By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 18, 2026
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने मंगलवार को कहा कि प्रतिबंधित संगठन केसीपी (ताइबांगनबा) के 46 उग्रवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को मदद देने का आश्वासन दिया ताकि वे अपनी आजीविका चला सकें। इंफाल में फर्स्ट मणिपुर राइफल्स के परेड मैदान में राज्य सरकार की ओर से आयोजित ‘घर वापसी समारोह’ में प्रतिबंधित कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (ताइबांगनबा) के सदस्यों ने अपने हथियार डाले।
इन झड़पों में कम से कम 260 लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग बेघर हो गए, जिससे उन्हें पूरे इलाके में बने राहत शिविरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिबंधित संगठन के 46 सदस्यों ने संशोधित आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास नीति, 2018 के तहत आत्मसमर्पण किया। सरकार उन्हें आजीविका के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए भी सहायता करेगी।
सिंह ने कहा, ‘‘कोई राज्य तभी प्रगति कर सकता है जब वहां शांति और सुरक्षा हो और पुलिस प्रशासन मजबूत हो। शांतिपूर्ण माहौल तभी बन सकता है जब लोग हथियार उठाने की इच्छा छोड़ दें।’’ पिछले महीने मणिपुर में सुरक्षा बलों के सामने प्रतिबंधित कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपल्स वॉर ग्रुप) के 46 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)मुकेश सिंह ने आत्मसमर्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उग्रवादियों ने हथियारबंद गतिविधियों को छोड़कर अपने परिवारों, और समुदायों में लौटने और एक नागरिकों के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का रास्ता चुना है।
उन्होंने कहा कि मणिपुर पुलिस मजबूती के साथ अपने संवैधानिक कर्तव्यों का अनुपालन करती रहेगी। डीजीपी ने कहा कि साथ ही, जो लोग वास्तव में हिंसा छोड़कर समाज में वापस लौटना चाहते हैं, उन्हें पुलिस आत्मसमर्पण, सत्यापन और पुनर्वास की कानूनी प्रक्रिया में मदद करेगी। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों से अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग रहने की अपील करते हुए कहा कि ‘‘उनकी घर वापसी की सफलता का आकलन आज के कार्यक्रम से नहीं, बल्कि भविष्य में उनके व्यवहार से किया जाएगा’’।