By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 09, 2022
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने रविवार को कहा कि राज्य पुलिस आगामी विधानसभा चुनाव को सकुशल एवं पारदर्शिता से संपन्न कराने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने बताया कि चुनाव की दृष्टि से राज्य के 95 विधानसभा क्षेत्र संवेदनशील चिन्हित किये गये हैं। एडीजी कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि सात चरणों में (दस फरवरी से सात मार्च के बीच) उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए 92,821 मतदान केंद्र और कुल 1,74,351मतदेय स्थल बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों में 2017 के सापेक्ष में 2.24 प्रतिशत और मतदेय स्थलों में18.45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
कुमार ने बताया कि जिलों में 275 और कारागारों में निरूद्ध 869 ऐसे अपराधी चिन्हित किये गये हैं जो अपरोक्ष रूप से जेल में निरुद्ध रहते हुए निर्वाचन में व्यवधान उत्पन्न कर सकते हैं, लिहाजा उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। एडीजी ने बताया कि निर्वाचन के दृष्टिगत प्रारंभिक स्तर पर विभिन्न वजहों से उत्तर प्रदेश के 95 विधानसभा क्षेत्र संवेदनशील चिन्हित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के सात जिलों पीलीभीत, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी की सीमा नेपाल से लगी है और इन जिलों के 14 विधानसभा क्षेत्र नेपाल सीमा से सटे हैं,इसके अलावा प्रदेश के तीस जिलों की सीमा नौ सीमावर्ती राज्यों से सटी हैं और इनमें 74 विधानसभा क्षेत्रों की सीमाएं जुड़ती हैं।
उन्होंने बताया कि अपराधियों एवं अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अन्तरराष्ट्रीय सीमा पर 107 एवं अन्तरराज्यीय सीमा पर 469 जांच चौकी स्थापित की जाएगी, जहां पर 24 घंटे तीन पालियों में पुलिस बल की तैनाती कर एवं सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर नियमित जांच होगी। उन्होंने कहा कि कोविड नियमों का पालन कराया जाएगा। एडीजी ने कहा कि उत्तर विधानसभा चुनाव सकुशल संपन्न कराना पुलिस के लिए चुनौती है और पुलिस पूर्ण मनोयोग, निष्ठा, परिश्रम, उपलब्ध संसाधनों एवं नवीन तकनीक का उपयोग करते हुए सकुशल चुनाव संपन्न कराएगी।