By अभिनय आकाश | Jul 27, 2026
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को सोशल मीडिया पर फैलाई गई कथित मानहानि वाली पोस्ट और डीपफेक कंटेंट के लिए Google, X और Meta जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ सिविल मानहानि का मुकदमा दायर करने की इजाज़त दे दी।'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस अभय आहूजा की बेंच ने गडकरी को यह मुकदमा दायर करने की मंज़ूरी तब दी जब उनके वकील संदीप एस. लड्डा ने दलील दी कि कथित मानहानि वाला कंटेंट मुंबई में यूज़र्स के लिए अलग-अलग इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध था। इससे बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में मामले का एक बड़ा हिस्सा बनता है।
प्रस्तावित सिविल केस में गडकरी ने कथित तौर पर मानहानि करने वाली सामग्री के पब्लिकेशन और सर्कुलेशन पर स्थायी और अनिवार्य रोक लगाने की मांग की है। इस सामग्री में ऐसा कंटेंट शामिल है जिसमें उन पर झूठे बयान थोपे गए हैं, अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है, और उनकी सहमति के बिना उनके नाम, तस्वीर, चेहरे के हाव-भाव और आवाज़ का इस्तेमाल करते हुए AI से बनाए गए ऑडियो और विज़ुअल का इस्तेमाल किया गया है। केंद्रीय मंत्री का दावा है कि इस सामग्री से उनकी प्रतिष्ठा, गुडविल, सम्मान और पब्लिक इमेज को "गंभीर और अपूरणीय" नुकसान पहुंचा है, साथ ही उनके पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी अधिकारों का भी उल्लंघन हुआ है। हाई कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद, गडकरी अब मेटा, X, गूगल और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ मानहानि का सिविल केस करेंगे और मानहानि करने वाले और मनगढ़ंत कंटेंट के कथित प्रसार के खिलाफ कानूनी उपाय मांगेंगे।