By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 15, 2026
टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) संजय बंगा ने बृहस्पतिवार को कहा कि टाटा समूह में नेतृत्व और प्रशासन से जुड़े मतभेदों के बावजूद कंपनी वित्त वर्ष 2027-28 तक करीब 28,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना पर आगे बढ़ेगी। बंगा ने कहा कि टाटा पावर की अनुषंगी कंपनी का संचालन उसके निदेशक मंडल द्वारा स्वतंत्र रूप से किया जाता है और प्रवर्तक स्तर पर जारी मतभेदों का उसकी विस्तार योजनाओं पर असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने टाटा समूह में जारी विवाद के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर कहा, हमारी कंपनी एक सूचीबद्ध कंपनी का हिस्सा है, जिसका प्रबंधन निदेशक मंडल करता है।
वित्त वर्ष 2027-28 में निवेश बढ़ाकर करीब 15,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य है। कंपनी की विस्तार योजना में बड़े सौर एवं पवन ऊर्जा संयंत्रों के अलावा छतों पर सौर इकाई लगाने की रूफटॉप परियोजनाएं और बैटरी ऊर्जा भंडारण शामिल हैं। बंगा के मुताबिक, कंपनी का लक्ष्य मार्च 2027 तक बड़े और वाणिज्यिक सौर एवं पवन ऊर्जा संयंत्रों के जरिये तीन गीगावाट क्षमता जोड़ने के साथ दो गीगावाट रूफटॉप सौर क्षमता स्थापित करना है।
सितंबर तक दोनों श्रेणियों में करीब 800-800 मेगावाट क्षमता स्थापित की जा चुकी थी। कंपनी की कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 7.2 गीगावाट है, जिसमें 5.5 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता शामिल है। उसकी बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता करीब 200 मेगावाट-घंटा है, जिसे अगले एक साल में बढ़ाकर दो गीगावाट-घंटा करने की योजना है।
बंगा ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 17,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखा है। पिछले वित्त वर्ष में उसका राजस्व 14,500 करोड़ रुपये था।