By अभिनय आकाश | Apr 21, 2026
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि करीब 15 साल पहले बलरामपुर पुलिस स्टेशन सुबह दस बजे भी बंद रहता था, जबकि आज बलरामपुर के निवासी और पर्यटक टीएमसी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के तहत शांति से रह रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस इलाके में काफी विकास हुआ है। पहले, पुरुलिया शहर से फायर टेंडर को आने में दो घंटे तक लग जाते थे, लेकिन अब बलरामपुर का अपना फायर स्टेशन है। इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी भी काफी बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि लेफ्ट फ्रंट के शासनकाल के दौरान इस इलाके में माओवादियों का दबदबा था, लेकिन अब यहाँ पूरी तरह से शांति बहाल हो गई है। पिछली राजनीतिक घटनाओं का ज़िक्र करते हुए बनर्जी ने बताया कि 2018 के ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान बीजेपी के दो नेताओं की मौत असामान्य परिस्थितियों में हुई थी। 2019 और 2021 में बीजेपी ने यह सीट जीती और उनके अनुसार, त्रिलोचन महतो और दुलाल कुमार की मौत को लेकर "गंदी राजनीति" की।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को नरेन्द्र मोदी को पश्चिम बंगाल की मौजूदा सरकार का ‘सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर’ बताया और कहा कि प्रधानमंत्री का झाड़ग्राम में झालमुड़ी खरीदना इस बात का सबूत है कि टीएमसी ने इस क्षेत्र को माओवादी हिंसा से बचाया है। उन्होंने भाजपा पर जमीनी हकीकतों को नजरअंदाज करते हुए टीएमसी सरकार पर निराधार राजनीतिक हमले करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने कहा, ‘‘जो लोग बंगाल की कानून व्यवस्था की आलोचना करते हैं और राज्य को गुजरात, उत्तर प्रदेश या मध्य प्रदेश में बदलने का वादा करते हैं, उन्हें याद करना चाहिए कि 2011 से पहले यहां जीवन कैसा था।’’ ममता बनर्जी की टीएमसी ने 2011 में पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा को सत्ता से बेदखल कर दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘उस समय झाड़ग्राम, गोपीबल्लभपुर, लालगढ़, बिनपुर और निताई में लोग दोपहर के बाद घर से बाहर नहीं निकल सकते थे। उस समय प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर भी झाड़ग्राम में नहीं उतर पाता। लेकिन आज की स्थिति देखिए।’’ टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि जंगलमहल में शांति की बहाली ममता बनर्जी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में से एक है। अभिषेक ने झाड़ग्राम के लालगढ़ में एक चुनावी रैली में कहा, ‘‘मैं नरेन्द्र मोदी को ममता बनर्जी सरकार का सबसे बड़ा ‘ब्रांड एंबेसडर’ मानता हूं। पिछले 15 वर्षों में मैंने उन्हें गुजरात या मध्य प्रदेश में कभी झालमुड़ी खाते नहीं देखा। लेकिन उन्होंने झाड़ग्राम में ऐसा किया। यह मां-माटी-मानुष की जनता की सफलता है।’’ प्रधानमंत्री, जो अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ थे, ने दुकानदार को झालमुड़ी खरीदने के लिए पैसे दिए। जब दुकानदार ने पैसे लेने से इनकार कर दिया, तो प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि वह पैसे स्वीकार करे।