बच्चों के अस्पताल में आग के बाद एक्शन में AAP सरकार, दिल्ली के सभी अस्पतालों में हो फायर ऑडिट

By अभिनय आकाश | May 28, 2024

विवेक विहार में एक नवजात शिशु देखभाल केंद्र में आग लगने से छह नवजात शिशुओं की मौत के एक दिन बाद, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के सभी अस्पतालों को अग्नि सुरक्षा ऑडिट करने और 8 जून तक राज्य स्वास्थ्य विभाग को अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ दिल्ली सचिवालय में एक बैठक के बाद भारद्वाज ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल आग की घटनाओं से निपटने के लिए सुसज्जित हों। अधिकारियों ने बताया कि यह बैठक शनिवार देर रात लगी आग के बाद शहर के अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी।

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भारद्वाज ने कहा कि नियम है कि 9 मीटर से कम ऊंचाई वाले अस्पतालों को फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) की आवश्यकता नहीं है। यही कारण है कि इस अस्पताल के पास फायर एनओसी भी नहीं थी. अब, हमने निर्देश जारी किए हैं कि सभी अस्पतालों, चाहे एक मंजिला या दो मंजिला, उनके परिसर में आग से निपटने के लिए सभी सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी अस्पतालों में उनकी ऊंचाई की परवाह किए बिना जल छिड़काव प्रणाली और स्वचालित धुआं डिटेक्टर स्थापित किए जाएं ताकि आग को इमारत में फैलने से रोका जा सके।

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दिल्ली के अस्पताल की कहानी भी ज्यादा कुछ अलग नहीं है। विवेक विहार स्थित बेबी केयर न्यू बोर्न हॉस्पिटल में भीषण आग लग गई और जल्द ही आसपास की दो इमारतों में फैल गई। इस घटना में कम से कम सात नवजात शिशुओं की मौत हो गई और पांच घायल हो गए। अस्पताल भी सुरक्षा नियमों का पालन करने को लेकर भी सवालों के घेरे में है। दिल्ली पुलिस के अनुसार इसमें पर्याप्त सुरक्षा उपायों का अभाव था और यह एक्सापयर हो चुके लाइसेंस पर चल रहा था। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) द्वारा बेबी केयर न्यू बोर्न चाइल्ड हॉस्पिटल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च 2024 को पहले ही समाप्त हो चुका था। पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि यहां तक ​​कि उक्त अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस भी केवल पांच बिस्तरों के लिए ही अनुमति देता है। 

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