52 साल बाद फिर आया नस्लीय जिन्न ? नीतियों के चलते ICC ने लगाया था प्रतिबंध, डिकॉक ने BLM से खुद को किया अलग

By अनुराग गुप्ता | Oct 27, 2021

साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक ने खुद को ब्लैक लाइव्स मैटर (BLM) से अलग करते हुए क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) का आदेश मानने से इनकार कर दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने टी-20 विश्व कप में वेस्टइंडीज के ‌खिलाफ खुद को अनुपलब्ध करार दिया था। दरअसल, सीएसए ने सभी खिलाड़ियों को ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान में शामिल होने का निर्देश दिया था। 

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साउथ अफ्रीका की सरकार ने रंगभेद को लेकर नीति का निर्माण किया था। जिसके तहत उनकी टीम श्वेत देशों के साथ ही मुकाबला खेल सकती थी। इसके अलावा उनकी यह भी शर्त रहती थी कि विपक्षी टीम में श्वेत खिलाड़ी ही खेलें। साउथ अफ्रीका की इस नीति की वजह से वहां के क्रिकेट को काफी नुकसान पहुंचा। हालांकि 21 साल बाद उन्होंने रंगभेद वाली नीति को समाप्त किया। जिसके बाद साल 1991 में एक बार फिर साउथ अफ्रीका टीम की वापसी हुई।अश्वेतों के लिए आरक्षण हुआ था लागूसाउथ अफ्रीका टीम में अश्वेत खिलाड़ियों के लिए आरक्षण लागू किया गया था। जिसके तहत टीम में 4 अश्वेत खिलाड़ियों का रहना जरूरी थी। हालांकि साल 2007 में आरक्षण को समाप्त कर दिया गया। लेकिन मौजूदा टीम में अगर आप नजर डालेंगे तो साउथ अफ्रीका के स्टार गेंदबाज कगिसो रबाड़ा अश्वेत हैं और कप्तान तेम्बा बावुमा भी।

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