कार खरीदने वालों को झटका! Hyundai ने बढ़ाईं कीमतें, अब देना होगा ज्यादा पैसा

By डॉ. अनिमेष शर्मा | Jun 16, 2026

अगर आप इन दिनों नई कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको पहले की तुलना में थोड़ा अधिक खर्च करना पड़ सकता है। देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनी ह्यूंदै इंडिया ने 1 जून 2026 से अपनी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी है। कंपनी ने विभिन्न मॉडल्स और वेरिएंट्स की कीमतों में अधिकतम 12,800 रुपये तक का इजाफा किया है। ऐसे में अब ह्यूंदै की कार खरीदने के लिए ग्राहकों को पहले से ज्यादा बजट तैयार रखना होगा।

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लागत बढ़ने का दबाव बना मुख्य कारण

ह्यूंदै ने कीमतें बढ़ाने के पीछे बढ़ती उत्पादन लागत को प्रमुख वजह बताया है। कंपनी के अनुसार स्टील, एल्युमिनियम और अन्य आवश्यक कच्चे माल की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े खर्च भी बढ़े हैं।

कंपनी का कहना है कि उसने लंबे समय तक इन बढ़ी हुई लागतों को खुद वहन करने का प्रयास किया, लेकिन अंततः लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना आवश्यक हो गया।

मारुति समेत अन्य कंपनियां भी बढ़ा चुकी हैं दाम

ह्यूंदै की तरह देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने भी जून 2026 में अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी लागू की है। मारुति ने विभिन्न मॉडल्स की कीमतों में 30,000 रुपये तक की वृद्धि की घोषणा की थी। इससे स्पष्ट है कि बढ़ती लागत का असर पूरे भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग पर दिखाई दे रहा है।

कार खरीदने वालों के लिए क्या है सलाह?

यदि आप अभी कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो नई कीमतों को ध्यान में रखते हुए अपना बजट तय करना जरूरी है। साथ ही विभिन्न कंपनियों के ऑफर्स, एक्सचेंज बोनस, कॉर्पोरेट डिस्काउंट और फाइनेंसिंग स्कीम्स की तुलना करके बेहतर सौदा हासिल किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स लागत में राहत नहीं मिलती है, तो आने वाले महीनों में अन्य वाहन निर्माता कंपनियां भी कीमतों में संशोधन कर सकती हैं।

जून 2026 से लागू हुई ह्यूंदै की नई कीमतों ने कार खरीदने की लागत को थोड़ा बढ़ा दिया है। हालांकि बढ़ोतरी बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन यह संकेत जरूर देती है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर अभी भी बढ़ती लागत और महंगाई के दबाव से जूझ रहा है। ऐसे में नई कार खरीदने से पहले कीमतों, ऑफर्स और फाइनेंस विकल्पों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

- डॉ. अनिमेष शर्मा

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