड़ महिलाएँ इस योजना के तहत लगातार लाभ प्राप्त कर रही हैं।

'लाड़की बहिन योजना' के बारे में

'लाड़की बहिन योजना' (जिसका आधिकारिक नाम 'मुख्यमंत्री – माझी लाड़की बहिन योजना' है) महाराष्ट्र सरकार द्वारा वर्ष 2024 में शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है। इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत, पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की राशि 'प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण' (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देना, उनके स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता करना, तथा परिवार और समाज में उनकी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना है। यह योजना मुख्य रूप से निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों की महिलाओं पर केंद्रित है, ताकि उनके आर्थिक तनाव को कम किया जा सके और उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके। पात्र होने के लिए, महिला का महाराष्ट्र का निवासी होना, 21 से 65 वर्ष की आयु के बीच होना और ऐसे परिवार से संबंधित होना आवश्यक है जिसकी वार्षिक आय आम तौर पर 2.5 लाख रुपये तक हो। यह लाभ विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्त या अविवाहित महिलाओं (कुछ शर्तों के साथ) के लिए उपलब्ध है।

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