कश्मीर में अबतक का सबसे बड़ा आतंकी हमला, CRPF के 44 जवान शहीद

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 14, 2019

जम्मू। जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में बृहस्पतिवार को जैश-ए-मोहम्मद के एक फिदायिन हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गये। जबकि 40 जवानों के गंभीर रूप से जख्मी बताए जा रहे हैं। यह 2016 में हुए उरी हमले के बाद सबसे भीषण आतंकवादी हमला है। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 2500 से अधिक कर्मी 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे। इनमें से अधिकतर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद अपने काम पर वापस लौट रहे थे। जम्मू कश्मीर राजमार्ग पर अवंतिपोरा इलाके में लाटूमोड पर इस काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया। हालांकि अधिकारियों के अनुसार जैश के आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही बस को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम 30 जवान शहीद हो गये। 

ये है शहीद जवानों के सूची:

दोपहर साढ़े तीन बजे सीआरपीएफ का काफिला दक्षिण कश्मीर में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोरीपोरा अवंतीपोर के पास पहुंचा तो अचानक एक कार तेजी से काफिले में घुसी। कार चालक ने सीआरपीएफ जवानों की एक बस को टक्कर मार दी और इसके बाद वहां जोरदार धमाके की आवाज आई। कार धू-धू कर सड़क पर जलने लगी, बस के एक हिस्से में भी आग की लपटें निकलने लगीं। धमाके की आवाज से पूरा इलाका दहल गया और आसमान में काले धुएं के गुब्बार के साथ सड़क पर लोगों को रोने-चिल्लाने की आवाजें आने लगी। काफिले में शामिल अन्य वाहन तुरंत रुक गए और उनमें सवार जवान जब बाहर निकल रहे थे तो वहीं एक जगह पोजीशन लिए बैठे आतंकियों ने उन पर गोलियां भी दागी। जवानों ने तुरंत अपनी पोजीशन ले जवाबी फायर किया। कहा जाता है कि जवाबी फायर पर आतंकी वहां से भाग निकले।

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इस बीच, जवानों ने पूरे इलाके को घेरते हुए कार बम विस्फोट से तबाह हुई बस में पड़े जख्मी और मृत जवानों को बाहर निकलवा अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया। स्थिति इतनी भयावह थी कि धमाके की चपेट में आई बस में सवार कई जवानों की मौत हो गई। शव सड़क पर गिरे पड़े थे, कई लाशों के चिथड़े तक उड़ गए थे। आतंकियों द्वारा धमाके में इस्तेमाल कार में सवार आत्मघाती आतंकी आदिल अहमद के भी मारे जाने का दावा किया जा रहा है। 

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